Shakti Pumps (India) Limited (BOM:531431)
522.00
-8.20 (-1.55%)
At close: May 14, 2026
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Q2 24/25
Oct 28, 2024
Ladies and gentlemen, good day and welcome to the Q2 and H1 2025 earnings conference call. As a reminder, all participants' lines will be in listen-only mode, and there will be an opportunity for you to ask questions after the presentation concludes. Should you need assistance during the conference call, please signal an operator by pressing star, then zero on your touch-tone phone. Please note that this conference is being recorded. I now hand the conference over to Mr. Rohit Anand from Ernst & Young LLP. Thank you, and over to you, sir.
Good afternoon, everyone. Before we proceed, let me remind you that the discussion may contain forward-looking statements that may involve known or unknown risks, uncertainties, and other factors. It must be viewed in conjunction with our business risks that could cause future result performance or achievements to differ significantly from what is expressed or implied by such forward-looking statements. To take us forward through the financial results and development and to answer your questions today, we have the senior management of Shakti Pumps (India) Limited, represented by Mr. Dinesh Patidar, Chairman; Mr. Ramesh Patidar, Managing Director; Mr. Dinesh Patel, Chief Financial Officer; and Mr. Ravi Patidar, CS and Compliance Officer. We will start the call with a brief overview of the past quarter by Mr. Dinesh Patidar, followed by a Q&A session. I will now hand over the call to Mr. Patidar. Over to you, sir.
Thank you, Rohit.
दोस्तों, नमस्कार और हमारे साथ जुड़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आज मुझे बड़ी खुशी है कि मैं आज आपको हमारे क्वार्टर के रिजल्ट के लिए आया हूं और यह बता रहा हूं कि हमने हमारे सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। अगर आप देखें तो हमारा सबसे बड़ा क्वार्टर मार्च 2024 का था, जो INR 609 करोड़ का था। उसके सामने हमने अभी यह क्वार्टर INR 633 करोड़ का किया है। मार्जिन में भी जून का क्वार्टर, जो हमारा INR 136 करोड़ का था, जिसमें हमने मार्जिन INR 136 करोड़ रखा था, वो अभी INR 149 करोड़ है। तो यह बताते हुए मुझे बड़ी खुशी हो रही है कि अब कंपनी हमारी आगे की ओर चल रही है और बहुत ही अच्छे तरीके से हमारी टीम ने बहुत बेहतरीन काम किया है। इस क्वार्टर में हमारा रेवेन्यू, जो INR 635 करोड़ रुपए रहा है, वो पिछले वर्ष की तुलना में करीब तीन गुना है। PAT भी, जो INR 101 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल की तुलना में 16 गुना है। तो इस क्वार्टर के फाइनेंसियल ईयर की पहली छमाही को और भी बेहतर बनाने में हमारे इस क्वार्टर ने योगदान दिया है। हमारी उपलब्धि जो है, वो एक्सपोर्ट को भी जाता है। एक्सपोर्ट में भी हमको अच्छे ऑर्डर्स मिले हैं और देश में भी हमने अच्छा काम किया है। इसलिए मैं हमारी टीम को धन्यवाद देता हूं। हमारे पास आज की तारीख में जो बकाया ऑर्डर है, वो लगभग INR 1800 करोड़ के हैं। PM कुसुम योजना में हमारी प्रमुख स्थिति ऑर्डर निरंतर प्राप्ति की ओर बढ़ रही है। हमें बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि भारत सरकार ने हमें कोर पैटर्न, 15वां पैटर्न हमें दिया है, जो हमारी VFD को, जो BL जैसी टेक्नोलॉजी को मजबूत बनाने के लिए है, जिससे कि आने वाले समय में हमें कंपटीशन और प्राइसिंग का भी इस पैटर्न की वजह से हमको उसका थोड़ा फायदा हम देख रहे हैं। जैसा कि आप सभी को पता है कि हमने पिछले समय हमारी बोर्ड ने 5:1 के रेशो से बोनस इशू की सिफारिश की है, जो कि कंपनी मजबूत वित्तीय ग्रोथ को देखते हुए शेयरधारकों को रिवार्ड करने की हमारे कमिटमेंट का प्रमाण है। हमारे मार्जिन में भी, जो आप देख रहे हैं, उसमें भी खासकर हमारे जो पिछले साल के आप प्राइसिंग स्ट्रक्चर को पिछले क्वार्टर को देखेंगे, पिछले साल के पिछले क्वार्टर को देखेंगे, उससे हमारे रॉ मटेरियल प्राइस में भी हमको फायदा मिला है, जिसका फायदा हमारे शेयर होल्डर्स को मिला है। और जो हमारी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ रही है, उसके कारण भी हमको जो उसका फायदा मिला है, वो आप मार्जिन के रूप में देख रहे हैं। इसके अलावा, रिटेल सेक्टर में भी हमारी कंपनी आगे बढ़ रही है। हम एक्सपोर्ट में भी आगे ग्रो कर रहे हैं और हम इंडस्ट्रियल मार्केट में भी आगे की तरफ जा रहे हैं। और सोलर में भी एग्री मार्केट की तरफ बिना सब्सिडी का बिजनेस है, उसमें भी हम अपने पांव आगे की तरफ बढ़ा रहे हैं। और कुछ हम नई स्ट्रेटजी बनाकर उस बिजनेस को भी हम करने जा रहे हैं। और आगे के फाइनेंसियल के लिए मैं दिनेश पटेल को कॉल करता हूं। ओवर टू दिनेश पटेल। Thank you, sir.
Good afternoon. Good afternoon, everyone. We delivered a remarkable performance during Q2 and the first half of financial year 2025. We reported revenue from operations of ₹634.6 crores in Q2 FY25, which was ₹152.8 crores in Q2 FY24, a growth of 315% on a year-on-year basis. EBITDA increased to ₹148.7 crores this quarter, as compared to ₹15.2 crores in the corresponding quarter of the previous year. EBITDA margin expanded significantly to 23.4% from 10% in Q2 FY24. This expansion was largely due to higher execution of orders and realization of economies of scale. PAT of Q2 FY25 stood at ₹101.4 crores, with a PAT margin of 16%, as compared to ₹5.9 crores at a PAT margin of 3.8% in Q2 FY24. Earnings per share for the quarter was ₹50.6, as compared to ₹3.2 per share in Q2 FY24.
In H1 FY25, the company recorded revenue amounting to ₹1,202.2 crore, which represents a substantial 3.5x increase from ₹265.8 crore in H1 FY24. EBITDA also witnessed a significant rise to ₹284.6 crore, translating to an EBITDA margin of 23.7%, as compared to ₹23.1 crore and an EBITDA margin of 8.7% in H1 FY24. PAT for H1 FY25 stood at ₹194.1 crore, with a PAT margin of 16.1%, as compared to ₹6.9 crore and a PAT margin of 2.6% in H1 FY24. EPS for H1 FY25 was ₹96.9 per share, as compared to ₹3.4 per share in the corresponding period of last year. The company's long-term credit rating remained at A+ stable from India Ratings and Research. With our strong balance sheet and the key metrics, we are confident in the timely completion of order books and consolidate our position in the market.
With this, I now request the moderator to open the floor for question and answer. Thank you.
Thank you very much. We will now begin the question and answer session. Anyone who wishes to ask a question may press star and one on the touch-tone telephone. If you wish to remove yourself from the question queue, you may press star and two. Participants are requested to use handsets while asking a question. Ladies and gentlemen, we will wait for a moment while the question queue assembles. The first question is from the line of Ashish Soni from Family Office. Please go ahead.
Sir, what about margin sustainability? Last quarter, you said margin can improve, but is it peak right now? What's your sense on the margin?
हाँ, मार्जिन में क्या है?
रॉ मैटेरियल का रोल आपने देखा पिछले साल से। इस पुराने क्वार्टर से जो दो-तीन क्वार्टर देखे, उसमें रॉ मैटेरियल एस्टैब्लिश हो गया, तो मार्जिन आपके सामने है। और R&D कंपनी है, इसलिए मार्जिन भी जो आप देख रहे हो, उसका फायदा मिलता है। बेसिकली तो प्राइस को कंपटीशन डिसाइड करता है। तो अभी हमारे कंपटीशन में बड़ा प्लेयर कोई है नहीं, इसलिए अच्छा मार्जिन अभी आप जो देख रहे हो, वो मेंटेन है। ये बहुत ही बढ़िया मार्जिन है। इसको कैलकुलेट करने का और एक तरीका ये हो सकता है कि हमने सोलर पैनल जो परचेज किए हैं, वो अगर आप मानस करो, तो मार्जिन आपको, हमको ये और बढ़ा हुआ मार्जिन आपको दिखेगा। आशीष जी, ऐसा है कि ये मार्जिन हमारे हिसाब से तो अच्छा है और हम इसको बिल्कुल बनाए रखने में भी पूरी कोशिश कर रहे हैं। रॉ मैटेरियल जो है, वो हमारा रॉ मैटेरियल ज्यादातर डिपेंड डॉलर्स पे रहता है, क्योंकि सारा मैटेरियल कॉपर और स्टील और सोलर पैनल जो है, हमारा मेजर परचेज जो है, सोलर पैनल का ही है। और सोलर पैनल भी जो है, वो हमको डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरर से खरीदना है। तो सोलर पैनल के रेट भी पिछले दो-तीन क्वार्टर से अब एस्टैब्लिश हो चुके हैं और हमको लग रहा है कि और अच्छे तरीके से हम इसको करने जा रहे हैं।
ओके, दूसरा क्वेश्चन, सर, इज मोर ऑन आपका जो कैपेसिटी है सोलर पंप्स का, उससे आपका रेवेन्यू INR 2,500 करोड़ के आसपास आएगा कि और ज्यादा जा सकता है? करंट कैपेसिटी, आई नो, कैपेसिटी एक्सपेंशन भी अपन प्रोग्रेस में है, राइट?
हां, देखिए, हमारी जो करंट कैपेसिटी है, उसमें तो हम पुराने कालों में बोलते आए हैं कि हम INR 2,500 करोड़ तो इसी कैपेसिटी में कर सकते हैं। दूसरा, एक्सपेंसेस ऑलरेडी हम प्लान कर चुके हैं और उसके लिए हमको ऑलरेडी SBI और NIC से इक्विटी मिल चुकी है, तो वो भी प्रोग्रेस में है। आने वाले समय में हम अपनी जो कैपेसिटी है, उसको भी बढ़ाने जा रहे हैं।
तो इस साल क्या मान सकते हैं कि ₹2,500 करोड़ के आसपास तक के मतलब आपका बॉटलनेक हो जाएगा? क्या अगर कैपेसिटी में रहेगी नेक्स्ट छह महीने, एक साल, मे बी आफ्टर छह महीने के बाद?
आशीष जी, आपका प्रश्न तो बहुत अच्छा है, लेकिन हम अब कुछ हमारे सिस्टमों से बंधे हुए हैं। हम एक क्वार्टर की गाइडलाइन देते हैं। मैं आपको अपने अगले क्वार्टर की गाइडलाइन यह दे रहा हूं कि हम ₹500 करोड़ तो मिनिमम करेंगे ही, करेंगे नेक्स्ट क्वार्टर में।
नहीं, बट मेरा क्वेश्चन अब मतलब रिपीट करता हूं, सर, कि ₹2,500 करोड़ जब तक आपका एक्सपेंशन नहीं आएगा, क्या अपना बॉटल नेक हो सकता है? क्या मतलब छ महीने, एक साल के लिए? दैट्स द क्वेश्चन।
अच्छा जी, इसमें एक्चुअली क्या है, हम पहले भी कमीशन अपना कर चुके हैं कि जो एक्सिस्टिंग कैपेसिटी है, वो INR 2,500 करोड़ के लिए सफिशिएंट है। बट हां, हमारी एक्सिस्टिंग कैपेसिटी में हम कुछ मशीनों को ऐड ऑन करते हैं, तो अराउंड हम INR 3,000 करोड़, INR 3,200 करोड़ तक अचीव कर सकते हैं।
और वो कितने दिन में होगा, सर? मशीन ऐड करने की जो बात की, तीन से छह महीना, कितना दिन लगेगा?
हां, आराम से, आराम से, तीन महीने के अंदर वो काम कर सकते हैं। तो हम अपनी ऑर्डर बुक और अपना एग्जीक्यूशन दोनों को बहुत माइनरली चेक कर रहे हैं। और जैसे ही वो चीजें होती हैं, तो हम उसको अपने इसमें इंप्लीमेंट करते जाएंगे।
ओके, थैंक यू, ऑल द बेस्ट, सर।
थैंक यू, थैंक यू, आशीष।
थैंक यू। द नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ फ्रॉम द लाइन ऑफ़ अंकित जैन फ्रॉम आईआईएसएल। प्लीज़ गो अहेड।
कांग्रेचुलेशन, सर। बहुत ही अच्छे नंबर्स हैं। मुझे दो या तीन क्वेश्चन मेरे थे। मुझे खाली वो जानना था कि अपना ये क्वार्टर का सोलर का जो रेवेन्यू आया है, उसमें मुझे स्टेट वाइज ब्रेकअप चाहिए था।
वो तो पॉसिबल नहीं है। स्टेट वाइज ब्रेकअप के लिए मैं आपको अलग से मेल कर दूंगा। टोटल हम बता पाते हैं कॉल फोन कॉल में। तो टोटल में अगर आप बात करेंगे तो 18,460 काउंट हमने इस क्वार्टर में किया है, जो रेवेन्यू है अराउंड INR 487 करोड़।
ओके, जो लास्ट क्वार्टर में कितना था?
जो लास्ट क्वार्टर में अगर इसकी सेम टू सेम बात करते हैं, तो ₹445 करोड़ किया था, जो हमने 14,923 पंप से किया था।
ओके, सर। और सर, नए ऑर्डर्स इनफ्लो का क्या सिचुएशन है? आप बता पाएंगे महाराष्ट्र से या हरियाणा से, मध्य प्रदेश से?
तो लास्ट क्वार्टर में हमको यूपी से एक ऑर्डर मिला था, जिसको हमने ऑलरेडी एक्सचेंज को भी इन्फॉर्म किया था। अभी बाकी ऑर्डर इन पाइपलाइन है। जैसे ही आएंगे, तो फिर आपको इन्फॉर्म करेंगे।
कौन से स्टेट से है? कोई आईडिया आ पाएगा?
ऑलरेडी INR 1800 करोड़ के ऑर्डर बुक है कंपनी के पास। वो जो आपको बता चुके हैं प्रेजेंटेशन में। जी नहीं, वो तो सही है। ठीक है। तो और महाराष्ट्र का स्टेट इलेक्शन अभी आ रहा है, तो उसका एग्जीक्यूशन पे तो कोई इंपैक्ट नहीं होना चाहिए। आप? नहीं, नहीं, नहीं। पहले से ऑर्डर इशू हुए हैं, तो उसमें कोई इशू नहीं है। आचार संहिता के पहले से ऑर्डर जो चल रहे हैं, वो कंटिन्यू चलेंगे।
ओके। और सर, अजमेर का एग्जीक्यूशन थोड़ा स्लो ही जा रहा है, क्योंकि अभी तक आई थिंक INR 139 करोड़ का आपने प्रेजेंटेशन में दिया हुआ है, INR 150 करोड़ का तो ऑर्डर था, सिर्फ INR 11 करोड़ का एग्जीक्यूशन हुआ है। तो उसका पिकअप होना चाहिए अभी। और कब तक आपको ये डिलीवर करना है, वो थोड़ा आप बताइए?
इस क्वार्टर में भी ये पायलट प्रोजेक्ट है, क्वेश्चन बी का हिस्सा है। तो उसमें भी इस क्वार्टर में भी कुछ अच्छा काम हुआ है। क्योंकि वहां चैलेंजेस हैं, उसके तो हम उसको करते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। उनके लिए भी चैलेंज है, डिपार्टमेंट के लिए भी, क्योंकि वो पहला ऑर्डर है। और हमारे लिए भी चैलेंज है, क्योंकि हमको ग्रिड कनेक्टिविटी फील्ड में लेनी है। अभी तक हम अपग्रेड के लोग हैं, अपग्रेड में खूब स्पीड से काम करते हैं। लेकिन यहां ग्रिड के साथ कनेक्ट कनेक्शन करना है, कनेक्टिविटी देनी है, तो थोड़े चैलेंजेस आ रहे हैं। हम जानबूझकर थोड़ा स्लो चल रहे हैं, स्थापित करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस क्वार्टर में भी एक अच्छा हमने वहां पे काम किया है।
ओके, सर। मेरा आखिरी क्वेश्चन है, अपना महाराष्ट्र के जो ऑर्डर 900 के ऊपर थोड़े ऑर्डर जो बाकी हैं, उसका एग्जीक्यूशन टाइमलाइन क्या है? और यूपी का एग्जीक्यूशन टाइमलाइन क्या है?
12 महीने है, 12 महीने उसका।
उसका 12 महीने है। मतलब ये ₹900 करोड़ के अगले चार क्वार्टर में एग्जीक्यूट हो जाएगा।
राइट, राइट। ओवरऑल ऑर्डर बुक हमको नेक्स्ट 12 मंथ में एग्जीक्यूट करना है।
ओके, ओके। थैंक यू सो मच, सर। ऑल द बेस्ट।
थैंक यू, अंकित जी। थैंक यू।
Thank you very much, ladies and gentlemen. In order to ensure that the management is able to answer questions from all the participants in the conference, please limit your questions to two per participant. The next question is from the line of Vivek Gautam from GS Investment. Please go ahead. Yes, sir, congratulations for excellent numbers yet again by you, sir. बहुत अच्छा काम कर रहे हैं आप और आपकी पूरी टीम। Sir, मेरा concern था थोड़ा सा ये जो receivables को लेकर हमारा mostly client concentration है state government के साथ में। Maharashtra, Haryana और एक दो states और हैं। तो client concentration risk कैसे handle कर रहे हैं हम? और इनके receivables और data days को लेकर कोई हमें कुछ ज्यादा चिंता की बात है या हम उस पर already carefully काम करते हैं और तभी हम आगे बढ़ते हैं?
और ये दैट इज द फर्स्ट वन। सर, या, विवेक, आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है और आपने इतने अच्छे तरीके से उसको देखा है। पहले तो ये बिजनेस को अपने को समझना पड़ेगा कि यहां पैसा सिक्योर्ड है। हमारा पैसा स्टेट गवर्नमेंट के पास सिक्योर्ड है, मतलब वो पैसा डूबेगा नहीं, आएगा ही आएगा। दूसरा, ये बिजनेस का एक ये तरीका भी है कि हम लोग जो है, ये देख लेते हैं, बाहर जाते हैं क्योंकि पुराना एक्सपीरियंस हमारा है। आपने देखा होगा हमारी पुरानी कॉल अगर आपने अटेंड की हुई तो हमने महाराष्ट्र का काम रोक दिया था क्योंकि वहां बजट होते हुए भी हमको पैसा टाइम पे नहीं मिल रहा था। इसलिए हमने वहां नंबर्स कम किए और इसलिए हमने उसको एग्जीक्यूट किया। और पिछले क्वार्टर में हमको जब लगा कि हां, पेमेंट राइट आने लगा है और हम अब टाइम पे पेमेंट अपने को मिलने लगा है, तो हमने उसको फिर स्पीड वापस भी बढ़ाई। तो हम देख भी लेते हैं कि जहां पे हमको पेमेंट की श्योरिटी हो जाती है, वहीं हमारी टीम आगे स्पीड से काम करती है। नहीं तो हम थोड़ा स्पीड धीमे करते हैं। हमारे डेट शेयर्स जरूर आपको थोड़े बढ़े हुए दिख रहे हैं। उसके पीछे कुछ-कुछ रीज़न्स ऐसे हैं जो कि भारत सरकार ने अपने सिस्टम में कुछ अमेंडमेंट किया है। PMS करके फाइनेंसियल RBI के थ्रू कुछ वो सरकारी स्कीम चलाने जा रहे हैं। तो उस स्कीम में जो अकाउंट्स खुलने हैं और प्रोसेस होनी है और वो पैसा उनके थ्रू आना है, वो अभी फिलहाल इसी क्वार्टर में यूपी में, हरियाणा में, राजस्थान में, महाराष्ट्र में ट्रायल ट्रेड होके उनकी सब्सिडी का पैसा आना चालू हो गया है। तो अब हमको ऐसा लगता है आने वाले समय में हम और स्पीड से अपना पेमेंट निकाल पाएंगे और आने वाले समय में और फास्ट इसकी करने की कोशिश हम जारी रखेंगे। हम जहां स्टेट का बजट होता है, वहीं प्लान करते हैं। तो एक सॉलिड, एक हमको ये तो हो ही जाता है कि अब हमारा पैसा डूबेगा नहीं, कहीं पैसा तो आएगा। हो सकता है थोड़ा बहुत एक आद महीने आगे पीछे हो। और जब अगर क्वार्टर हाईएस्ट हो और रिकॉर्ड हमारे सारे जा रहे हो और 90 से 100 दिन हमारी प्रोसेस हो, तो वहां पे कोई बड़ी बात नहीं है कि अगर हमारे डेट ऑफ 130 दिन या 120 दिन के हो जाए। दिस इज अ मतलब आप ये बोल सकते हो कि एक ये नेचरल बात है और उसको अब आगे हमारे ध्यान में भी है और उसको हम कंट्रोल में भी जा रहे हैं। थैंक यू, सर। सर, और सर ये थोड़ा सा मार्केट साइज़ और एक्सपेक्टेड ग्रोथ रेट हमारी बोथ फॉर सोलर पंप्स एंड इन द टाइम टू कम और बोथ फॉर सोलर पंप्स एंड द सोलर पावर इन जनरल फॉर इंडिया, कितना बड़ा चेंज है ये मिडिल ईस्ट के क्रूड का जो रिप्लेसमेंट वगैरह पॉसिबल है। मतलब जो कम हो जाए, एटलीस्ट इंपोर्ट तो कम हो जाए, तो कितना पोटेंशियल है। और सर, गवर्नमेंट तो समझ रही है, तो उस हिसाब से क्या पोटेंशियल लगता है किन-किन स्टेट्स में और अभी पोटेंशियल आना बाकी है। सर, थैंक यू। इसमें तो ऐसा है कि सोलर तो बिजनेस यस, हमारे जो सोलर बिजनेस सिस्टम है, ये हमारे देश की तरक्की का एक आधार बनने वाला है आने वाले समय में। और बिजली के मामले में, पावर के मामले में तो यस, आज की तारीख में सारे डिस्कॉम लॉस हुए हैं और उनको प्रॉफिट में लाने का एक ही तरीका है जो एग्रीकल्चर पंप्स को कनेक्टेड किया जाए सोलर के साथ। तो आने वाले समय में यस, डेफिनेटली सोलर का मार्केट और बढ़ेगा। अभी तो कुछ नहीं है, ये पायलट है हमारे हिसाब से। तो ये तो सिर्फ टेस्टिंग है मार्केट की। मार्केट जो है, टोटल इंडिया का मार्केट है, 45 करोड़ पंप को कनेक्शन जो है, वो ग्रिड के साथ है। मतलब जो अभी ग्रिड कनेक्शन पंप की रिक्वायरमेंट है, वो तो 45 करोड़ पंप की रिक्वायरमेंट है और अपग्रेड है, वो भी तकरीबन उतने इसी के आसपास है। तो बहुत बड़ा मार्केट है। अभी हम उस मार्केट के उस साइज़ को तो अभी उसका जो लिमिट्स है और बाकी गवर्नमेंट का सभी का ध्यान है। और हमको लगता है आने वाले समय में धीरे-धीरे स्पीड इसकी और बढ़ेगी और हम भी इसमें अपना योगदान अच्छे से देंगे।
सर, इसमें थोड़ा सा ये था कि ये पोटेंशियल तो काफी दिनों से बोल रहे हैं, लेकिन थोड़ा एग्जीक्यूशन स्लो है और कम है। क्या कारण कुछ हो सकता है, कुछ सुधार होने की उम्मीद लगती है। सर, आर.के. सिंह साहब जैसे पावर मिनिस्टर थे, उनके सामने काफी अच्छा चल रहा था और नए मिनिस्टर हैं, उस तरीके से मतलब कुछ स्लो डाउन लग रहा है। सर, उस तरीके से कुछ बात हो सकती है।
नहीं, नहीं, स्लो डाउन तो नहीं लग रहा है। आप ही देखिए, हम ही ग्रोथ कर रहे हैं और हम ही लीडर हैं इस मार्केट के। तो हम जिस स्पीड से ग्रो कर रहे हैं, उसी स्पीड से ये स्कीम भी ग्रो करेगी। तो एक-एक हर चीज की एक सीमा होती है। तो अब धीरे-धीरे ग्रो हो रही है। जैसा आप देख रहे हो कि हमने पिछले क्वार्टर से, पिछले साल से क्या ग्रोथ किया है, इसी स्पीड से और आगे भी इस स्कीम आगे चलती जाएगी।
करेक्ट, करेक्ट, करेक्ट। यस, ओके। जी, ठीक है। थैंक यू वेरी मच। कीप अप द गुड वर्क, सर। थैंक यू वंस अगेन।
थैंक यू। द नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ फ्रॉम द लाइन ऑफ दीपक पुरुषवानी फ्रॉम स्वान इन्वेस्टमेंट्स। प्लीज़ गो अहेड। थैंक यू फॉर टेकिंग माय क्वेश्चन, सर। एंड कांग्रेचुलेशंस ऑन ग्रेट सेट ऑफ नंबर्स। सर, एक क्वेश्चन है रिगार्डिंग लास्ट ईयर। आपने गाइड किया था कि FY25 में करीब 35% से ग्रो करेंगे। सो, अपना टॉप लाइन का गाइडेंस करीब ₹1,800 करोड़ के आसपास आता है फॉर FY25। लेकिन ये दो क्वार्टर में ही आपने ₹1,200 करोड़ का किया। सो, हेंस, डू यू वांट टू रिवाइज़ द गाइडेंस वन? एंड उस ग्रोथ लाने के लिए आपको ऑर्डर विज़िबिलिटी क्या लग रही है? एग्जीक्यूशन तो आपका बहुत अच्छा चल रहा है, लेकिन फिर अगले साल इंक्रीमेंटल ऑर्डर विज़िबिलिटी क्या लग रही है? इसके ऊपर कुछ गाइडेंस दे सकते हैं?
हां, दीपक, आप बिल्कुल बहुत अच्छे से आपने देखा है इसको कि ये जो हमने जो आपको गाइडलाइन दी थी, वो INR 1,800 करोड़ थी और दो क्वार्टर में हमने INR 1,200 करोड़ कर लिए हैं। हमने जो किया है INR 1,200 करोड़, ये भी बहुत अचीवेबल है और आगे भी हम अच्छा ही करेंगे। अगले नेक्स्ट क्वार्टर, क्वार्टर थ्री की हम गाइडलाइन आपको INR 500 करोड़ की दे रहे हैं। क्वार्टर फोर के बारे में और उसकी और स्टडी करके क्वार्टर थ्री के एंड में जब आपके पास अगली कॉल में आएंगे, तो उसके बारे में बात करेंगे। ये ये जरूर है कि अब आने वाले समय में सोलर का मार्केट है, तो आने वाले जैसे ही साल खत्म होगा, उसके बाद अगले साल का भी कुछ सोचेंगे और उसके लिए आगे बढ़ेंगे। लेकिन क्वार्टर टू क्वार्टर हम आपको गाइड करते रहेंगे। जिस तरीके से हमारे पास ऑर्डर बुक है, अभी जैसे हमने बताया कि हमारे पास ऑलरेडी ऑर्डर जो है, वो INR 1,800 करोड़, INR 1,800 करोड़ के ऑर्डर जो ऑलरेडी हमारे पास अभी पेंडिंग है, तो इसका मतलब आने वाले तीन-चार क्वार्टर में हमको वो फिनिश करने ही है। तो बिजनेस तो ठीक है, बिजनेस अपनी जगह है, लेकिन ये एक सेगमेंट जो है सोलर पंपिंग बिजनेस का, ये एक अलग तरह का बिजनेस है जिसमें सबका ही फायदा है। तो और स्पीड से करना चाहिए। हमारी टीम उसके लिए तैयार है, और हम हर दिन कुछ और आगे बढ़ने के लिए हम सोच रहे हैं।
सुपर, सर। सुपर। सो, सर, हमारा ₹1800 करोड़ का ये बार का ऑर्डर बुक है जो आपने प्रेजेंटेशन में दिया है और उसके पहले वाले प्रेजेंटेशन में ₹2000 करोड़ के ऑर्डर बुक था। तो हमारा एग्जीक्यूशन बहुत अच्छा हुआ है, लेकिन इंक्रीमेंटल ऑर्डर बुक ग्रोथ में कहीं आपको स्लो डाउन दिख रहा है या ये वन ऑफ है, ग्रैजुअली ऑर्डर बुक में आएगा। ये एक गवर्नमेंट का काम करने का तरीका इस तरह से है, इसलिए मे बी मोमेंट्री हो सकता है। एंड यू आर सीइंग गुड ग्रोथ। इज दिस अंडरस्टैंडिंग राइट?
हाँ, बिल्कुल सही। बिल्कुल सही। ₹1800 करोड़ का हमारा ऑर्डर बुक है जो पिछले साल 22, पिछले पिछले क्वार्टर में ₹2000, ₹2000, उसके पहले शायद ₹2200 था, ₹2400 था। तो यह तो ठीक है, अपनी जगह है क्योंकि उन क्वार्टर का भी हम एग्जीक्यूट कर रहे हैं और नए ऑर्डर भी हमारे पास आ रहे हैं, उनको भी एग्जीक्यूट कर रहे हैं। और नए-नए भी और चीजें भी पाइपलाइन में हैं, चीजें और आएंगी और आगे भी आपको बताते रहेंगे। ऑर्डर तो मुझे नहीं लगता है कि ऑर्डर हमारे लिए कोई समस्या होगी। हमारी एक समस्या सिर्फ होगी, तो वो एग्जीक्यूशन ही होगी और एग्जीक्यूशन पर हम बड़े अच्छे से निगाह रखे हुए हैं और उसको दिन-प्रतिदिन आगे बढ़ाने के लिए हम जा रहे हैं।
ग्रेट, सर। ग्रेट। सर, अपने एक्सपोर्ट्स के अंदर युगांडा में एक प्रोजेक्ट चल रहा है, उसका एग्जीक्यूशन का स्टेटस आप बता सकते हैं? और दूसरा, हम लोग ये भी देख रहे थे कि बांग्लादेश से हमें कुछ नए बिजनेसेस आ सकते हैं, तो उसका क्या स्टेटस है? हम किस लेवल पे हैं वहां पे? Can you throw some light on that?
हां, उसके लिए मैं आपको हमारे रमेश एक्सपोर्ट डायरेक्टर हैं, उनको मैं लाइन देता हूं, वो आपको इसके बारे में डीपली बताएंगे।
जी, दीपक जी, नमस्कार। जो हमारा युगांडा वाला प्रोजेक्ट है, उसमें हम लोगों ने 40% वर्क कंप्लीट कर लिया अभी और 60% का भी हम लोगों ने वर्क अराउंड कर दिया है। तो हम लोग हमारा वर्क इन प्रोग्रेस है युगांडा में, तो हम लोग कर रहे हैं उसको। जो बांग्लादेश का है, अभी जो वहां करंट पॉलिटिकल सिचुएशन है, इसलिए हम लोगों ने थोड़ा होल्ड करा है। हमको प्रोजेक्ट तो उन्होंने दिए हैं, लेकिन हमने आगे रख के होल्ड करा है जब तक ये सिचुएशन नॉर्मल नहीं हो जाती वहां पे। तो उसमें अभी हम लोग आगे नहीं बढ़ रहे हैं। ओके, ओके, सर। एक्सपोर्ट्स में कुछ इंक्रीमेंटल प्रोजेक्ट्स आपको दिख रहे हैं, किस जगह पे दिख रहे हैं, कुछ उस बारे में बता सकते हो?
हां, हम लोग उसी युगांडा वाले प्रोजेक्ट के बेस पर, हम लोगों ने दो-तीन कंट्री में हमारे लेग स्ट्रेंथ पाइपलाइन में चल रहे हैं। तो जैसे-जैसे फर्दर डेवलपमेंट होगी, हम आपको जरूर बताएंगे।
श्योर, श्योर। सर, ये जो आपका रॉ मटेरियल प्राइसेस, मतलब इन टर्म्स ऑफ ग्रॉस मार्जिन, ये बार काफी अच्छा एक्सपेंशन हुआ है। लास्ट क्वार्टर में भी हुआ था, लास्ट तीन क्वार्टर से हम देख रहे हैं, बहुत अच्छा एक्सपेंशन हुआ है। तो सस्टेनेबल बेसिस पे, सर, हम ग्रॉस मार्जिन क्या पकड़ सकते हैं इन अ नियर टर्म? क्या लग रहा है आपको आपका रॉ मटेरियल कॉस्ट एंड जो बेसिक इनपुट है, सोलर मॉड्यूल्स इस समय उनके प्राइसेस किस तरह से हैं? गोइंग फॉरवर्ड नियर टर्म में आपको क्या लग रहा है विज़िबिलिटी?
दीपक जी, एक्चुअली क्या है, ग्रॉस मार्जिन पूरा रॉ मटेरियल पे डिपेंड करता है। लास्ट ईयर आपने देखा, एक बहुत बड़ा इनफ्लेशन आया था, जो अभी हमको तो नहीं दिखता कि वापस रिपीट होना चाहिए। बट स्टिल, अभी जो प्राइस स्टेबल है, उसके अकॉर्डिंग अपन 35% टू 40% गाइडलाइन रख सकते हैं। आगे जो फर्दर डेवलपमेंट होंगे, उसके अकॉर्डिंग नेक्स्ट क्वार्टर में फिर से आपको गाइडलाइन देंगे।
ओके, ओके, सर। इन टर्म्स ऑफ केस, हेलो, सॉरी टू इंटरप्ट। ओके, ओके, ओके। आई विल फॉलो इन लाइक दिस। या, थैंक यू। पार्टिसिपेंट्स, हू विशेस टू आस्क अ क्वेश्चन, मे प्रेस स्टार एंड टू स्टार एंड वन। द नेक्स्ट क्वेश्चन इज फ्रॉम द लाइन ऑफ अजय कुमार, सूर्या, निवेशा। प्लीज गो अहेड।
सर, कांग्रेचुलेशन, इतना अच्छा नंबर के लिए। सर, मेरा क्वेश्चन कुसुम कंपोनेंट सी के रिगार्डिंग है। सर, जैसा कि मतलब पूरी कुसुम योजना देखें, तो कंपोनेंट सी काफी बड़ा है और उसके अंदर भी जो एफएलएस वाला पार्ट है, वो काफी बड़ा है। पर सर, उसमें क्योंकि पंप तो एग्रीकल्चर रहेगा, तो सर, मुझे रूल समझना था कि शक्ति पंप का क्या रूल हो सकता है या वो अपने लिए एड्रेसेबल अपॉर्चुनिटी है भी या नहीं है। ऐसा ओके, अजय, बहुत अच्छा क्वेश्चन आपने किया है कुसुम सी के बारे में। बहुत कम डिटेल हमने फोन कॉल में डिस्कस किए या इसके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। कुसुम सी अपने आप में बहुत बहुत ही अच्छी स्कीम है क्योंकि ये हमारे अन्नदाता को ऊर्जादाता बनाने वाली स्कीम है। इसमें अगर मैं एक 750 पंप इंस्टॉल करूं, तो उसमें ₹50-500 साल के आसपास की इनकम जो है, हमारे फार्मर की अन्नदाता की हो जाएगी। और हमारा जो डिस्कॉम है, वो डिस्कॉम अगर इसको 100% में भी फ्री में भी ये पंप प्रोवाइड करे फार्मर्स को, तो उसका जो पैसा है, वो जो उसने इन्वेस्ट किया है, वो तीन साल में उसका पैसा रिकवर हो जाएगा। तो एक इतनी बेहतरीन स्कीम है, जिसको धीरे-धीरे हम एस्टेब्लिश करने की कोशिश कर रहे हैं। और एक बार इसको एस्टेब्लिश करेंगे, तो मार्केट बहुत बड़ा है। कुसुम सी में यही एक सबसे बड़ी आज की तारीख में हमारे डिस्कॉम के लॉस को बचाने वाली बहुत ही अच्छी स्कीम है। तो जिसमें कि आपने देखा कि हर स्तर पे इसमें फायदा होगा। डिस्कॉम को भी फायदा होगा, स्टेट को भी फायदा होगा, फार्मर को भी फायदा होगा। वो खुद माइक्रो एजुकेशन में चले जाएगा और पर्यावरण को भी हम कुछ हेल्प कर पाएंगे। हमारे जो कमिटमेंट्स हैं, इंटरनेशनल लिमिटेड, वो भी हम पूरे कर पाएंगे। तो टोटल मिला के जो स्कीम है, बहुत ही अच्छी है। ग्रेट कनेक्टेड पंप की स्कीम है कुसुम सी। पर सर, जैसे कि कुसुम सी में पम्स तो इलेक्ट्रिकल पम्स ही रहेंगे। तो मतलब शक्ति पंप सिर्फ ईपीसी करने वाले आगे जाके क्या ये अंडरस्टैंडिंग देनी चाहिए हमें?
अजय, अजय, मैं आपको बहुत अजय कुमार, मैं आपको बहुत appreciate करूंगा कि आप इतने अच्छे तरीके से इसको study करके आए हो। आज सही मायने में मुझे ये बात आपको बताते हुए बड़ा गर्व हो रहा है कि अगर आप इससे जो pump अगर replace नहीं करते हो, तो उसका payback है 20 साल। अगर pump replace करना ही इस scheme की सबसे बड़ी duty है, pump replace करेंगे, तभी ये scheme चलेगी। Pump replace नहीं करेंगे, तो ये scheme नहीं चलेगी क्योंकि जो pump है, वो खुद ही 40 से 50% ज्यादा बिजली खाने वाला pump है। तो वो जो पैदा करके जो farmers की income बढ़ाने वाला हिस्सा है, वो भी नहीं होगा। और देश को 20 साल तक अपने investment पे इंतजार करना पड़ेगा। इसीलिए आपने देखा होगा कि Kusum C में जो pump change करना है, वो अभी slow चल रहा है। हमने जो pilot project लगाया है, वो एक बार हम proof करें। और अजय, मैं आपको बता दूं कि जैसे ही ये prove हो जाएगा, तो सारे DISCOM उसके पीछे आएंगे। और हम क्यों इसके लिए Shakti Pumps को क्या फायदा है, ये बताते हुए मुझे बड़ी खुशी होगी कि हमारे पास जो technology है, जिस technology पे हम काम कर रहे हैं, इसमें already मैंने एक call में पहले भी बताया है कि हमारे पास जो है, pump को चलाते समय इस pump से बिजली तो बचेगी ही बचेगी, इससे पानी भी बचेगा। और पानी बचाते समय जो बिजली बची है, उसको हम उसी समय में grid में supply कर पाएंगे। मतलब एक समय में हम दो काम कर पाएंगे। एक तो pump भी चला पाएंगे और उसी समय में बची हुई बिजली, जैसे 10 kilowatt का pump और 5 kilowatt pump में लग रहा है, और 5 kilowatt हम grid को supply कर पाएंगे। तो उसका फायदा भी मेरे farmer को मिलेगा। और इसके लिए हमारे पास patent है। तो ये technology Shakti Pumps की patented technology है, जो आने वाले समय में जैसे ही grid connected grid connecting की तरफ market बढ़ेगा, इसका फायदा Shakti Pumps को युद्ध स्तर पर होगा। अजय, तो सर, बस final understanding जैसे Kusum Component C में अपन जो order execute कर रहे हैं, और आप बता रहे थे कि अभी उसमें कुछ problems अपने को face हो रही थी। तो सर, क्या वो pump related ही problems है जो execution slow कर रहा है या कुछ और land acquisition जो करना रहता है feeder level के यहां पे, वो issues है जिससे execution slow हो रहा है?
तो वो प्रॉब्लम कहां पे फेस हो रही है? अगर उसके ऊपर आप कुछ हाईलाइट कर पाए। अजय, बहुत अच्छा क्वेश्चन है आपका। बहुत स्टडी करके आए हो आप। देखिए, पंप में तो कोई प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि कंपोनेंट बी में और कंपोनेंट सी में पंप कोई अलग से है नहीं। सोलर इन्वर्टर में कोई प्रॉब्लम नहीं है क्योंकि कंपोनेंट बी और कंपोनेंट सी में तकरीबन टेक्नोलॉजी सेम है। प्रॉब्लम है ग्रिड में जो अवेलेबिलिटी ऑफ द ग्रिड, ग्रिड की अगर बिजली ग्रिड में बिजली नहीं है, तो शक्ति पंप का पंप क्या करेगा?
तो उसको थोड़ा अभी हमारे देश में समय, देश में सूर्य के समय में एग्रीकल्चर फीडर पर बिजली उपलब्ध हो, इस ओर धीरे-धीरे ध्यान जा रहा है। और जैसे-जैसे हम उनको बता रहे हैं कि आप इसमें दिन में ग्रिड दीजिए क्योंकि इसमें ग्रिड में हम आपको इंजेक्ट कर रहे हैं पावर। तो फीडर वाइज उसको हम सक्सेस कर रहे हैं और फीडर वाइज ही ये स्कीम सक्सेस होगी, जिससे कि देश काम को फायदा होगा।
समझा सर। सर, और एक लास्ट क्वेश्चन है कंपोनेंट बी के रिगार्डिंग। सर, जैसे अपने प्राइस रिवीज़ लास्ट ईयर भी हुए थे, जिससे जो एवरेज प्राइस था पंप का, वो INR 35 लाख जैसा चला गया था। तो सर, गोइंग फॉरवर्ड क्या? क्योंकि अभी मॉड्यूल के प्राइसेस भी काफी करेक्ट हो गए हैं। तो क्या गोइंग फॉरवर्ड अपन रेट रिवीजन एक्सपेक्ट कर सकते हैं जो अपना कंपोनेंट बी है उसके रिगार्डिंग?
अजय, आपको फिर से स्टडी करनी पड़ेगी। शक्ति पंप्स के मार्जिन इतने अच्छे मार्जिन हैं कि अगर आप उसमें से शेडिंग वाला बिजनेस हटा दें, सोलर वाला बिजनेस हटा दें, तो शक्ति पंप में कुसुम स्कीम ने भी बहुत अच्छे मार्जिन पर काम किया है। इससे ज्यादा मार्जिन के लिए तो यह इंडस्ट्री और सोलर पंप और एग्रीकल्चर मार्केट नहीं होगा। तो कुछ और मार्केट देखना पड़ेगा।
नहीं, नहीं, सर। मेरा प्रश्न था, जैसे सर, मतलब पहले मॉड्यूल के प्राइसेस काफी बढ़ गए थे और हमने हरियाणा वाला ऑर्डर भी देरी कर दिया था या छोड़ दिया था क्योंकि हमारे लिए वायबल नहीं हो रहा था। जब रेट रिवाइज हुए, तो उसके सामने हमारा जो रॉ मटेरियल था, वो भी प्राइस गिर रहा था। तो सर, जैसे कुसुम कंपोनेंट भी तो 31 मार्च 2026 तक एग्जीक्यूट करना है। तो सर, मतलब जो रेट्स अभी हमको रेट कार्ड मिले हैं, वो सेम रेट कार्ड पर ही पूरा कुसुम कंपोनेंट भी चलने वाला है या वहां पर कुछ रेट रिवीजन हम एक्सपेक्ट कर सकते हैं? वो प्रश्न था मेरा।
नहीं, नहीं, आपका प्रश्न बिल्कुल सही है कि आने वाले समय में आपको यह मार्जिन मिलेगा कि नहीं, यह बोलना चाह रहे हो आप?
हां, सर, मतलब वो मतलब रॉ मटेरियल पे तो डिपेंड करेगा। पर सर, जो अपने को INR 35 लाख का अगर 3 एचपी का पंप अगर अपन फाइनल बेच रहे हैं, तो वो क्या गिर के INR 2,80,000 या INR 2,75,000 ऐसा हो सकता है? मेरा क्वेश्चन वो है।
एक-एक-एक तो ये इंफॉर्मेशन आपके पास ठीक नहीं है। देखिए, समय-समय पे टेक्नोलॉजी जैसे-जैसे डेवलप होती है, वैसे-वैसे उन चीजों के रेट भी स्टेबल, सस्टेनेबल पोजीशन पे आते हैं। और सस्टेनेबल पोजीशन पे आज की तारीख में सोलर पंपिंग बिजनेस के रेट आ चुके हैं। और आने वाले समय में भी ये तो समय बताएगा कि उस समय रॉ मैटेरियल के रेट क्या थे और रॉ मैटेरियल के रेट क्या रहेंगे और फूड ऑयल कहां जाएगा और ईरान क्या करेगा, ये तो आने वाला समय है। उसके लिए तो हम सब लोग तैयार हैं। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि हमने ये डिसाइड करके रखा है कि हम जो हमारी जो टीम है, जो काम करती है, वो हम एक सर्टेन अमाउंट हमारा निश्चित है। एक परसेंटेज हमारा निश्चित है कि हमारी टीम उससे कम परसेंटेज में कंपीटेंट में पार्टिसिपेट नहीं करती है। ये मेरी आपसे रिक्वेस्ट है कि वो परसेंटेज जो है, उसको आप मुझसे मत पूछिए। लेकिन हां, मार्जिन हमारा ये जो आप मार्जिन की बात करेंगे, तो मार्जिन हम 16-17% तो मिनिमम किसी भी सूरत में उस मार्जिन पे अपनी कंपनी को रन करने की ओर हमारा स्टेडिली बोर्ड का निर्णय रहा है।
Got it, sir. And all the best for the future. Thank you very much. The next question is from the line of Venkatesh Akula from Wells Fargo. Please go ahead.
हाय, सर। लाइक, फर्स्ट ऑफ ऑल, कांग्रेचुलेशन सर फॉर द शेल प्रोजेक्ट्स। एंड आई हैव गॉन थ्रू द इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन, एंड आई सी अ डिक्रीज इन द कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेशंस। मे बी बिकॉज़ ऑफ द चेंज इन द वर्किंग कैपिटल। लाइक, व्हाट इंपैक्ट विल इट हैव ऑन द ऑनगोइंग ऑपरेशंस?
Can you repeat your question? Actually, I am not getting what you want to say.
या, या, जस्ट आस्किंग अबाउट द कैश फ्लो फ्रॉम ऑपरेशंस। लाइक, आई सी लाइक देयर इज़ अ रिडक्शन इन द कैश फ्लो जनरेटेड। आई मीन, देयर इज़ अ डिक्रीज़ इन द वर्किंग कैपिटल कंपेयर टू द प्रीवियस ईयर। सो, विल देयर बी एनी इंपैक्ट फॉर द एग्जीक्यूशन ऑफ ऑर्डर्स, अपकमिंग ऑर्डर्स?
नो, नो, नो, नो। देयर इज नॉट एनी इंपैक्ट। वी हैव सफिशिएंट वर्किंग कैपिटल फैसिलिटी अवेलेबल फ्रॉम आवर मल्टीपल बैंकिंग पार्टनर। सो, दैट इज नॉट अ कांस्टेंट। एंड रिसेंटली, आल्सो, देयर इज अ INR 1000 करोड़ आउटस्टैंडिंग इन आवर डेटर्स बुक। बट स्टिल, वी आर एग्जीक्यूटिंग वेरी वेल इन आवर पेंडिंग ऑर्डर बुक।
So, is it like any new chances of adding any new dates from banks?
नो, नो, नो, नथिंग। वी हैव सफिशिएंट, वी हैव सफिशिएंट पेंशन लिमिट। वी कैन यूज़ दैट।
सर, थैंक यू, थैंक यू सो मच।
ओके, थैंक यू।
ओके, सो द नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ फ्रॉम द लाइन ऑफ़ जेनन फ्रॉम साइटोरो इन्वेस्टमेंट। प्लीज़ गो अहेड।
Am I audible? Hello.
हाँ, हाँ, जी हाँ, जी हाँ।
हाँ, कांग्रेचुलेशन। बहुत बढ़िया रिजल्ट है आपके। सो, रियली वांट टू थैंक्स फॉर दैट। एंड आई वांटेड टू गेट एन अंडरस्टैंडिंग ऑफ शक्ति ईवी बिजनेस। आई थिंक आपने फैक्ट्री स्टार्टेड रिसेंटली, आई थिंक इन द मंथ ऑफ सितंबर। सो, यू कुड, इफ यू कुड थ्रो सम लाइट, एंड व्हाट इज द विज़न ऑफ मैनेजमेंट इन टर्म्स ऑफ वेयर कैन वी सी द ईवी बिजनेस गोइंग इन द नेक्स्ट टू टू थ्री इयर्स?
हाँ, हाँ। हमने जो हमारी शक्ति ईवी बिजनेस, जो उसके लिए एक शक्ति पंप का 100% प्रोजेक्ट कंपनी हमने स्थापित की है, जिसमें हम ईवी की मोटर्स बना रहे हैं। और अभी कुछ-कुछ मैन्युफैक्चरर्स को हमने सेल स्टार्ट की है। अब और अभी हम कुछ अपने मोटरसाइकिल्स की मोटर को टेस्ट कर रहे हैं। ईवी में कुछ स्कूटर्स की मोटर्स ऑलरेडी हमने टेस्टिंग के लिए दी हुई है। और भी हम जो जो हमारे जो ईवी की मोटर्स हैं, उसमें हम आईसर के साथ, टाटा के साथ, असम के साथ, इनके साथ, इनकी डिजाइनिंग स्टेज के इनके साथ आगे बात बढ़ रही है। इसमें थोड़ा सा स्लो है क्योंकि ऑटोमोबाइल में अप्रूवल और डिजाइनिंग और इसमें थोड़ा टाइम लगता है। तो उसको हम पास पार करते हुए जा रहे हैं। JBM में जरूर हम करीब 3,000 मोटर सेल आउट कर चुके हैं, जो मार्केट में चल रही है। और भी आगे भी कुछ और डेवलप किए हैं। और प्लांट हमारा जो अभी स्टार्ट होने वाला है, वो दिसंबर में हम उसको एक फेज उसका स्टार्ट करेंगे। और उसके बाद उसकी सेल वहाँ से चालू होगी। आने वाले दो साल में उसको हम कंप्लीटली उसको आगे ले जाएंगे। और उसके एक-एक अच्छे इंडियन मैन्युफैक्चरर्स को ऑटोमोबाइल में, जो ईवी में, जो कि इंडिया में अभी तक बहुत कम लोगों ने उससे काम स्टार्ट किया है, उसमें हम जरूर लीडर का रोल रखने की कोशिश करेंगे।
सो, व्हाट काइंड ऑफ रेवेन्यू की अपेक्षा हम कर रहे हैं इसमें? एंड मार्जिन जो हमारे होंगे, उसमें कंपेयर टू आवर द कुसुम बिजनेस और ओवरऑल, व्हाट इज द मैनेजमेंट थिंकिंग? क्या रेंज हम समझ के आगे बढ़ सकते हैं इसमें? इफ यू कैन प्रोवाइड सम, थ्रो सम लाइट ऑन दैट, दैट वुड बी।
डेफिनेटली, डेफिनेटली। देखिए, अभी तो प्लांट डेवलपमेंट फेज में है, जो मोटर हमने सेल आउट की है या वो नेट विजिबल है, उसकी अमाउंट भी कोई बहुत ज्यादा अमाउंट नहीं है। लेकिन फिर भी हम ये कह सकते हैं कि हमने अपनी चीजों को एस्टेब्लिश कर लिया है। और अभी प्राइसिंग के मामले में तो देखेंगे, आने वाले समय में हमारे कंपटीशन में कौन कितने स्ट्रांगली ईवी में मोटर्स और कंट्रोलर लेके मेड इन इंडिया का लेके आ रहा है। क्योंकि मुझे लगता है मार्च तक जो है, वो ईवी में कंट्रोलर और मोटर पे कुछ होना चाहिए, एंटी डंपिंग ड्यूटी या कुछ इस तरीके से। तो यस, जब तक हम अपने आप को एस्टेब्लिश भी कर चुके होंगे और आगे भी रखेंगे, तो आने वाला समय बताएगा कि हमारे कंपटीशन में कौन है और हमको कौन सी प्राइस पे हमको काम करना है। यस, आप जो मार्जिन की बात कर रहे हैं, वो जो मैनेजमेंट ने मार्जिन डिसाइड करके रखा है, उसमें भी हम लोग 15% से 17% मार्जिन के आसपास उस पे हम अपनी प्राइसिंग अभी दे रहे हैं। हमारे जो नए वेंडर्स आ रहे हैं, उनके साथ में हम उनको भी अभी गाइड दे रहे हैं, प्राइस की गाइडलाइन दे रहे हैं। तो यस, डेफिनेटली, उसके साथ में स्टार्ट होगा। एक बार प्लांट स्टार्ट हो, उसके बाद आने वाले 3 साल और 5 साल का प्लान बनाया जाएगा, उसके ऊपर काम करा जाएगा।
जी, जी, जी, जी, थैंक यू वेरी मच एंड विशिंग यू अ वेरी हैप्पी दिवाली।
थैंक यू, थैंक यू। आपको भी, आप सभी को, जो भी कॉल में जितने लोग हैं, सबको मेरी ओर से दिवाली की बहुत सारी शुभकामनाएं।
Thank you very much. The next question is from the line of Harshal Solanki from Equity Capital. Please go ahead.
हाय, टीम। गुड आफ्टरनून। सर, क्वेश्चन था। सर, एक तो ऑर्डर बुक का रिकंसिलिएशन चाहिए था क्योंकि हमने जी।
तो मैं आपको अलग से मेल पर कर दूंगा। आप मुझे कॉल कर सकते हैं। आप पहले भी कॉल किए थे, मैंने आपको दिया ही था।
ओके, ओके। और सर, हमारा जो ₹300 करोड़ का पैसा अटका है वर्किंग कैपिटल में, तो वो हमने फंड कैसे किया है? क्योंकि हमारा शॉर्ट टर्म डेट तो ₹30 करोड़ से भी बड़ा है और अपने पास थोड़ा कैश था। बट बाकी का वर्किंग कैपिटल का गैप हमने कैसे फंड किया है, वो आप एक्सप्लेन कर पाएंगे?
सर, आप उसको थोड़ा क्लियरली स्टडी करेंगे तो देखेंगे। हमको क्रेडिटर्स में भी थोड़ा सा एक्सटेंडेड क्रेडिट पीरियड दिया हुआ है ऑलरेडी। उस हिसाब से आप देखेंगे तो वो वर्किंग कैपिटल मैच होता है। दूसरी बात करेंगे तो हमारा इंटरनल इक्विटी भी इतना जनरेट हो चुका है कि वो हमारी वर्किंग कैपिटल को सपोर्ट करे। देयर आर टू मेनी फैक्टर्स। आपको पूरा एनालिसिस करना पड़ेगा, तब जाके वो 300 के आपको रीजन समझ में आ जाएगा कि कहां से फंडिंग हुआ है। देयर इज नॉट एनी एक्सटर्नल डेट वी हैव टेकन फ्रॉम एनी वन।
अपनी अपनी कंपनी केस स्विच कंपनी है।
जी, सर। सर, एक ही क्लेरिफिकेशन चाहिए था। आप बोल रहे हो कि अपना पूरा जो साइकल है, हमको पैसा मिल गया, हमने इन्वेस्टमेंट किया, बेच दिया और हमको पैसा भी कलेक्ट हो गया। ये पूरा साइकल घूम गया है ऑलरेडी अपने लिए।
हां जी, आप देखेंगे तो उसमें आपको दिख भी रहा है कि वर्किंग कैपिटल के पहले जो कैश फ्लो है, वो तो प्लस में ही है।
ओके, ओके। और सर, ये रिटेल बिजनेस पे क्वेश्चन था। आपने वीडियो पोस्ट किया है YouTube पे, जहां पे हमने एक स्टोर सेटअप किया है एक डीलर के थ्रू। तो जरा और डिटेल में बात कर पाएंगे कि क्या स्ट्रेटेजी है, हम कौन सा मॉडल फॉलो करेंगे और आगे कैसे लेके जाएंगे इसको?
उसके लिए जो आप वीडियो मुझे आप बताना चाह रहे हैं, वो आप वीडियो मुझे आप अलग से भेज दीजिए, तो फिर मैं उसमें कुछ आपको उत्तर कर पाऊंगा। अभी इस समय मेरे पास वो वीडियो नहीं है, तो मैं भी उसको कुछ टिप्पणी नहीं कर पाऊंगा।
ओके, सर। आपके शक्ति बम्स के YouTube पेज पे ही है ये वीडियो।
मार्केटिंग। ठीक है, सर। हम बताते हैं मार्केटिंग सेपरेट लेकर आपको।
ओके, ओके। नो, ठीक है। दिस ऑल इट। थैंक यू।
Thank you very much. The next question is from the line of Ankur Kumar from Alpha Capital. Please go ahead.
हेलो, सर। थैंक यू फॉर टेकिंग माय क्वेश्चन। सर, आई वांटेड टू मैं पूछना चाह रहा था कि आपने गाइडेंस दे रहे हैं ₹500 करोड़ का नेक्स्ट क्वार्टर में, बट ये क्वार्टर हमने ₹600 प्लस किया है और ये क्वार्टर थोड़ा सा मानसून क्वार्टर भी था। सो, एनी रीजन कि हम गाइड थोड़ा सा कंजर्वेटिवली बात कर रहे हैं क्या नेक्स्ट क्वार्टर के लिए या क्या सर?
नहीं, ₹500 करोड़ भी एक अच्छा फिगर है। ₹640 करोड़ हमने किया, मानसून था, उसमें किया एक अच्छी बात है। लेकिन गाइडलाइन अगर ₹500 करोड़ की दी थी, हमने पिछली बार भी दी थी ₹500 करोड़ की गाइडलाइन और ₹640 करोड़ किया, तो आपको अच्छा लगा होगा सर।
सर, ये मिनिमम गाइडलाइन है। मिनिमम गाइडलाइन नहीं है।
गॉट इट, सर। और सर, नए ऑर्डर्स के बारे में क्योंकि हमारी ऑर्डर बुक INR 1,800 करोड़ की है। नए ऑर्डर्स कब हम एक्सपेक्ट कर रहे हैं सर?
जैसे ही ये ऑर्डर खत्म हो गए, नए ऑर्डर आपको जरूर अगले क्वार्टर में दिखेंगे।
और सर, ये INR 1,800 करोड़ में क्या execution timeline है? कितने? 6, 9 महीने types और is it like longer?
12 महीने।
12 महीने लगेंगे इसमें?
हाँ।
गॉट इट। थैंक यू एंड ऑल गुड।
हैलो। अगला प्रश्न आयुषा गढ़वाल की लाइन से है जो MAPLE Value Investing Fund से हैं। कृपया आगे बढ़ें।
सर, मेरी आवाज आ रही है?
हाँ, आयुष जी, बोलिए।
सर, पहले तो कांग्रेचुलेशन्स इतने बढ़िया नंबर्स के लिए।
धन्यवाद।
जी हाँ, सर। दूसरा, सर, आपने अजय को जो समझाया, वो बहुत ही अच्छे तरीके से समझाया कि हम इंडिविजुअल पंप रिप्लेसमेंट वाला जो है कॉम्पोनेंट सी में, उसमें हमारा क्या रोल रहेगा। लेकिन सर, उसमें जो SRS वाला कॉम्पोनेंट है, फीडर लेवल सोलराइजेशन, जहाँ पे DISCOMs इसको फीडर को ही सोलराइज़ कर दे रही है, तो वहाँ पे भी अच्छा खासा पंप का एलोकेशन है। उसमें शक्ति का क्या रोल रहेगा? सर, एक बार इस पे थोड़ा बात कीजिएगा।
आयुष, आप बहुत अच्छा इसको बहुत अच्छे से मॉनिटर कर रहे हो और आपका क्वेश्चन भी बहुत अच्छा है। हमारा मानना है कि इंडिविजुअल किसान के लेवल पे जो काम हो सकता है, जो फार्मर्स की इनकम बढ़ाने का सोर्स हो सकता है, वो ज्यादा सस्टेनेबल है और ज्यादा अच्छे तरीके से हो सकता है। फीडर लेवल पे तो आज भी आप कर रहे हो। फीडर लेवल पे तो आज कोयले से पैदा कर रहे हो या सोना से पैदा कर रहे हो या परमाणु चिराणु से पैदा कर रहे हो, डजंट मैटर, क्योंकि फार्मर को उससे उसका कोई भविष्य सुधरने वाला नहीं है। अल्टीमेटली उसकी रिस्पांसिबिलिटी जो है, वो फीडर पे रहने वाली है। अगर आपने ग्रिड कनेक्टेड पंप जो है, हमारा पंप लगाया है, तो अगर ग्रिड अवेलेबल नहीं है, तो उस केस में भी हमारा पंप जनरेटर के रूप में सोलर से हमारे फार्मर्स को पानी देते रहेगा। ये हमारे प्रोडक्ट की ड्यूटी है। ये हमारा प्रोडक्ट है, जो कि हर हाल में फार्मर को खुश रखेगा। चाहे जो आज हम जो चैलेंज देख रहे हैं कि ग्रिड की अवेलेबिलिटी बहुत सी जगह रूरल एरिया में नहीं होती है, लेकिन फार्मर्स की पानी देने की जो उसकी जरूरत है, वो तो हम पूरी कर रहे हैं। तो ये शक्ति पंप का एक अनूठा प्रयास है और ये सिर्फ शक्ति पंप के पास ही है। दुनिया में किसी के पास नहीं है। इसी में हमको पैटेंट मिला है कि आप जो है, ग्रिड अवेलेबल नहीं है, उस समय आप ग्रिड में बिजली नहीं दे रहे हैं, तो आपका पंप जो है, पानी नहीं देगा। ये बाकी लोग इस तरीके का काम करते हैं। लेकिन शक्ति पंप अपने काम में, अपने फार्मर्स को रिस्पेक्ट करता है, उसकी रिक्वायरमेंट को रिस्पेक्ट करता है। और उसके लिए हमने पहले से ही सोचा कि किसी कारण से ग्रिड अवेलेबल नहीं है, तो भी पंप फार्मर का समय पे पानी देना चाहिए। तो वो पंप शक्ति पंप का भविष्य इसलिए उसमें भी उज्जवल है। आयुष, ओके, ये तो काफी स्पष्ट था। सर, इसके वजह से सर, हमारा जो अजमेर में ट्रायल चल रहा है, पायलट प्रोजेक्ट, वो बड़ा ही इंपॉर्टेंट हो जाता है। तो उसके बारे में थोड़ा विस्तार से बताइएगा कि सर, अभी वो किस स्टेज में है, किस तरह की कठिनाइयां हम फेस कर रहे हैं और उस पे हम क्या कर रहे हैं, उसको जल्दी से जल्दी सक्सेस करने के लिए। हां, एक्चुअली जो फीडर, जो हमारे पास फीडर है, वो ट्राइबल फीडर है। और अजमेर में, जहां हम काम कर रहे हैं, वहां पे जिस फीडर पे हम काम कर रहे हैं, वहां वो फीडर ऐसी जगह है, जहां दिन में बिजली कभी पहुंचाई नहीं जाती थी। रात में बिजली की जरूरत उनको कभी बहुत से रूरल एरिया ऐसे हैं, जहां रात में बिजली की जरूरत भी उनको बहुत कम है। रूरल फीडर पे तो वहां पे थोड़े चैलेंजेस आते हैं, क्योंकि लाइन अपग्रेड नहीं होती है, ट्रांसफार्मर होते नहीं है। अगर 15 दिन में बिजली एक बार आई, तो फार्मर एक बार में खेती कर लेता है, फिर 15 दिन इंतजार करता है। तो हमारे सोलर ग्रिड में चैलेंज ये है कि उसको हर दिन, प्रतिदिन, प्रति घंटा, उसको ग्रिड से कनेक्टिविटी बनानी पड़ेगी, तभी तो एक्सपोर्ट कर पाएगा ग्रिड में। तो वो चैलेंज उस एरिया के हैं। लेकिन मेरा ऐसा मानना है कि आने वाले समय में इसमें भी इंप्रूवमेंट आएगा और जो इंप्रूव्ड वर्जन के फीडर हैं, वो पे भी हम ढूंढ रहे हैं और उन पे भी काम कर रहे हैं।
ओके, सर। तो सर, जब हमने पायलट शुरू किया था, तो हम मतलब ये चीज तो बहुत ही इंपॉर्टेंट चीज थी कि ट्रांसमिशन लाइन का होना, ताकि इलेक्ट्रिसिटी उसमें आ भी पाए और जा भी पाए। तो उस समय हमने ये नहीं देखा था।
नहीं, लाइन तो थी, उस समय भी थी और आज भी है। लेकिन उसमें बिजली है कि नहीं, ये नहीं पता है ना। अच्छा, ट्रांसफार्मर रिपेयर करना है, किसी किसी फीडर पे, किसी फीडर पे, वो उसके अपने वो फीडर पे कनेक्टिविटी नहीं है। तो ये तो सब चैलेंज रहते ही हैं। आने वाले समय में सब दूर होंगे और हमको लगता है कि जब दोनों तरफ से मोटिवेशन आएगा, तो भी फार्मर को भी पैसा रोज उसको दिखेगा कि आज मेरा ₹200 का नुकसान हो रहा है, तो वो भी जाके लाइन में उनको पकड़ के लाइन जुड़वाएगा। जैसे बंद होती है हमारे घर की लाइन, तो हम जुड़वाने ढूंढते हैं।
समझ गया। ठीक है, सर। बस इतना ही मेरी तरफ से और दिवाली की शुभकामनाएं, सर।
आपको बहुत सारी शुभकामनाएं।
ओके, थैंक यू वेरी मच। द नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ फ्रॉम द लाइन ऑफ़ हर्षित सैनी फ्रॉम समर वेल्थ एडवाइज़र्स। प्लीज़ गो अहेड।
गुड आफ्टरनून एवरीवन। माय नेम इज हर्षित सैनी फ्रॉम समर वेल्थ एडवाइजर्स। फर्स्ट ऑफ ऑल, कांग्रेचुलेशन ऑन दिस वंडरफुल रिजल्ट। सर, कंसीडरिंग द करंट ग्रोथ, INR 3000 करोड़ इज द लीव दैट वी विल डू इन फाइनेंसियल ईयर 26। कंसीडरिंग 30% ग्रोथ रेट, बट व्हाट इफ आवर रेवेन्यू इज मोर दैन INR 3000 करोड़? कैन वी हैव कैपेसिटी टू ऑफर मोर दैन INR 3000 करोड़ व्हेन रिक्वायर्ड?
हाँ, हाँ, इस समय पहले से ही कंपनी काम कर रही है और इसीलिए हमने विस्तार का काम किया है। कुछ मशीनें भारी हुई हैं, कुछ जोड़ी भी हो रही हैं और आपके पहले वाले प्रश्नों में इसका उत्तर भी हम दे चुके हैं कि धीरे-धीरे हमारी क्षमता और बढ़ा रहे हैं आगे। जैसे-जैसे ऑर्डर बुक होते जाएंगे, वैसे-वैसे अपनी क्षमता का भी उसी तरह से उसका उपयोग भी हम करेंगे। तो अभी विस्तार में हम लोग विशेषज्ञ हो रहे हैं और अब आने वाले समय में धीरे-धीरे हमारी और गति हम बढ़ाएंगे।
ओके, सर। और सर, इन द लास्ट कॉल, 30% ग्रोथ वास एन गाइडेंस। वाज इट अ सी सीएटीआर ग्रोथ है?
अगले क्वार्टर में हम लोग INR 500 करोड़ का अभी लाइन दे रहे हैं कि मिनिमम INR 500 करोड़ तो हम करेंगे ही। जैसे पिछले क्वार्टर में हमने बोला था कि हम मिनिमम INR 500 करोड़ करेंगे और INR 640 करोड़ किया। तो शायद आपको अच्छा लगा होगा। ऐसे ही हम अभी ये गाइडलाइन भी दे रहे हैं कि INR 500 करोड़ तो करेंगे मिनिमम। सर, हम हमेशा है ना मिनिमम गाइडलाइन ही देते हैं। ओके, सर। थैंक यू, थैंक यू, थैंक यू।
Thank you. The next question is from the line of CA Garvit Goyal from Invest Analytics Advisory LLP. Please go ahead.
हाय, एन ऑडिबल?
हाँ, हाँ, हाँ।
कांग्रेचुलेशंस फॉर अ गुड सेट ऑफ नंबर्स, सर। हमारा एग्जीक्यूशन काफी अच्छा जा रहा है। मेरा क्वेश्चन, सर, एक कैपेसिटी कांस्टेंट की तरफ है। लाइक, जो हमारा नया कैपेसिटी आने वाला है, वो सर कब तक कमेंस हो जाएगा?
दो साल लगेंगे उसमें। दो साल में हम उसको पूरे तरीके से commence कर पाएंगे। लेकिन हमारी जो-जो bottle lines, वो bottle necks थीं, जहां-जहां पे हम अपनी machine को dismantle करके और अभी से थोड़ा-थोड़ा productivity बढ़ा सकते थे, वो orders place हो गए हैं। आने वाले quarters में आप देखेंगे कि हमारी capacity भी थोड़ी बड़ी दिखेगी आपको। और जिसका अंदाजा आप देख ही रहे हो, अभी जैसे हम जो पिछला record तोड़ा है, हमने हमारा खुद का उस तरीके से capacity की concern हम नहीं आने देंगे। उसके लिए already हमने कुछ-कुछ plan किए हुए हैं।
तो मतलब सर, 2026 में जो ग्रोथ रहेगा, वो एक्जिस्टिंग कैपेसिटी से कंफर्टेबली आ जाएगा ना?
हां जी, हां जी, डेफिनिटली आएगा।
समझ गया, सर। और सर, नई कैपेसिटी से हमारा पीक रेवेन्यू कितना रहेगा?
INR 8,000 crore.
नई कैपेसिटी से इंक्रीमेंटल रेवेन्यू रहेगा या टोटल रेवेन्यू आप बता रहे हैं?
टोटल रेवेन्यू बता रहा हूं। उस एक्चुअली क्या है, अभी हमारा एक्सिस्टिंग रेवेन्यू INR 2,500 करोड़ के लिए है और हम जो नया कैपेसिटी लग रहा है, वो भी INR 2,500 करोड़ के लिए। इसलिए वो INR 5,000 करोड़ के लिए टोटल कैपेसिटी हो जाएगा हमारा।
समझ गया, सर। एक सर, आपने वो trade receivable वाला explain किया था, like, I miss that. So, can you please explain again, like, how the recovery is happening now for that particular amount?
अभी भी रिकवरी बराबर जा रही है। एक्चुअली क्या है, इसको आपको उस तरीके से समझना पड़ेगा। ये हमारा हिस्टोरिकल ट्रेंड है कि एवरी टाइम जब भी हम क्वार्टर, कोई भी क्वार्टर क्लोज़ करते हैं, तो अराउंड वन एंड हाफ क्वार्टर हमारा आउटस्टैंडिंग रहता है। तो वो उसी लाइन पे अगर आप देखेंगे, तो लास्ट टू क्वार्टर्स में हमारा जो एग्जीक्यूशन है, अराउंड ₹1,200 करोड़ हुआ है। तो ₹1,200 करोड़ के एग्जीक्यूशन में अगर हम बात करें, तो आज की डेट में केवल ₹900 से ₹1,000 करोड़ ही आउटस्टैंडिंग है।
समझ गया, सर। और सर, नेक्स्ट क्वार्टर में आपने जैसे बताया, ग्रोथ मार्जिन 35 से 40% की रेंज में रहेंगे। तो सर, इसके ऊपर हमारा EBITDA का भी कोई गाइडेंस है? EBITDA मार्जिन का?
EBITDA मार्जिन हमने मिनिमम गाइडलाइन जो दे रखी है, वो 16% से 18% की रेंज में दे रखा है। उससे अच्छा भी कुछ होगा, हम वो बोलते हैं। बट मिनिमम गाइडलाइन हमारी 16% से 18% है कि जो मैनेजमेंट ने बोर्ड ने डिसाइड कर रखा है कि इससे नीचे में हमें तो हम नहीं करना है।
And lastly, sir, इस quarter में कोई बड़े orders expected हैं, sir? Because ₹1,800 crore और ATM revenue हमारा ₹2,400 crore है। तो almost जो existing order book है, वो उससे काफी कम है। तो इस quarter में कोई बड़ा expectation है, sir, आपको order inflow का, जो कि revenue visibility देगा हमें अगले एक-दो साल के लिए?
देखिए, सर, अभी जो INR 1,800 करोड़ के ऑर्डर हैं, वो भी अगले एक साल के लिए हैं। पिछली तिमाही में भी जो INR 500 करोड़ के लगभग का ऑर्डर मुझे उत्तर प्रदेश से मिल चुका है। करीब INR 100 करोड़ के ऑर्डर मुझे राजस्थान से हर तिमाही मिल रहे हैं। तो, ऑर्डर अपनी जगह पर आ रहे हैं, इसलिए ऑर्डर बुक बना हुआ है। आगे भी ऑर्डर आते रहेंगे और हम आपको सूचित करते रहेंगे।
समझ गया। थैंक यू वेरी मच, सर। दैट्स इट फ्रॉम माय साइड। ऑल द बेस्ट फॉर द फ्यूचर।
धन्यवाद।
Thank you very much. The next question is from the line of Pranav Shrimal from Pink Wealth Advisory. Please go ahead.
हाँ, हाँ, आवाज आ रही है आपकी। बताइए, सर।
हां, हां, हां, हां, सर। सर, मेरा एक वापस से थोड़ा रिपीट जैसा सवाल लगेगा, सर। बट, सर, कैपेसिटी, सर, आपने बोला कि वी कैन एक्सपेंड द कैपेसिटी टू ₹3,000 करोड़ अगर हम चाहें तो। और वो तीन महीने का जो हम इंस्टॉलेशन करेंगे, वो इंस्टॉलेशन एक्सैक्टली क्या है, सर? हम हमारा प्रोडक्ट हम चेंज करेंगे कि हम कोई मशीनरी, मशीनरी इंस्टॉल करने वाले हैं?
कुछ मशीनरी भी रहेंगी, कुछ प्रोडक्ट स्पेसिफिक टूल एंड डाइस भी रहेंगी।
तो इसमें जब हम हमारा अगर 3,000 तक कर रहे हैं, हमारा कैपेसिटी एक्सपेंशन, तो उसमें मिक्स कैसा रहेगा, सर? मिक्स क्या एक्सपेक्ट कर सकते हैं हम उसमें?
अभी आज की डेट में मिक्स कर की बात करेंगे, तो मैं तो यही बोलूंगा, मेरे पास जो मैक्सिमम ऑर्डर है, वो कुसुम से है। तो उसमें सोलर से ही मिक्स ज्यादा रहेगा।
हां, और सर, जो अभी हमारी कैपेसिटी है, अगर हमको डी-बॉटलनेक करके एक्सपेंड कर सकते हैं, तो सर, क्या हम अराउंड INR 4,000 करोड़, 4.5, 5 जैसे नंबर तक पहुंच सकते हैं, सर?
सर, उसके लिए ऑलरेडी फंडिंग की हुई है QIP के थ्रू। हमारे अच्छे वैल्युएबल इन्वेस्टर्स ने हमको सपोर्ट किया हुआ है। तो हम एक्सपेंशन का प्लान करके बैठे हुए हैं। तो हम बिल्कुल एक्सपेंशन करेंगे और आगे इस रेवेन्यू को बढ़ाएंगे।
ओके। और सर, वो जो हमारा रिकॉर्ड डेट था, वो बोनस शेयर्स का, वो अनाउंस नहीं हुआ है, आई थिंक सो।
इसके लिए हमारे शेखर के साथ जवाब देंगे आपको।
सर, उसके लिए भी पोस्टल बैलेट अभी चल रहा है। हमारा 9 नवंबर के दिन पोस्टल बैलेट से रूलर का अप्रूवल आएगा। फिर हम कट ऑफ डेट के लिए एक बोर्ड मीटिंग कॉल करेंगे और बोर्ड मीटिंग में फिर वो डिसाइड करेंगे कट ऑफ डेट क्या रहेगी। ओके, गॉट इट, गॉट इट। और लास्टली, सर, अगर अभी जैसे हमारा ग्रोथ और रेवेन्यू इस साल में रहा है, सर, अब ऑन हो चुका है। कंसीडरिंग, सर, H2 हमारा यूजुअली हैवी ही होता है, हिस्टोरिकली स्पीकिंग। और अगर हम वैसा ही H2 अभी ग्रोथ रेट लेकर चलते हैं, तो सर, थोड़ा कैपेसिटी कंस्ट्रेन होगा क्योंकि, सर, दो साल हमारी जो कैपेसिटी है, उसको आने में भी लगने वाला है।
सर, देयर आर सो मेनी ऑप्शंस। मैनेजमेंट देख रहा है उसको मैनुअली और जो भी रहेगा, बॉटल नेक नहीं आने दी जाएगी। ऐसा ऑलरेडी दिनेश सर बोल चुके हैं आपको। तो मेरे ख्याल से हम उसी को आगे बढ़ाते हैं।
ओके, थैंक यू।
धन्यवाद।
Thank you very much. The next question is from the line of Hardik Patel, an individual investor. Please go ahead.
हेलो, मेरा क्वेश्चन ये है कि जैसे हमारा राजस्थान में हमारे पहला ट्रेनर अभी अप्रूवल में है, उसमें दो टाइप के हैं: विद USPCI, विदाउट USPCI। उसमें हमारा ज्यादातर जो USPCI में हमारा स्पेस ज्यादा है, तो हम क्या एक्सपेक्ट कर रहे हैं? ऑर्डर इनफ्लो USPCI वाला ज्यादा आ सकता है कि या फिर विदाउट USPCI का प्रपोर्शन कुछ बता सकते हैं?
नहीं, ये सभी GST including करके ही है। Without GST, with GST ऐसा कुछ भी नहीं है।
नहीं, मतलब जीएसटी नहीं, विथ यूएसपीसी एंड विदाउट यूएसपीसी। दो टाइप के हमारे सोनू फॉर्म के जो सेगमेंट हैं, यूनिवर्सल कंट्रोल एंड विदाउट यूएसपीसी कंट्रोल है।
जी, बड़ा अच्छा। बारीकी से आप ढूंढ के लाए हो USP और without USP सी। हां, बोलिए सर, क्या है question?
हां, तो उसमें हमारा जैसे जो फाइनेंशियल बिड अक्सर जो हमको देखने को मिल रही है, उसमें हमारा 20 USPSC में जैसे हम L1 में तो नहीं है, वी आर अप्रॉक्स अराउंड L5। तो उसमें हम क्या ऑर्डर एक्सपेक्ट कर सकते हैं उस कैटेगरी में?
नहीं, देखिए, अभी इस कैटेगरी में मार्केट थोड़ी स्लो है USPSC के लिए। जैसे अपना प्रोडक्ट तो रेडी है और अपना प्रोडक्ट अगेन हमारे कंपटीशन से बहुत अच्छा है। जैसे ही हमको USPSC का ऑर्डर आता है, हम USPSC सप्लाई करते हैं। जैसे ही विदाउट USPSC आता है, हम विदाउट USPSC करते हैं। तो मेरे को नहीं लगता उसमें कोई हमको कोई चैलेंज है। यहां पर भी रिक्वायरमेंट आएगी, जरूर हम सप्लाई करेंगे।
ओके, गवर्नमेंट ने कुछ ऐसा स्पेसिफाई किया नहीं है कि USPSC कितना हमको देना है, विदाउट USPSC कितना।
मार्केट से रिक्वायरमेंट आती है कि कस्टमर को क्या चाहिए। तो कस्टमर को जो चाहिए, वो डिसीजन मेकर फार्मर है इसमें। तो फार्मर को जो चाहिए, वो वही लेता है और USPCI में उसको सब्सिडी भी नहीं मिलती है। तो इसलिए USPCI का ज्यादा मार्केट हम देखते नहीं हैं।
ओके, ठीक है। और दूसरा प्रश्न यह है, सर, कि जैसे हमारा L1 में नहीं है हम बिल्डिंग में, तो उससे हमारे ऑर्डर इनफ्लो पर प्रभाव आ सकता है कि वो दैट इज़ नॉट मैटर इतना।
नहीं, नहीं, कहाँ नहीं है हम बिल्डिंग में?
हम L1 में नहीं हैं, नो एक्सपीरियंस में नहीं हैं।
कहां पर? L1 मीटर की कहीं रिक्वायरमेंट ही नहीं है देश में।
कोई कांसेप्ट नहीं है, सर। अभी अभी के एक्जिस्टिंग सिस्टम में L1 मीटर का प्राइस जो है, सबके लिए सेम है। ओके, आपके पास मार्केट शेयर अच्छा है। आप लीडर हैं मार्केट में, शक्तिशाली लीडर हैं हिंदुस्तान में।
करेक्ट, करेक्ट, डेफिनिटली। थैंक यू, सर।
धन्यवाद।
Thank you very much. Dear ladies and gentlemen, due to time constraints, we will take this as a last question. I would now like to hand the conference over to Mr. Dinesh Patil for closing comments.
थैंक यू वेरी मच। दोस्तों, आप सब पधारे, उसके लिए बहुत-बहुत, बहुत-बहुत आपको धन्यवाद। आपको दीपावली की बहुत सारी शुभकामनाएं। आप सब लोगों ने हमारे ऊपर विश्वास जताया और हमको इस कूल कॉल में भी मोटिवेट किया। मैं आप सभी लोगों को फिर से एक बार दीपावली की बहुत सारी शुभकामनाएं देता हूं। अब हम लोग अगले क्वार्टर में आपसे मिलेंगे। धन्यवाद।
Thank you. On behalf of Shakti P Limited, that concludes this conference. Thank you for joining us, and you win our definitely.