Please note that this conference is being recorded. I now hand the conference over to Mr. Rohit Anand from Ernst and Young, LLP. Thank you, and over to you, Mr. Rohit Anand.
Good afternoon, everyone. Before we proceed, let me remind you that this discussion may contain forward-looking statements that may involve known or unknown risks, uncertainties and other factors. It must be viewed in conjunction with our business risks that could cause future results, performance or achievements to differ significantly from what is expressed or implied by such forward-looking statements. To take us forward through the financial results and business developments, and to answer your questions today, we have the senior management of Shakti Pumps India Limited, represented by Mr. Dinesh Patidar, Chairman, Mr. Ramesh Patidar, Managing Director, Mr. Dinesh Patel, Chief Financial Officer, and Mr. Ravi Patidar, Company Secretary and Compliance Officer. We will start the call with a brief overview of the past quarter by Mr. Patidar, followed by an interactive Q&A session. I will now hand over the call to Mr. Patidar. Over to you, sir.
Thank you, Rohit.
सभी को नमस्कार, और आज इस कॉल में हमारे साथ जुड़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमें यह वित्त वर्ष 2025 की शानदार शुरुआत की रिपोर्ट करते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि पहले ही महीने हमने ₹568 करोड़ का राजस्व किया है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही से चार गुना ज्यादा है। हमने नेट प्रॉफिट में भी कई गुना वृद्धि की है, क्योंकि हमने जो टैक्स के पश्चात भी ₹1 करोड़ से ₹93 करोड़ लाभ हमने बढ़ाया है। इस बार जो ₹568 करोड़ का राजस्व है, उसमें EBITDA ₹136 करोड़ है। इसी प्रकार, हमारे परफॉर्मेंस का एक और कारण यह भी है कि हमने बहुत अच्छे तरीके से एक्जीक्यूशन किया है। रॉ मैटेरियल की, क्योंकि हमारी ऑर्डर बुक ₹2,000 करोड़ है और रॉ मैटेरियल की प्राइस में भी हमको नेगोशिएशन करने में सुविधा मिली है, एक लेवल मिला है, जिससे कि हमने अपने आप को इंक्रीज करके हमारे वेंडर्स से और हमारे सप्लायर से अच्छी तरह से नेगोशिएशन करके उनको प्लानिंग शेड्यूल देकर प्राइस को थोड़ा कम किया है, जिससे हमको 3% हम हमारी रॉ मैटेरियल की प्राइस को भी कम करने में सफल हुए हैं। इसमें कुछ अडजस्ट भी किए हैं, कुछ हमने और इंप्लीमेंट भी किए हैं, जिससे कि थोड़ा सा उसमें भी हमको प्रॉफिट बढ़ाने में हम सफल हुए हैं। हमें उम्मीद है कि ₹2,000 करोड़ के ऑर्डर अगले 15 माह में हम अच्छे तरीके से पूरे कर पाएंगे और आने वाले क्वार्टर 2 में हम तकरीबन ₹500 करोड़ का प्लान करने जा रहे हैं, जो कि कुछ बारिश भी है और पूरे ही हिंदुस्तान में बारिश का सीजन है, थोड़ा सा एक्जीक्यूशन पीछे होता है। इसका भी, ये भी हमने ध्यान में रखा है। हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर हमेशा ही ध्यान दिया है। शक्ति पंप्स एक R&D कंपनी है और हम हमेशा ही R&D पे आगे बढ़ते रहे हैं। हमारे जो कुल पेटेंट, 29 पेटेंट हैं, उनमें से 14 पेटेंट हमको प्राप्त हो चुके हैं। हमारी ऑर्डर बुक भी हम हमेशा की तरह आगे भी बढ़ाते रहेंगे। टेक्नोलॉजी के साथ में काम करते रहेंगे, निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे और हम एक्सपोर्ट पर भी अच्छी ऑर्डर बुक करने जा रहे हैं। वहां पर भी हमको अच्छे ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। अब आगे के लिए फाइनेंशियल डिटेल के लिए मैं हमारे CFO दिनेश पटेल को कॉल छोड़ता हूं। ओवर टू दिनेश।
Thank you, sir. Good afternoon, everyone. During the Q1 FY25, our revenue was at ₹567.6 crore, which increased from ₹113.1 crore in the same quarter last year, reporting a growth of four times. Our EBITDA stood at ₹135.9 crore, as against ₹7.9 crore in Q1 FY24. EBITDA margins were at 23.9% in this quarter, as against 7% in Q1 FY24. The expansion in margin was largely driven by economies of scale and higher execution of orders, along with some benefits accrued due to decline raw material prices. Profit after tax stood at ₹92.6 crore, compared to ₹1 crore in Q1 FY24.
PAT margin stood at 16.3%, PAT compared to 0.9 % in the corresponding quarter of the previous fiscal. The company's long-term credit rating has been upgraded to A+ Stable from India Rating and Research. With our strong balances and the key metrics, we are confident in the timely completion of order book and consolidate our position in the market. With this, I now request the moderator to open the floor for question and answer. Thank you.
Thank you very much. We will now begin the question and answer session. Anyone who wishes to ask a question may press star and one on their touchtone phone. If you wish to remove yourself from the question queue, you may press star and two. Participants are requested to use handsets while asking a question. Ladies and gentleman, we will wait for a moment while the question queue assembles. The first question is from the line of Deepak Purswani from Svan Investments. Please go ahead.
Good afternoon sir. Congratulations for very good setup number.
Thank you, thank you Deepak ji.
Sir, firstly अभी थोड़ा समझना था कि इतना, अगर हम लोग अभी order अगर देखें, अभी election is over , तो आगे चलकर भी order flow trajectory कैसे देखना चाहिए और उसके लिए कौन से कौन से state से हम लोग अभी आगे target कर रहे हैं। अगर आप कुछ उससे कुछ insight share कर पाए तो।
नहीं, आप स्टेट, स्टेट वाइज पूछना चाह रहे हैं ना?
हां और अभी बेसिकली हमारा ऑर्डर इनफ्लो पाइपलाइन में अभी कैसे दिख रहा है और उसको आगे कैसे देखना चाहिए? कौन से कौन से स्टेट से हम लोग अभी अपॉर्चुनिटी एक्सप्लोर करने का कर रहे हैं।
बहुत बढ़िया क्वेश्चन है आपका दीपक जी, बिल्कुल। हम लोग महाराष्ट्र में अच्छे नंबर्स हैं। महाराष्ट्र में हम अच्छा करने जा रहे हैं अभी और उसके बाद आपको पता है राजस्थान में हम लोग करते हैं, हरियाणा में करते हैं, यूपी में करते हैं। तो अभी यही स्टेटों में हम आगे काम कर रहे हैं और अच्छे से करेंगे।
और सर, अभी जो सर कुछ insight अगर आप share कर पाए तो अभी कितने tender चालू है और कितना big pipeline open है, जहां पर हम लोग participate कर रहे हैं।
नहीं, टेंडर तो already पहले हो चुका है। उसमें टेंडर की कोई अभी चिंता नहीं है। दो साल पहले टेंडर हुआ था। अभी सिर्फ तीन quarter हुए हैं, बाकी सारे quarter बाकी हैं और सभी जगह सारी government अच्छे से plan कर रही है। तो धीरे धीरे quantity आप देख ही रहे हैं, बढ़ रही है और आगे और बढ़ेगी, ऐसी हमारी believe है।
सर, फिर इस साल का ऑर्डर इनफ्लो का टारगेट हम लोगों को कैसे देखना चाहिए कि कितना हम लोग एक्सपेक्ट कर सकते हैं ऑर्डर इनफ्लो?
हां, यह बात बड़ी अच्छी है आपकी दीपक जी, क्योंकि हमने जैसे पहले भी पुराने सालों में बताया है कि हमने जैसे लास्ट ईयर कुछ ₹1,350 करोड़ किया था, उसके ऊपर हम पहले भी बोलते आए हैं कि हम 30% तो मिनिमम ग्रोथ करते ही रहे रहेंगे। 30% आप ये मान के चलिए कि थोड़ा बारिश भी आने वाला सीजन भी है। चुनाव भी हैं। महाराष्ट्र में भी चुनाव है, हरियाणा में भी चुनाव है। बाकी जगह भी कुछ कुछ काम में थोड़ी बहुत आगे पीछे होती है। लेकिन इन सब चीजों को देखते हुए भी हम ₹1,300 करोड़ मिनिमम करने की स्थिति में ₹1,300, ₹1,300 से 30% प्लस।
अच्छा और सर हम लोगों ने अभी incrementally देखा है कि there are some new players who are also entering in this space. तो इसमें हमें आगे कैसे देखना चाहिए? यहां पर कोई competitive intensity हमारे लिए बढ़ रही है या हम लोग confident हैं कि हमारा order inflow या हमारा market share maintain रहेगा।
हां, नए आने वाले प्लेयर को तो हम भी नहीं रोक सकते और कोई भी नहीं रोक सकता। आने वाले आएंगे, जाने वाले जाएंगे, लेकिन हम अपनी टेक्नोलॉजी और अपनी कंपनी और अपने प्रोडक्ट के ऊपर फुल कॉन्फिडेंट हैं कि जो टेक्नोलॉजी हमने पिछले चालीस सालों में डेवलप की है और उसका जो ब्रांड हमारा जो मार्केट में है, उसका फायदा हमको आगे मिलते रहेगा। नए प्लेयर आएंगे, अच्छा है और एनएफसी बहुत बड़ा मार्केट है। हम तो स्वागत करेंगे, जो नए प्लेयर आएंगे उनके लिए भी।
ओके एंड सेकंडली सर, ऑन द मार्जिन हमने ये क्वार्टर में देखा, काफी सिग्निफिकेंट इंप्रूवमेंट आया है। तो अभी हमारा सोलर प्राइस का प्रोक्योरमेंट प्राइस ये क्वार्टर में कैसा था?
हां, वही मैंने बताया ना, अभी मेरे बात में कि जो सोलर प्राइस में भी और दूसरे भी रॉ मटेरियल के प्राइस में हमने बहुत अच्छे से नेगोशिएशन किया, बहुत अच्छे से एडवांस और प्लानिंग किया। फिर क्या रहता है एडवांस में प्लानिंग देने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी थोड़ी सी कम होती है, थोड़ा वेंडर भी थोड़ा कॉन्फिडेंट होता है और उसको भी सप्लाई करने में इजी होती है। तो ये सारी चीजें जब आपके पास ऑर्डर वो खत्म हो, तो आप अच्छे से नेगोशिएट कर पाते हो। तो सोलर प्राइस में भी इस बार थोड़ी प्राइस कम हुई है तो उसका भी हमको फायदा मिला है। वही कारण आप देख रहे होंगे। हमारे मार्जिन में जो इजाफा हुआ है, जो आपने देखा है कि एक अच्छा मार्जिन हमें इसमें आया है, तो वो कारण भी वही है कि जो करीब जैसा आप सोच रहे हैं कि रॉ मटेरियल में हम लोग 3% के आसपास हमारी प्राइस कम करने में सफल हुए हैं।
अच्छा तो करीबन 15 के आसपास हमारा solar panel का procurement था, ये quarter में।
Hello! Sorry, मैं चाहूंगा more question from the question queue.
Yeah, I am just continuing on the existing question only.
दीपक, इसके लिए रेट के लिए अभी मैं आपसे वापस बात करना चाहूंगा, क्योंकि हम दो तीन लोगों से नेगोशिएट कर रहे हैं तो मेरे ख्याल से इस कॉल पर ये बात करना संभव नहीं है।
शर, शर सर, मैं वापस क्यू में आऊंगा। थैंक यू।
Okay sir, the next thank you sir. The next question is from Aashish Upganlawar from InvesQ. You may go ahead sir.
या अ, सर ऑन द पायलट प्रोजेक्ट, एनी अपडेट्स ऑन दैट एंड मैंने इसके बाद कंपोनेंट सी के प्रोग्रेस के ऊपर अगर आप थोड़ा बता पाएं कि हाउ थिंग्स आर लुकिंग एंड उसमें हमारा कंपेटिटिव एज क्या है, वो भी थोड़ा समझना था। इफ इट गोस थ्रू इन द नेक्स्ट वन और टू इयर्स, हाउ थिंग्स लुक लाइक।
ये आशीष बहुत अच्छा क्वेश्चन है आपका, क्योंकि देखिए ये जो कंपोनेंट सी है, ये हमारा भी ड्रीम प्रोजेक्ट है और कंपोनेंट सी में और भी बाकी लोग जो कॉल पर हैं, उनको बताना चाहूंगा कि कंपोनेंट सी वेरी गुड स्कीम। इसमें फार्मर को भी करीब ₹50,000 साल की इनकम होती है और डिस्कॉम को ₹1,00,000 साल के प्रॉफिट होता है।
डिस्कॉम का पूरा इन्वेस्टमेंट अगर फ्री में पंप दें तो तीन साल साढ़े तीन साल में सारा इन्वेस्टमेंट डिस्कॉम का फ्री हो जाता है। यह बहुत ही अच्छी स्कीम है। इस स्कीम को सक्सेस करने के लिए ऑलरेडी हमने अजमेर में राजस्थान में डिस्कॉम के उसमें करीब हमारे पास कुछ ₹200-250 फीडर के आसपास हमको मिले हैं। उन फीडरों को हम राइज कर रहे हैं और वह चैलेंजिंग जॉब है। हमारे लिए भी पायलट प्रोजेक्ट है, लेकिन ₹150 करोड़ का यह पायलट प्रोजेक्ट है और इसमें हम तकरीबन 300 पंप अभी तक इंस्टॉल कर चुके हैं और वह सक्सेसफुली काम कर रहे हैं। अब आगे की रूपरेखा जो एक चैनल हमारा चालू हो गया है तो अब आगे इसमें स्पीड आएगी, क्योंकि इनिशियल स्टेज पर जब कंपोनेंट की फर्स्ट टाइम कर रहे थे, डिपार्टमेंट के लिए भी नया था, हमारे लिए भी नया था। अभी यह सब लाइनअप हो चुकी है सारी चीजें और संभावना यह है कि अगले दो क्वार्टर में हम इसको पूरा कर पाएंगे।
तो कुछ दो क्वार्टर के बाद आप बोल रहे हैं कि इसमें थोड़ा सा ट्रैक्शन आएगा। कंपोनेंट के ऑर्डर्स में आप ऐसा बोल रही हैं।
राइट! हम क्या करेंगे?
यह प्रोजेक्ट पूरा कंप्लीट जैसे ही होगा, पूरा सारा डिस्कॉम के MD को ले जाकर दिखाएंगे कि आपके लॉस को कम करने का सबसे अच्छा तरीका यह प्रोजेक्ट है। ग्रिड कनेक्ट फार्म से किसान की भी इनकम बढ़ गई है और इसमें डिस्कॉम भी, लॉस कम हो रहा है तो यह पैसा भी आपका साढ़े तीन साल में फ्री हो रहा है। तो मेरे को ऐसा लगता है कि सारे डिस्कॉम इसके लिए हमको ऑर्डर भी देंगे और हमारी उसमें एक और टेक्नोलॉजी की बात करना चाहूंगा तो इसमें हमारे शेयरहोल्डर को यह भी पता होना चाहिए कि उसी समय जब पंप चल रहा हो, ग्रिड में पंप चल रहा हो और उसी समय उसको पानी की रिक्वायरमेंट कम हो तो जो है वह बची हुई बिजली को एक्सपोर्ट कर सकता है। इसमें शक्ति पंप्स के पास पेटेंट भी है तो यह प्रोडक्ट हमारे लिए बड़ा अच्छा होगा आने वाले समय में। ठीक है, हमारे पास पेटेंट है और चीजें भी है, लेकिन यह हिंदुस्तान के एक अच्छे सिस्टम में गिना जाएगा। आने वाले समय में ग्रिड कनेक्ट पंप्स एक अच्छी स्कीम होगी देश की।
सर, लेकिन बाकी किसी के पास यह टेक्नोलॉजी नहीं है। ऐसा बोल रहे हैं क्या? As of now whatever you know.
सेम टाइम, उसी समय आप दूसरे लोगों के पास टेक्नोलॉजी है। वह पंप बंद करेंगे, बाद में एक स्विच चालू करेंगे, ग्रिड में सप्लाई जाएगी। यह सब करेंगे लेकिन मैनुअल करना पड़ेगा हमको। उसी समय बची हुई बिजली, अभी आपका आप आपकी रिक्वायरमेंट अगर एक हज़ार लीटर की और आपको पानी कम चाहिए, आप उसको पाँच सौ लीटर चाहिए तो उसी समय बची हुई बिजली ग्रिड में सप्लाई कर सकते हैं। बाकी वर्ल्ड में जो टेक्नोलॉजी अवेलेबल है, वह है कि पंप बंद करिए तो ग्रिड में सप्लाई होगी।
ओके, ओके, ओके तो यह हमारा बेसिकली मिस रहेगा इसमें या फिर हमको शेयर करनी पड़ेगी टेक्नोलॉजी।
आगे क्या होगा, लेकिन हमको लगता है यही हमारा सबसे बड़ा यह रहेगा।
ठीक है सर, थैंक यू सो मच!
थैंक यू। थैंक यू।
Hello participants, in order that the management address everyone question we have limited to two question per participant. So the next question is from Harshil Solanki from Equitree Capital. So you may go ahead.
हेलो, गुड आफ्टरनून सर। मेरे थोड़े क्वेश्चन थे, प्लीज मुझे चांस दीजिए। सर, महाराष्ट्र ने अभी उनके स्टेट बजट में अनाउंस किया है कि वह 8.5 लाख सोलर पंप अलॉट करने वाले हैं तो हमारी कंपनी को उससे क्या फायदा हो सकता है और कब तक आप इसमें ऑर्डर्स का कैशन देखते हैं?
हां, आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है, क्योंकि साढ़े आठ लाख पंप महाराष्ट्र गवर्नमेंट ने अपने बजट में प्लान किया है और साढ़े आठ लाख अगर बजट में उन्होंने प्लान किया है तो अपना भी शेयर तो बनेगा और कोशिश जारी है। अभी भी हम इस स्पीड से काम कर रहे हैं और स्पीड से आगे काम करेंगे। अपने लिए बड़ा फायदा होगा इसमें से।
ओके और हमको बड़ा ऑर्डर एक्सपेक्टेड है, राइट इसमें हम।
राइट राइट।
महाराष्ट्र।
यस, ऑलरेडी महाराष्ट्र डिस्काउंट में हम लोग काम कर रहे हैं, जो हमारे पास आज भी जो पेंडिंग ऑर्डर्स है, उसमें ₹1,500 करोड़ का ऑर्डर आज भी पेंडिंग है। हम लोग सप्लाई कर रहे हैं। हर क्वार्टर में भी हमने कुछ सप्लाई किया है और ऑलरेडी वहां पर डिमांड भी अच्छी है। अपना ब्रांड भी बहुत अच्छा है।
गॉट इट और सर, अगर हम देखें मोटा मोटी तो ₹2,400 करोड़ तो हम यह साल कर सकते हैं और अपना कैपेसिटी भी उतना ही है तो नेक्स्ट ईयर हम कैसे ग्रो करने का प्लान करते हैं। क्योंकि अपना जो की YIP का इफेक्ट है, वह तो एक साल बाद आने वाला है तो नेक्स्ट ईयर के लिए क्या प्लान है अपने ग्रोथ के लिए कैपेसिटी वाइस।
हां, आप बिल्कुल बिल्कुल सही बोल रहे हो, क्योंकि देखिए, अभी जैसे मैंने अभी थोड़े समय पहले भी गाइडलाइन पर बात की, क्योंकि मुझे मालूम है कि क्वेश्चन यही आने वाला है सबसे ज्यादा। तो अभी हम लोग ₹1,300 करोड़ जो हमने ₹1,350 करोड़ लास्ट ईयर किया था, उसमें 30% ग्रोथ करके हम हमारी टीम को पूरा टारगेट देकर उस पर काम कर रहे हैं। जैसे जैसे और हमारी स्पीड बढ़ेगी, हम उससे आगे भी और आगे से अच्छे से काम करेंगे, क्योंकि हमको दिख रहा है। हम इसीलिए हमने एक्सपेंशन भी प्लान किया है। एक्सपेंशन के भी काम चालू है। कार्य प्रगति पर है और उसको उससे भी आगे जाने के लिए और स्पीड से हमारी पूरी टीम बिल्कुल रेडी है। सब लोग हमारे शक्ति पंप से काम आगे भी और अच्छा काम करने के लिए रेडी हैं। लेकिन जो मिनिमम हम जो कह रहे हैं, क्योंकि आने वाले समय में बारिश बारिश का क्वार्टर भी आने वाला है और सीजन चुनाव का भी आने वाला है। इसलिए हम थोड़ा आपको कंजरवेटिव फिगर दे रहे हैं कि हम लोग ₹1,300 करोड़ तो करेंगे ही, करेंगे। ₹1,300 करोड़ से 30% ग्रोथ टोटल होता है। ₹1,750 करोड़ के आसपास तो जरूर करेंगे।
ओके, ओके और सर, अभी अपना जो फ्री कैश जो जनरेट होगा, क्योंकि अच्छा खासा प्रॉफिट होता है।
तो वो हम कहां पर deploy करने का सोचेंगे, क्योंकि हमने already एक QIP किया है तो जो surplus funds होंगे, उसका deployment कैसे plan करना है?
हां, दिनेश पटेल हमारे इसके बारे में आपको बताएंगे। Actually इसके लिए क्या है कि आपको दो चीजें समझ के रखना पड़ेगी। एक तो हमारी expansion plan है, जिसमें हमने QIP में से कुछ funding लिया हुआ है, कुछ funding हमें भी करना है उसमें। Second thing जो है, हमारे पास EV का एक बड़ा project है हाथ में, जिसमें हमको एक बड़ा investment करना है और जिसको हम without banking finance करना चाहते हैं। तो let's see आगे और भी जो नए development होते हैं, management उसके लिए आपको quarter on quarter update करता रहेगा।
ओके और दिनेश जी, अगर आपका रिसीवेबल का नंबर देता है, अब भी ये क्वार्टर में तो।
आपको।
यस।
Sir, many more participants remaining.
Answer, I will get back.
₹880 करोड़ के रिसीवेबल हैं। आज की डेट में 3 जून 2024।
Sir, so the next question is from, the next question is from Avi Agarwal from Arihant Capital Markets Limited. Please go ahead sir!
Good afternoon sir.
गुड आफ्टरनून।
सर, मुझे पूछना था कि हमने जो शक्ति ईवी मोबिलिटी है, इसके बारे में हमने क्या प्लान किया है आगे जाते हुए और जो हम अपनी कैपेसिटी एक्सपेंशन डबल करना चाह रहे हैं, उसकी हमारी क्या प्रोग्रेस है?
हां, सबसे पहले तो मैं आपको हमारी शक्ति ईवी के बारे में बताऊंगा, क्योंकि हम लोग पिछले चालीस साल से मोटर बना रहे हैं। तो मोटर बनाने का जो हमारा एक्सपीरियंस है, वह हमारे अपनी कंपनी को, अपने शेयरहोल्डर्स को उसका फायदा मिलना चाहिए। उसके लिए हमने एक अलग शक्ति ईवी के नाम से एक कंपनी बनाई है और उसके अंदर हम करीब ₹250 करोड़ आने वाले दो सालों में इन्वेस्ट करेंगे और उससे जो बनने वाली मोटर और कंट्रोलर्स हैं, उनमें टू व्हीलर, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर और बसेस की मोटर हम बनाएंगे और उसके अंदर हम कुछ मोटर ऑलरेडी बना चुके हैं। कुछ आज की तारीख में जो बस मैन्युफैक्चरर हैं, उनके साथ में मिलकर ऑलरेडी रोड पर भी कुछ बसें हमारी 2,400 बसें रोड पर भी चल रही हैं। तो टेक्नोलॉजी को प्रूवन करने के लिए हमारी स्पीड अभी तक रही है। अब धीरे धीरे हम उसकी स्पीड को भी आगे बढ़ाएंगे। प्लांट के प्लांट एंड मशीनरी के ऑर्डर भी हो चुके हैं, वो भी अब लगना चालू हो रहा है। तो जैसे जैसे आगे इसमें ग्रोथ होगी, हम क्वार्टर वाइज इस ग्रोथ के बारे में भी बात करेंगे, आपको भी बताएंगे। अग्रवाल साहब, इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि कंट्रोलर का एक्सपीरियंस भी हमारे पास है और मोटर बनाने का एक्सपीरियंस भी हमारे पास है और इंडिया में अभी तक हमें कहीं बहुत ज्यादा स्केल पर ईवी की मोटरें बनती दिख नहीं रही है। अब वैसे भी सेंट्रल गवर्नमेंट का प्लान है कि आत्मनिर्भर भारत की तरफ उनको इंडिया का मैन्युफैक्चर ही लेना है तो हमें उसमें एक अच्छी अपॉर्चुनिटी दिखती है। इसीलिए हमने इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट वहां करने का प्लान किया है।
तो सर, किन किन कंपनियों से आपने tie-up किया है अपना मोटर सप्लाई के लिए और क्या timeline हो सकता है इसका execution करने का?
आप बिल्कुल। आप आइए अग्रवाल साहब, स्वागत है। मैं इस कॉल में जितने भी लोग अटेंड हैं, उन सबको निमंत्रण दूंगा। आप आइए, मैं आपको फैक्ट्री पे दिखाता हूं, बताता हूं और बताऊंगा। अभी इस कॉल में कंपनियों के नाम लेना, क्योंकि उनके साथ NDA साइन है, तो संभव नहीं है।
अच्छा और सर, एक लास्ट क्वेश्चन कि अपना सोलर पंप का जो कैपेसिटी है, वह डबल करने का गाइडेंस है तो उसमें क्या प्रोग्रेस है?
हां, उसमें प्रोग्रेस अच्छी प्रोग्रेस है। डबल करने का गाइडेंस भी है। उससे उसके बारे में हमने SBI और LIC से इक्विटी भी पार्टिसिपेट की है। उसके बारे में भी आपके पास इंफॉर्मेशन होगी और उसमें भी प्रगति पर है। चीजें हम प्लांट और मशीनरी के कुछ ऑर्डर कर चुके हैं, कुछ करने जा रहे हैं, जिनकी रिक्वायरमेंट ऑलरेडी अलॉट सरकार कर चुकी है। उसकी रजिस्ट्री होने वाली है। जैसे जैसे चीजों को आगे प्रोग्रेस होती है, हम आपको इन्फॉर्म करेंगे।
Thank you sir. Thank you so much.
Thank you Aggarwal Sahab. Thank you.
नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ फ्रॉम पार्थ मेहता। सॉरी, द नेक्स्ट क्वेश्चन इज़ फ्रॉम राजेश गोरा फ्रॉम यू मे गो।
दिनेश जी, फोर क्वार्टर रिजल्ट्स के लिए।
Thank you. Thank you.
अमेजिंग तो यह है कि तीन साल में इक्कीस, बाईस और तेइस के फाइनेंशियल ईयर में क्युमुलेटिव प्रॉफिट तीनों का हम टोटल करें, मिलाके लेस देन ₹65 करोड़ होता है और आपने लास्ट दो क्वार्टर में ही ₹180 करोड़ प्लस कर लिया। वेल डन! क्या तीन चार चीजें हैं जो इतना बड़ा चेंज आया है प्रॉफिट में, रेवेन्यू में, स्केल में? वो थोड़ा बताएंगे तो अच्छा रहे।
बिल्कुल बिल्कुल, राजेश जी आपका क्वेश्चन बिल्कुल सही है। एक्चुअली पिछले पांच छह सालों से हम इंतजार कर रहे थे कुसुम का और हर कॉल में हम बोल रहे थे कुसुम प्रोग्रेस पे है, प्रोग्रेस पे है, प्रोग्रेस पे। कुछ जगह कुसुम वन में कुछ इश्यूज थे, कुसुम टू में अपने इश्यूज थे। है ना?
इसीलिए हमने आज के ऐसे दिनों के लिए ही यह कंपनी खड़ी की थी। इसमें एनर्जी एफिशिएंट फॉर्म में पिछले बीस साल से काम इसीलिए किया था कि आने वाले समय में हमारे शेयरहोल्डर्स को कुछ इसका फायदा मिले और उनको कुछ फायदा हो। अब कुसुम जो है, स्टेबलाइज हो चुकी है। मार्केट में हर जगह से डिमांड आ रही है। हर कस्टमर उसकी बड़ाई कर रहा है, हर किसान उसको लेना चाह रहा है। सोलर पंप से फार्मर अपने पास ऑटोमेटिकली उसको जो है, वह माइग्रेशन पर कन्वर्ट हो रहा है। उसकी इनकम बढ़ रही है। गवर्नमेंट के लॉस कम हो रहे हैं। उसी स्पीड में हम भी धीरे धीरे अपने आप को स्पीड भी कर रहे हैं और अपने आप को आगे भी बढ़ा रहे हैं। कैपेसिटी भी है हमारे पास और इसमें और आगे हम इंप्रूव करने जा रहे हैं। इसी ऐसे ही दिनों के लिए कंपनी लगाई थी। लेकिन किसी कारणों से कुसुम वन में कुछ इश्यूज थे, कुसुम टू में थे। अभी सारे इश्यूज साल्ट आउट हो गए हैं और अब आगे आप देखिए, हम इससे भी आगे और अच्छा काम करने जा रहे हैं।
Very good! तो अभी कोई भी issue अभी बड़ा कोई issue अभी pending नहीं है कि इसमें कुछ government intervention चीज है, तो central government everything is clear.
नहीं नहीं, everything is very clear और बहुत ही अच्छे तरीके से हो चुका है, क्योंकि इसमें State Government, farmer और Central Government तीनों का role था। तीनों का बड़े अच्छे तरीके से तीनों ने अपने अपने area में अच्छा experience ले लिया है और आप देखेंगे कि जैसे ये ₹8.5 लाख pump का जो Maharashtra ने जो plan लिया, वो उसी का नतीजा है कि Government भी चाह रही है कि उनके DISCOM के losses कम हो और farmer भी चाह रहा है कि उनको उनकी खेती की income में फायदा हो।
बराबर है, सबका विन-विन सिचुएशन और ऑल स्टेकहोल्डर्स।
राइट, एवरीबडी शुड बी।
वेरी गुड। तो ये क्वार्टर में अपना ₹14,700 का पीएम कुसुमा कुछ हमने इंस्टॉलेशन किया तो पूरे इंडस्ट्री का कितना हुआ रहेगा? एप्रॉक्सिमेटली CFO कैन शेयर द नंबर और यू हैव द नंबर।
Right.
मार्केट शेयर क्या था एक क्वार्टर में?
अपडेट किया हुआ है अराउंड ₹70,000 समथिंग है।
78,000 बराबर तो हमारा मार्केट शेयर वो हिसाब से 20% क्या above रहेगा और less in 20.
ऐसा नहीं बोल सकते हैं। पुराने अपडेट हुई है। इसमें ऐसा आप नहीं बोल सकते हैं, क्योंकि इसमें जो पुराने फिगर पोर्टल पर आए हैं, क्योंकि वो जिन स्टेट के पोर्टल से जो इंफॉर्मेशन जो पुराने वेंडर्स जो हैं, जिन लोगों ने सप्लाई किए हैं, पंप कुसुम वन, कुसुम टू और कुसुम थ्री में जाकर आप जाकर उनके वो जब एंट्री हो रही है तो इसलिए आपको ऐसा लग रहा है कि अपना मार्केट शेयर 20% है। लेकिन हां, हम बोल रहे हैं बाकी सब जगह हमारा मार्केट शेयर मेंटेन है। थोड़ा सा हमने स्लो किया था। महाराष्ट्र में हमारा पेमेंट महाराष्ट्र से नहीं आ पा रहा था, इसलिए हमने थोड़ी फिगर। वहां पर हमने अपनी ग्रोथ थोड़ी स्लो दिखाई, ऑर्डर होते हुए स्लो दिखाई, क्योंकि हमको पेमेंट नहीं मिला था। अभी पेमेंट मिल चुका है। वहां से एक ₹60,000 का ₹50,000 का चेक आ चुका है। अब हम वहां पर स्पीड स्पीड बढ़ाने जा रहे हैं। हम यह देखते हैं कि जहां पैसा हमारा टाइम पर आ रहा है, इनके पास बजट में पैसा होते हुए भी हमको पेमेंट कुछ इश्यू के कारण लेट हो रहा था तो हमने सप्लाई बंद कर दी थी।
समझ गया, समझ गया और यह क्वार्टर में लास्ट क्वेश्चन, यह क्वार्टर में गवर्नमेंट ऐज़ अ परसेंटेज ऑफ रेवेन्यू विल बी हाउ मच?
हेलो हेलो, मिस्टर राजेश वोरा, प्लीज कम टू द फॉलो अप। वी मे रिक्वेस्ट फॉलो।
73%।
73%, ओके कांग्रेचुलेशन एंड ऑल द बेस्ट। थैंक यू।
थैंक यू! थैंक यू, थैंक यू।
The next question is from Tushar Jain from Sumitomo Mitsui DS Asset Management. You may go ahead.
हेलो।
हां जी तुषार जी बोलिए।
हां सर, दो चीजें समझ नहीं थीं। पहली आप कह रहे हैं, आपने अभी ₹675 करोड़ किया है और आप कह रहे हो करीब ₹500 करोड़ अगले क्वार्टर भी कर दोगे, पर पूरे साल में आप सिर्फ ₹1,750 करोड़ कह रहे हो तो सेकंड हाफ में सरप्राइज एलिमेंट रखना चाहते हो। आपकी कुछ सीजनैलिटी है, जिसकी वजह से आप ऐसी गाइडेंस दे रहे हो।
नहीं, थोड़ा सा बारिश का समय हमें पता नहीं है। बारिश हरियाणा में, पंजाब में या हरियाणा में, राजस्थान में किस किस जोर में कैसे आने वाली है, महाराष्ट्र में कितनी जोर से आने वाली है तो उसमें क्या है? बारिश की वजह से थोड़ा सा स्लो हो जाता है, इंस्टॉलेशन और दूसरा दो, दो या तीनों स्टेट में चुनाव भी आने वाले समय में तो वो चुनाव के कारण भी थोड़ी मशक्कत इधर उधर हो जाती है। सिग्नेचरी अथॉरिटी रहती नहीं है, सिग्नेचर नहीं हो पाता है तो दो तीन ऐसे इश्यूज हैं, जिनमें हमारा कंट्रोल नहीं है। लेकिन अगर यह इश्यू नहीं हुआ तो हम अच्छे से और अच्छे से करेंगे। लेकिन इन इश्यूओं को भी फैक्टरींग करते हुए हम बोल रहे हैं कि हम 30% ग्रोथ करेंगे।
ओके और दूसरा आपने बोला था कि रॉ मटेरियल साइड में थोड़ी सी आपको बचत हुई है, क्योंकि नेगोशिएट कर पाए हैं तो यदि आप आइडिया देंगे कि मेजर रॉ मटेरियल क्या है आपका?
मेजर रॉ मटेरियल सोलर पैनल है, स्टेनलेस स्टील है, कॉपर है। यह मेजर तीन हमारे रॉ मटेरियल है। स्टेनलेस स्टील, कॉपर और सोलर पैनल।
तो इसमें तो मोस्टली सोलर पैनल पर नेगोशिएशन हुआ होगा, यदि मैं।
सोलर पैनल पर भी नेगोशिएशन हुआ है, स्टील पर भी हुआ है।
अच्छा ठीक है! ठीक है सर। Thank you.
थैंक यू तुषार जी।
The next question is from Ajay Kumar Surya from Nivesh. You may go ahead, sir.
हां सर, congratulation on this fantastic number. सर, मेरा question सर, जैसे हम KUSUM website पर देखते हैं तो वहां पर बताते हैं कि अभी कुछ साढ़े तेरह लाख pumps का sanction हो गया और जैसे KUSUM योजना है जो साढ़े सत्रह लाख pump की है। तो सर, मेरे को वही जानना था कि अभी आज तक tendering कितने pump का हो चुका है कि जिसके order already अपन जैसी company को already मिल गए हैं तो आप क्या वो बता पाएंगे कि कितने percentage of pumps का tendering हो चुका है?
अजय, ये जो percentage आप pump number, आप pump की वजह से tender नहीं हुआ है। यह tender हुआ है। Rate contract, rate contract बुलाया था भारत सरकार ने। वो rate contract हुआ है। उस rate contract में numbers को लेकर कोई limitation नहीं है। वो उसमें decision maker farmer है। 25% से 40% तक पैसा farmer को देना रहता है। बाकी पैसा state अपनी तरफ से मिलाता है। बाकी पैसा central अपनी तरफ से मिलाता है। तो numbers, numbers की कोई issue नहीं है और tender का कोई issue नहीं है। यह rate contract अगले दो साल के लिए बुलाया गया था। अभी तक सिर्फ तीन quarter हुए हैं, बाकी quarter अपने हाथ में है।
नहीं सर, मैं पूछ रहा हूं कि ₹13.5 लाख पंप जो अभी बताते हैं कि सैंक्शन हो गया तो उन पंप का टेंडरिंग हो चुका है कि अपने को उसमें ऑर्डर्स मिल चुके हैं या उनके ऑर्डर्स आने ही बाकी है। अभी तक मार्केट में ऐसा पूछ रहा हूं मैं।
इसमें actually ongoing है तो इसमें ऐसा है कि जो sir ने जैसे बताया कि tender one time होता है, जो दो साल के लिए हुआ है और market में tender है तो इसमें state wise portal open होता जाता है और quantity allot होती जाती है।
तो अभी जो आपको Sanction Quantity दिख रही है, वो बराबर दिख रही है Total के through और वही Actual है। उसमें से जैसे जैसे Farmer choose करेंगे, वैसे वैसे अपने पास Order आते जाते हैं। यहां पर Decision Maker Farmer है, Numbers का कोई meaning नहीं है।
ओके, ठीक है और सर सेकंड क्वेश्चन था जैसे सर कि आजकल जैसे स्टेट गवर्नमेंट महाराष्ट्र में खुद से भी काफी सारे पंप्स लगा रही है और सर जैसे सब्सिडी में भी देखा जाए तो स्टेट गवर्नमेंट खुद टोटल सब्सिडी जो है वो सेंट्रल और स्टेट की जो कुसुम में मिलाके 60% जैसे सब्सिडी है, उससे ज्यादा दे रही है। तो सर आगे जाकर सर हमारा फोकस कैसे रहेगा कि हम स्टेट गवर्नमेंट के ऑर्डर्स पर ही ज्यादा फोकस करें या हमारा रेवेन्यू मतलब कुसुम के टुवर्ड्स ही रखें। मतलब अपना फोकस एरिया कैसे देख रहे हैं आप आगे जाकर?
हम तो देखिए, हमारा फोकस एरिया। आप आगे की बात पूछेंगे तो हम तो इस पोजीशन पर आगे की तरफ काम कर रहे हैं कि हम कैश मार्केट की तरफ बढ़े। अब कैश मार्केट ऑलरेडी इंडिया में बढ़ चुका है। लोगों को अभी इंतजार करके उतनी देर रुकना नहीं है सोलर पंप के लिए कि वो थोड़ा पैसा देके उसके लिए वहां रुके। अब धीरे धीरे कैश मार्केट की तरफ कन्वर्ट हो रहा है मार्केट तो हमारा टारगेट आने वाले समय में हर तहसील लेवल पर, तालुका लेवल पर अपने छोटे छोटे डीलरों को सपोर्ट करते हुए आगे अपने प्रोडक्ट को उनके थ्रू मार्केट करने का है। जहां तक बात है सेंट्रल गवर्नमेंट के काम का, तो हम सेंट्रल गवर्नमेंट का जो कुसुम स्कीम है, उसके साथ भी काम कर रहे हैं और स्टेट के साथ भी काम कर रहे हैं। तो दोनों जगह हमको ऐसा लगता है कि अभी हमारे लिए अपॉर्चुनिटी यह है कि हम वहां पर अपने आप को अपने ब्रांड को एस्टेब्लिश करें, जिससे कि आने वाले समय में हमको प्राइवेट मार्केट से कैश सेल में हमको उसका फायदा मिले। इसलिए हम ब्रांड पर भी काम कर रहे हैं और क्वालिटी पर भी काम कर रहे हैं।
पर सर, इसके अंदर जो ऑर्डर करना है, जैसे कुसुम में तो फार्मर खुद चूज करता है तो ये स्टेट गवर्नमेंट की पॉलिसी इसके अंदर भी मतलब फार्मर खुद चूज करता है या गवर्नमेंट अपने को मतलब अलॉट करती है या वैसे टेंडर देती है कि वहां पर थोड़ा प्राइस कॉम्पिटिटिव होना पड़ेगा, अपन को इसका वर्किंग कैसे?
L1 का कोई concept नहीं है। L1 को quality का कोई figure नहीं है। इसमें farmer ही decision maker है, क्योंकि ultimately वो भी पैसा अपना participate कर रहा है। इसमें जो लोग अच्छी service देंगे, जो लोग अच्छा brand बनाएंगे उन्हीं को order मिलेगा।
ओके तो मतलब दोनों योजना में फार्मर ही चूज करेगा, चाहे सेफ हो या कुसुम की और एक लास्ट क्वेश्चन सर, जैसे कि अभी क्योंकि सोलर मॉड्यूल अपना मेजर कंपोनेंट होता है रॉ मटेरियल का तो और इसके अंदर क्योंकि डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट भी होता है तो सर वहां पर अपन प्राइस कैसे देख रहे हैं कि मतलब क्योंकि अपने मार्जिन काफी अच्छे आए हैं, लास्ट दो तीन क्वार्टर में तो गोइंग फॉरवर्ड से हम अपने मार्जिन किस तरीके से देख रहे हैं, प्राइस को लेकर और मतलब अपनी प्लानिंग क्या है, जिससे अपने मार्जिन और स्टेबल हो सके?
हां, बढ़िया। हम तो कोशिश हमारी जारी रहती है, क्योंकि इसमें DCR सेल की रिक्वायरमेंट है। आपको जैसा पता है कि अभी इंडिया में DCR सेल क्या है? 8 से 10 गीगा की कैपेसिटी है, वहां से हमको लेना पड़ता है। आने वाले समय में मुझे लगता है कि लोग उसकी कैपेसिटी एनहांसमेंट पर काम कर रहे हैं। जैसे जैसे कैपेसिटी एनहांसमेंट होगी, वैसे वैसे हमको ऐसा लगता है कि सोलर की प्राइस और नीचे आनी चाहिए। अभी हमको ऐसा लगता है कि 20% से 25% अभी गुंजाइश है और सोलर प्राइस को नीचे जाने की देश में।
अच्छा सर, जैसा यह अपने कुसुम के अंदर जो इंस्टॉलेशन है।
Hello sir, Ajay Kumar Surya, sir sorry to interrupt you, we request you to come on follow up.
जी सर।
Thank you Ajay. Thank you.
Thank you sir.
The next question is from Swati Jhunjhunwala from JM Financial. You may go ahead, ma'am.
हां, मेरी क्वेश्चन थी। शुक्रिया, मुझे तो दो तीन छोटे क्वेश्चन थे। पहला यह कि हमारा एक बार जो 23-24% वाला जो मार्जिन आया है तो यह क्या सिर्फ इसी क्वार्टर की बात है कि आगे चलकर भी मतलब बाय स्पेस टाइप का हम ये मार्जिन कर सकते हैं। यह पहला था। दूसरा क्वेश्चन यह है कि आप एक आइडिया दे सकते हो क्या कि हमारा सबमर्सिबल वर्सेस सोलर पंप है, उसमें क्या मिक्स है? और आगे चलकर हम सोलर पंप की जो कैपेसिटी ऐड कर रहे हैं तो वह क्या कुछ चेंज होगा या नहीं? यह दो क्वेश्चन थे।
ओके, स्वाती मैडम, पहले तो मार्जिन की बात बताऊं। हम लोगों ने जो इम्प्रूवमेंट किया, जो नेगोशिएशन करके, नेगोशिएशन तो हमेशा ऑलवेज जारी रहता है, जारी रखेंगे। जितना भी जैसे जैसे क्वांटिटी इम्प्रूव होती है, वैसे वैसे आपको पता है कि एक्सपेंसेस कम होते हैं और मार्जिन इम्प्रूव होता है, वो तो बिल्कुल जाहिर बात है। लेकिन जो नेगोशिएट करके हम आगे से हमारे कस्टमर को जो नेगोशिएट करके सोलर प्राइस में हम जितना कम कर पाएंगे, कर पाते रहे, वो करेंगे, जरूर करेंगे और इम्प्रूवमेंट ऑलवेज। हम हमारा काइजन और हमारा जो ड्रीम है, वो तो यही है कि ऑलवेज जितने भी कोशिश पूरी जारी रहती है, कि हम अच्छे तरीके से नेगोशिएट करके अपने रॉ मटेरियल को खरीदें और दूसरा अभी आजकल क्या है कि हम लोग ऐसे भी हैं तो हमको पूरा अच्छे से प्लानिंग मिल जाती है तो हम अपने वेंडर्स को प्लानिंग दे पाते हैं, अगले तीन महीने की, चार महीने की। तो उसकी वजह से भी वेंडर थोड़े कॉन्फिडेंट रहते हैं और रेट वो लोग अच्छे प्रोवाइड करते हैं। तो हमारी पूरी कोशिश है कि हम मार्जिन को लेकर आगे भी अच्छे और कार्य करते रहेंगे। बाकी आपने पूछा है कि सोलर, सोलर और सबमर्सिबल पंप का तो अभी आज की तारीख में तो मेजर सोलर ही है। हम उसी पर आगे बढ़ रहे हैं और वही हमारे लिए ऐसा लगता है कि हमको एनर्जी एफिशिएंसी का फायदा देगा।
अच्छा और सर एक क्वेश्चन तो जैसे आपने क्लास में आपने बोला था ना कि जो आपकी टेक्नोलॉजी है, इस वजह से आपको पंप बंद नहीं करना पड़ता, ग्रिड में पावर डालने के लिए तो उसकी वजह से क्या कुछ प्रीमियम चार्ज करता है आपका पंप से as opposed to जो बाकी प्लेयर्स है, उससे आपका क्या प्राइसिंग थोड़ा ज्यादा है या फिर मतलब वहां पर टेक्नोलॉजी का क्या फायदा हो रहा है? अगर आप उससे थोड़ा सा बता दें।
हां स्वाति मैडम, यस बहुत अच्छा आपका क्वेश्चन है। बेसिकली सबसे पहले तो क्या हमको कुसुम सी का जो ये कॉन्सेप्ट है ना, ग्रिड कनेक्टेड पंप्स का इसको इंडिया में प्रूफ करना है। तो अभी हम लोग इसमें मार्जिन तो ठीक है, जो मार्जिन मिल रहा है, मिलेगा और आगे भी देखेंगे। सबसे पहले हम यह कोशिश जारी कर रहे हैं कि यह जो कॉन्सेप्ट नया है, पूरे देश में और पूरे संसार में, कि ग्रिड से भी पंप ग्रिड से भी कनेक्टेड है और सोलर से भी कनेक्टेड है। तो दोनों एक ही टाइप के हैं। कॉन्सेप्ट थोड़ा नया है। लोगों को प्रूफ करके हमको देना पड़ेगा। हमारी कोशिश पहले ही जारी है कि हम इसको इस सिस्टम को ग्रिड कनेक्टेड पंप को सक्सेसफुली पांच साल उसको अंदर सिस्टम में करके चला दें। उससे क्योंकि इसमें सबसे बड़ा चैलेंज ग्रिड कनेक्टेड पंपों का यह रहता है एग्रीकल्चर कनेक्ट, एग्रीकल्चर साइड पर क्योंकि ग्रिड अवेलेबल की गारंटी नहीं मिलती है। तो अगर ग्रिड कनेक्टेड पंप है और आपने सोलर लगा के रखा और ग्रिड की अवेलेबिलिटी नहीं है तो ग्रिड में हम एक्सपोर्ट करने में थोड़ा सा पीछे रह जाते हैं। हालांकि हमने अपनी टेक्नोलॉजी में यह भी एक अच्छा उसमें भाग दिया है कि अगर ग्रिड अवेलेबल नहीं है तो भी स्टैंड अलोन हमारी VFD जनरेटर का काम करता है। पंप का काम तो फार्मर को करके देगी। यह भी हमारा एक हमारे प्रोडक्ट में खासियत है कि ग्रिड अवेलेबल नहीं है तो ग्रिड में एक्सपोर्ट नहीं हो रहा है। वह बात ठीक है, लेकिन फार्मर को पंपिंग करके वह अपनी किसानी कर पाए, अपने खेतों को पानी दे पाए, इसी स्थिति में वो लगाया जा। तो ये सब चीजें हमको प्रूफ करनी है और इसी को प्रूफ करने के लिए हमने एक डेढ़ सौ करोड़ का प्रोजेक्ट लिया है। देश काम का और उसको हम प्रूफ करके देंगे। जैसे ही ये प्रूफ होगा तो हिंदुस्तान के सारे DISCOM को हम इस ओर ले जाएंगे। वहां ले जाकर हमको दिखाएंगे और आने वाले समय में हमको लगता है कि यह कंपनी के लिए बहुत अच्छा एक प्रोडक्ट होगा।
ओके थैंक यू सो मच सर।
थैंक यू! थैंक यू।
The next question is from Bharat Shah from ASK Investment Managers Limited. Sir, you may go ahead.
इसका नाम सुनाओ।
साले नहीं तो चलेगा। भारत शाह बोल ना भाई।
Hold the line from current question, the next question is coming up. The next question is from Roshik. Please go ahead.
हेलो।
यस।
हां सर, एक confusion है slide में। Slide number 30 और 31 में, slide number 30 में हम दिखा रहे हैं कि Indian industry solar pump का जो market size है, वह ₹150 billion का है और 31 में हम बता रहे हैं कि वह ₹1 lakh 47 thousand crore का है। तो सर वो मतलब वो समझना है कि क्या है यह confusion? थोड़ा वो दूर करना था।
एक मिनट, एक मिनट स्लाइड देख लें तो। हम आपको अलग से इन्फॉर्म करते हैं।
ये actually जो आप ₹49 लाख पंप देख रहे हैं, यह कुसुम का part है और यह हम overall की बात कर रहे हैं। तो sir overall बहुत कम दिखा रहे हैं। हम बता रहे हैं कि सिर्फ ₹15 हज़ार करोड़ की market size है। पर actual में हम जो 31 में दिखा रहे हैं, कुसुम की हम दिखा रहे हैं कि ₹1 लाख 47 हज़ार करोड़ की market size है।
नहीं, वो बिलियन INR में है। एक बार वापस चेक कीजिए।
हां सर, दोनों बिलियन में ही है।
मतलब नहीं यह लाख में है, ₹49 लाख पंप है।
नहीं सर, नीचे जो हम देते हैं ना, मार्केट साइज़ बिलियन में, उसमें हमने $1,470 बिलियन दिया है।
तो वन चेक करके आपको अलग से इनफॉर्म करते हैं।
ठीक है सर और सर दूसरा यह पूछना था कि जैसे कि अगर हम जो अभी देख रहे हैं, सक्सेस जो हमारे कुसुम में जो हमें मिल रहा है, सोलर पंप में और हमने उसके लिए आगे कैपेसिटी भी हमने डाली है। तो आपको लगता है कि जिस हिसाब से अभी जो यह जो पंप जो फार्मर्स के लिए भी बेनिफिशियल है और गवर्नमेंट के लिए भी बेनिफिशियल है तो आगे हम और एग्रेसिव हो सकते हैं कैपेक्स में और जो अगर हम आगे से अगर कैपेक्स प्लान करेंगे तो ओवरऑल कॉस्ट ऑफ प्रोडक्ट भी कम होते जाएगा, क्योंकि स्केल बढ़ते जाएगा। तो आपका इसमें क्या व्यू है आगे के लिए तीन साल के हिसाब से।
बहुत ही बढ़िया क्वेश्चन है आपका, क्योंकि देखिए, अभी इसीलिए हमने एक्सपेंशन प्लान किया है। यह एक्सपेंशन कंप्लीट होते से एक अच्छे बिजनेस के ऑपर्च्युनिटी हमको दिख रही है। इसीलिए हमने एक्सपेंशन आगे इन्वेस्टमेंट करके लाए हैं। यह जैसे होता है, जैसे जैसे होते जाएगा, आगे हमको क्वालिटी क्वालिटी बढ़ाते देना पड़ेगी। क्योंकि अपने देश में साढ़े चार करोड़ पंप की रिक्वायरमेंट है, जो फार्मर्स हैं आज की तारीख में जो सोलर पंप यूज कर रहे हैं, ग्रिड कनेक्टेड और इतने ही पंप जो है आज की तारीख में डीजल और बाकी पंप्स की रिक्वायरमेंट है। तो तकरीबन आठ से नौ करोड़ पंपों की देश में रिक्वायरमेंट है। हमारे अकेले की कैपेसिटी न तो इतनी है, न हम इतनी डालना चाहते हैं। धीरे धीरे हम कोशिश करके अपनी कैपेसिटी को एनहांस करते रहेंगे, आगे बढ़ते रहेंगे और क्वार्टर ऑन क्वार्टर अपने आप को भी अपडेट करेंगे और आपको भी अपडेट करेंगे।
और सर, ये जो पंप हम जो इंस्टॉल करते हैं, ये सब की लाइफ साइकिल कितनी होती है? मतलब रिप्लेसमेंट साइकिल कितने इयर्स की होती है?
देखिए, VFD में जरूर पांच साल है, पंप में दस साल है और सोलर पैनल में पच्चीस साल है।
सोलर पंप में।
25 साल है तो अभी Secondary Cell हमारी चालू हो गई है राजस्थान से।
ओके।
यहां से मध्य प्रदेश से, जो कि पहले जो पंप लगे हैं छत्तीसगढ़ में, वो सब पंप कुछ कुछ रिप्लेसमेंट भी आ रहे हैं तो वो चालू है। वो मार्केट में हम अपने आप को एस्टेब्लिश कर रहे हैं।
ओके सर, लास्ट क्वेश्चन यह है कि सर, हम आगे जाकर EBITDA मार्जिन जो है हमारा, हम वो किस रेंज में रखेंगे? जैसे कि हमने हिस्टोरिकली 14-15% किया है और अभी लास्ट दो क्वार्टर में हमारा मार्जिन बहुत अच्छा है। क्योंकि रॉ मटेरियल प्राइस भी हमें सपोर्ट कर रहा है और अगर हमारा इकोनॉमिक्स और स्केल भी हो रहा है तो आगे जाकर आपको क्या लगता है? हम यहां से EBITDA मार्जिन जो 14-15% कर रहे हैं, उससे ज्यादा ही करेंगे।
एक sustainable basis पे सम somewhere around 18% से 20% के around क्या हम कर सकते हैं वो steady rate पे?
देखिए, अभी पहले भी हम इसी क्वेश्चन का जवाब देते आए हैं, आज भी दे रहे हैं कि हमारी कोशिश पूरी रहती है कि हम 15% 16% पे EBITDA मेंटेन करके रखें। अभी आपने ये क्वार्टर देखा होगा, इसमें हमको जैसे भी गुंजाइश मिली है, हमने आपको वो प्रॉफिट लाकर दिए। लेकिन ये 15% वाला जो 15 से 16% वाला हमने अपने टीम को टारगेट दे के रखा है, उसमें हम कोशिश लगा के इंप्रूवमेंट करते रहेंगे आने वाले समय में।
ओके सर, थैंक यू सर।
Thank you.
The next question is from Bharat Shah from ASK Investment Managers Limited. Sir, you may go ahead.
या मैं नमस्ते दीपक जी, मैं यही प्रश्न एक्चुअली पहले कर रहा था, पर शायद लाइन कनेक्ट नहीं हो रही थी। आपका यह लास्ट दो क्वार्टर हम देखे। मैं वापस वो मार्जिन के प्रश्न पर आता हूं, क्योंकि वहां काफी कन्फ्यूजन है कि यह कैसे यह नंबर्स है। तो मार्च 2024 के क्वार्टर देखें तो करीब 21.5% है। अभी जो गया वो क्वार्टर में 24% है। लेकिन हम पूरी हिस्ट्री देखें उसके पहले तो उससे दूर दूर तक ऐसे मार्जिन कभी दिखे नहीं है। एक लॉटरी जैसा नंबर्स लग रहा है तो आप जरा उसके पर रोशनी डालोगे तो समझ में आएगा कि कैसे आप कह रहे हैं कि यह किस्म के मार्जिन सस्टेनेबल है, जो पूरी हिस्ट्री में कभी से दूर तक भी ऐसे नंबर नहीं आए। लेकिन दो क्वार्टर में सडनली नंबर्स दिखे तो प्रश्न उतना लेजीमिट है कि यह सस्टेनेबल मार्जिन है या वन टाइम या लिमिटेड पीरियड की लॉटरी जैसा है।
सर, इसमें एक्चुअली कैसा है कि जो अभी आप मार्जिन देख रहे हैं, वह थोड़ा सा मार्जिन ऑफ स्किल का भी इसमें इम्प्रूवमेंट है, प्लस रॉ मैटेरियल का इम्प्रूवमेंट है। हमारी डिपेंडेंसी भी सोलर पैनल से है और मेजर मार्जिन जो डिपेंड करते हैं, सोलर पैनल की प्राइस पर डिपेंड करते हैं। आप देखेंगे लास्ट थ्री क्वार्टर्स में सोलर पैनल की प्राइस सॉफ्ट हुई है, जिससे हमारे मार्जिन इम्प्रूवमेंट हुए हैं। आगे के टाइम में क्या होता है, वह हम आपको आगे अपडेट करेंगे। नेक्स्ट क्वार्टर ऑन क्वार्टर क्या अपडेट्स आते हैं उसमें। बट हां, हमारा जो सोचना है कि एटलीस्ट हम एक वर्स्ट सिचुएशन में भी 15% से 16% का मार्जिन मेंटेन कर ही लेंगे। तो यह अभी हमारी गाइडलाइन है, जो हमने पिछले क्वार्टर में भी दी थी और इस क्वार्टर में भी सेम ही दे रहे हैं कि रेवेन्यू बेसिस पर बात करेंगे तो हम 30% का ग्रोथ मिनिमम मेंटेन करेंगे और मार्जिन की बात करेंगे तो 15% से 16% का ग्रोथ लेवल तो मेंटेन रहेगा।
ये 30% आप इस साल के लिए कह रहे हैं या।
इयर ऑन ईयर बेसिस की बात कर रहे हैं हम। क्वार्टर ऑन क्वार्टर बेसिस पर हम तो अभी गाइडलाइन नहीं देते हैं। क्वार्टर ऑन क्वार्टर बेसिस पर जो हमने आपको रेवेन्यू की गाइडलाइन दी है, वो ₹500 करोड़ की दी है।
नहीं नहीं, मैंने क्वार्टर की बात नहीं की। मैंने कहा कि 30% आप दो बार कह चुके हैं तो यह साल के लिए 30% सीमित है या आप अगले लंबे टर्म पीरियड के लिए 30%।
आगे के लिए भी हम 30% का 25%, 30% का ग्रोथ लेवल तो दे ही रहे हैं, year-on-year basis पर। इस साल के लिए भी जो बात चल रही है, जिसमें ₹1,370 करोड़ हमने last year किया था और अभी इस साल हम करीब ₹1,750 करोड़ के आसपास का revenue fetch करेंगे, ऐसा हमारा कहना है।
वैसे तीन चार साल तक आपको 25% से 30% नजर आता है।
हां जी, इसीलिए हमने expansion loan किया हुआ है, क्योंकि आगे हमको एक बड़ा opportunity दिखता है।
ये जो मार्जिन आपका अभी 23-24% है, उसमें कितना मार्जिन स्ट्रक्चरली आपके हाथ में सिक्योर है और कितना एक एक्सटर्नल फैक्टर पे आधारित है।
मोस्टली सर एक्सटर्नल फैक्टर्स हैं, उसमें जैसे रॉ मैटेरियल के जो प्राइस हैं, वो डिपेंड करती है। इकोनॉमिकल आप देखेंगे तो लास्ट एक बार में जो हिस्टोरिकल अपवर्ड हुआ था, तो 55% जो रॉ मटेरियल मेरा तो 55% की रॉ मटेरियल प्राइस जो है, मतलब ग्रॉस मार्जिन लेवल तो 35% हो गई है। 35% में अगर 55% में मेरा प्राइस हाइक होता है तो वो मेरे को रिवर्स इंपैक्ट मारेगा। मेरे ग्रॉस मार्जिन में प्लस EBITDA मार्जिन में पैट में।
एक लास्ट प्रश्न पूछूंगा। रिसर्च की दीपक जी ने जिक्र किया था कि कई सारी पेटेंट सप्लाई की है। करीब तेरह या चौदह पेटेंट ऑलरेडी मिल चुकी है। तो रिसर्च और डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन आपका क्या है? क्या एफर्ट्स हुआ है? कितने लोग हैं, क्या किस्म का वर्क हो रहा है, उसके पर कुछ प्रकाश डालोगे?
हां जी, बहुत अच्छा क्वेश्चन है और यह तो मेरे लिए बहुत ही मस्त क्वेश्चन है। इसको मुझे रिप्लाई करने में बहुत अच्छा लगता है। शक्ति पम्प्स एक R&D कंपनी है। यहां हमारे पास IIT दिल्ली, IIT मुंबई और सारे देश के IIT के जितने भी PhD ओनर्स हैं, उसमें से आठ PhD के स्पेशली पावर, इलेक्ट्रॉनिक और मोटर्स में PhD किए हुए डॉक्टर कंपनी में हैं। करीब पचास मास्टर्स हैं और सौ के आसपास इंजीनियर हैं। फिलहाल कल ही हमने हमारी बोर्ड मीटिंग में हमारे एक IIT दिल्ली के जो मिस्टर प्रोफेसर भीम सिंह हैं, उनको हमने डायरेक्टर, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर उनको अपॉइंट किया है। IIT दिल्ली के पवन कुमार हरि हैं, उनको हमने अपॉइंट किया है। एक रिटायर IAS ऑफिसर हैं, जिन्होंने एनर्जी डिपार्टमेंट गुजरात में काम किया है। H.S. पटेल जिन्होंने मोदी जी के साथ काम किया है। H.S. पटेल उनको हमने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर में लिया है। मतलब आप समझिए कि तीन हमारे जो अपने अपने क्षेत्र के बड़े जितने नाम हो सकते हैं, उनको कंपनी के बोर्ड में हम लाने की कोशिश की है। एक हमारे IIT के प्रोफेसर हैं, जो इंदौर में उनके मार्केटिंग और सिटी में बहुत ही उनका बड़ा नाम है। इंदौर IIT में उनको हमने डायरेक्टर बनाया है। हाल ही में हमने हमारे जो सत्रह साल से हमारे एक्सपोर्ट में...
उनका योगदान अच्छा था। हमारे अश्विन बुतरा जी का, उनको हमने Director बनाया है तो ये कल ही की Board Meeting में ये सब चीजें हुई हैं, क्योंकि हम R&D कंपनी हैं। R&D में आगे बढ़ना चाहते हैं तो R&D के लोग ही हमको मार्गदर्शन दें। उसमें हमसे कोई गलती नहीं हो, इसलिए Board में अब ऐसे लोगों को हम ले आए हैं और अब आगे आप देखेंगे कि और अच्छी अपना Board भी खूबसूरत होगा और कंपनी भी और अच्छे से आगे इन लोगों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगी।
Thank you so much!
Thank you.
The next question is from Darshil Pandya from Fi nterest Capital. Sir, you may go ahead.
हेलो।
Yes, darshan boliye.
Yes sir, नमस्कार sir. Sir एक question regarding कि हमने जो हम जो capacity double कर रहे हैं, ये हमारा time frame क्या रहेगा? ये capacity कब हम live ला पाएंगे?
27 में ला पाएंगे।
ट्वेंटी सेवन में, ओके। और दूसरा क्वेश्चन ये था सर, मैंने थोड़ा सा मिस आउट कर दिया था। ग्रिड कनेक्टेड पंप के बारे में आप थोड़ा और बता सकेंगे सर। मतलब कैसे होता है? थोड़ा सा मैंने मिस कर दिया था, स्टार्ट में।
ठीक है, ठीक बात है। ग्रिड कनेक्टेड पंप मतलब जैसे अभी जो कुसुम स्कीम चल रही है, कुसुम स्कीम का पार्ट बी जो है वो एग्री पंप है। जहां पर कि कुसुम बी का पार्ट जो एग्री पंप है, वो जहां पर बिजली का कनेक्शन ही नहीं है। तो आज की तारीख में अगर बिजली का कनेक्शन किसी फार्मर को लेना हो तो पांच एचपी के पंप के लिए उसको बिजली का कनेक्शन लेना है। तार, खंबा, ट्रांसफार्मर लगाना है तो ₹2 लाख खर्च होगा। जबकि ढाई लाख रुपए में सोलर पंप अवेलेबल है। तो सोलर पंप सारी बहुत सारी गवर्नमेंट ने तय किया है कि नया कनेक्शन देने की बजाय उनको जो है, यह पंप प्रोवाइड करा दें और यह पंप एक साल में ₹1 लाख की बिजली खाएगा। तो हर साल बिजली खाने वाला पंप अगर इलेक्ट्रिकल पंप प्रमोट करेंगे तो डिस्कॉम भी लॉस में आएंगे और फार्मर को भी समय पर बिजली नहीं मिलेगी। तो सोलर रहेगा तो फार्मर को भी समय पर बिजली मिलेगी। तो यह तो कुसुम बी हुआ। कुसुम सी जो ग्रिड कनेक्टेड पंप है, जहां पर ऑलरेडी कनेक्शन दिया हुआ है। जो खर्चा ऑलरेडी डिस्कॉम कर चुके हैं, सरकार कर चुकी है। वहां पर अगर फार्मर की इनकम बढ़ाई जा सके, जो मोदी जी की स्कीम में अन्नदाता जो है, वह ऊर्जादाता बने तो वह स्कीम के तहत है कि उसके पंप को क्योंकि उसका पंप 360 दिन उसको जरूरत नहीं है। उसके खेत को पानी देने के लिए उसको सिर्फ 180 दिन ही जरूरत है। उसके खेत को पानी देने के लिए तो 180 दिन वो बची हुई बिजली ग्रिड को सप्लाई करेगा और वह बची हुई ग्रिड की जो बिजली है, वह डिस्कॉम उसको अपने यूज में लेगा या आगे उसको बढ़ाकर सेल करेगा। तो जो डिस्कॉम जो इन्वेस्टमेंट करके सारे पंप अगर फ्री में लगाता है तो साढ़े तीन साल में डिस्कॉम का पूरा इन्वेस्टमेंट फ्री हो जाएगा और फार्मर को भी पचास हज़ार रुपए साल की इनकम होगी। ये स्कीम इतनी अच्छी है।
बराबर बराबर और हम इसमें पंप्स दे रहे हैं। जैसे आप बता रहे हैं।
हम पंप, सोलर, स्ट्रक्चर, पूरा सिस्टम हम दे रहे हैं और हमारे पंप मोबाइल ऐप से ऑपरेटेड हैं। मतलब डिजिटल पंप हैं।
सर, हमने जो ₹200 करोड़ जो राइज किए थे, उसमें से भी आज तक कितना हमने यूटिलाइज कर लिया है।
अभी तक हमने कोई यूटिलाइज नहीं किया है। अभी जो जमीन की रजिस्ट्री होनी है, उसके बाद उसके ऊपर जो प्लांट एंड मशीनरी के ऑर्डर दिए हैं, उसके बाद उसमें यूज होना शुरू होगा।
करेक्ट। एक फाइनल क्वेश्चन सर, इसमें सर हमारी जो सब्सिडी है, फॉरेन में इसमें बांग्लादेश में जो एक सब्सिडी दिख रही है, दैट इज राइट नाउ। मतलब वहां पर अभी तक कुछ हुआ नहीं है तो वहां पर हम लोग कुछ अभी करने वाले हैं या कैसा है? मतलब एक्सपोर्ट का प्लान कैसा है, कंपनी का?
हां, रमेश हमारे Export Director, Export Director और Managing Director दोनों ही हैं। वह आपको इसका reply देंगे।
हां जी, नमस्कार। ये हम लोगों ने जो सब्सिडी ओपन की है ना, वो भी एक प्रोजेक्ट के लिए करके रखी है। तो एक तो हमने प्रोजेक्ट उसमें किया था, एक साल पहले और अभी उसमें भी गवर्नमेंट फंडेड प्रोजेक्ट रहता है। वो तो उसमें कुछ डिले हुआ है। अभी इस साल इस फाइनेंशियल में हमको कुछ प्रोजेक्ट मिलने की हमको उम्मीद है। हम लोगों ने तो सर्वे भी किया साइट पे, तो इसलिए हम लोगों ने सब्सिडी अभी कंटिन्यू करके रखा हुआ है ताकि हम प्रोजेक्ट कर सकें उसमें।
ओके, ओके एंड सर इसमें।
यूनिसेफ के और वर्ल्ड बैंक के फंडेड प्रोजेक्ट होते हैं, जिनमें की वहां उनकी कंडीशन रहती है कि वहां कंपनी अपने को सर्विस देने के लिए अपन एक साथ कर लेती है। इस साल हमने वो कंपनी स्टार्ट की है और वो दूसरे जो गवर्नमेंट के बिजनेस में हम देख रहे हैं कि आने वाले समय में कुछ अच्छे बिजनेस वहां पर मिलेंगे, क्योंकि वो लोग भी इसी तरीके से काम कर रहे हैं कि फार्मर्स को पंप फ्री में सप्लाई कर रहे हैं। बांग्लादेश गवर्नमेंट भी ऐसे ही कर रही है।
Got it, got it. और sir ये SBI Mutual Fund ने थोड़ा सा stake dilute किया है last quarter में तो ये कोई information है आपके पास इनके regarding? मतलब ये रहेंगे या कैसा रहेगा इनका?
अब वो तो उनका डिसीजन मेकिंग है, लेकिन इस बारे में हम आपको इस कॉल पर कुछ बात नहीं कर सकते। जरूर आपको अलग से बात करके बताएंगे।
शुक्रिया सर एंड कांग्रेचुलेशन एंड ऑल द बेस्ट फॉर द कमिंग।
Thank you. Thank you.
Thank you sir. The next question is from Ketan Athwal from Robo Capital. Sir, you may go ahead.
हेलो सर, केतन अथवाल हियर फ्रॉम रोबो कैपिटल। सर, मुझे पूछना था, हमने एक क्वार्टर में कुसुम थ्री के कितने पंप्स लगाए हैं और हमें कुसुम थ्री का रेवेन्यू कितना हुआ, इस क्वार्टर में?
कुसुम थ्री में इस बार जो पंप लगे हैं, अराउंड 15,000 पंप है और रेवेन्यू अराउंड ₹455 करोड़ है।
ओके और सर, एक स्मॉल क्वेश्चन जो हम नए इनिशिएटिव ले रहे हैं, जैसे कंपोनेंट्स भी है, क्योंकि हमारे पास एक रफ रेवेन्यू फिगर है, इससे कितना रेवेन्यू पोटेंशियल है, इसमें एक रफ फिगर।
अभी हमारे पास करीब ₹150 करोड़ का प्रोजेक्ट है, जो अजमेर में हम कर रहे हैं। वह एक पायलट प्रोजेक्ट है। एक बार उसे सक्सेस होने के बाद में फिर हम उसमें रेवेन्यू का एक बड़ा अपॉर्चुनिटी देखते हैं।
ओके सर, थैंक यू। थैंक यू।
The next question is from CA Garvit Goyal from Nvest Analytics Advisory LLP. You may go ahead.
Hello sir, am I audible?
हां जी बोलिए, बोलिए।
कॉन्ग्रेट्स फॉर अ गुड सेट ऑफ नंबर्स सर। जस्ट वन क्वेश्चन ऑन द सस्टेनेबिलिटी ऑफ द ग्रोथ। आपने मेंशन किया कि 30% का ग्रोथ रहेगा आने वाले तीन से चार साल। बट मेरा क्वेश्चन इस पर कैपेसिटी से रिलेटेड है सर। लाइक एक्जिस्टिंग कैपेसिटी में हम INR 2,400 करोड़ का रेवेन्यू कर सकते हैं। उसका सर मैक्सिमम कितना यूटिलाइजेशन कर सकते हैं? दैट इज क्वेश्चन नंबर वन एंड सेकंडली सर, आपने मेंशन किया 2027 तक हमारा कैपेसिटी डबल हो जाएगा सोलर पंप के अंदर तो सर 2026 में ग्रोथ कैसे आएगा सर? मिनिमम 30% का।
एक्चुअली जो मेरा एक्जिस्टिंग कैपेसिटी है, वो अराउंड ₹250 करोड़ के लिए सफिशिएंट है। दूसरा जैसे मैंने आपको पहले भी क्वार्टर्स में कॉन्फ्रेंस में बताया हुआ है और इन्वेस्टर मीट में भी बताया हुआ है कि यह जो हमारी कैपेसिटी है, ऐसा नहीं है कि इसके बाद में बॉटलनेक आएगा। कुछ बॉटलनेक मशीनों की आएगी, जिसको हम इसी एक्जिस्टिंग कैपेसिटी में बिल्ड करके थोड़ा सा इसको एक्सपैंड कर सकते हैं। तो इसलिए यह हमको अभी कोई बड़ा बॉटलनेक यहां पर नहीं दिखता है और एक्जीक्यूशन बहुत स्मूथली हो रहा है और आगे भी होता रहेगा, ऐसा हमको लगता है।
तो सर डबल होने के बाद दो हज़ार सत्ताईस में आप बोल रहे हो कि पंप वाला कैपेसिटी जो रहेगा वो पाँच हज़ार करोड़ रेवेन्यू का हो जाएगा। राइट।
हां, वो एक्चुअली क्या है कि अभी मेरा ₹5 लाख पंप और मोटर का कैपेसिटी है। उसको मैं ₹10 लाख पंप और मोटर का कैपेसिटी बिल्ड अप कर रहा हूं। वह जैसे ही हो जाएगा तो फिर यह मेरे लिए ₹5,000 करोड़ तक के लिए सफिशिएंट कैपेसिटी रहेगा।
तो सर, इसके लिए टोटल कैपेक्स आप लोग कितना कर रहे हैं?
मैं अभी ₹250 करोड़ का प्लान कर रहा हूं, जिसमें से ₹200 करोड़ का सपोर्ट मुझे SBI और LIC ने QIB के through दिया हुआ है।
और वो जो EV वाला capex है, वो उससे अलग है सर।
EV वाला capex जो है वो मेरा internal equity से होगा। मेरा खुद का project है, उसमें मैं खुद ही funding कर रहा हूं।
और वो भी दो हज़ार छब्बीस में आएगा सर।
वो टोटल पांच साल का प्रोजेक्ट है। बट हां, इनिशियल स्टेज में बात करूं तो अभी जो मेरा फर्स्ट फेज स्टार्ट हो रहा है, वो अभी सितंबर 2024 में इनॉगरेट करना है।
और सर, आपने जो EV का capex का बोला तो वहां margin किस तरीके के रहेंगे सर?
वो भी अच्छा क्वेश्चन है। एक बार चीजें आती है, क्लोज से देन वी विल कमेंट ऑन इट। इस पर डिसाइड करेगा। वो कितना चाइना से कितने फ्रेंडली लोग मटेरियल ला पा रहे हैं। क्योंकि हम अपना मार्जिन तो अपना हम फिक्स कर सकते हैं लेकिन हमारी प्राइस तो कॉम्पिटिशन में देखनी पड़ेगी ना। तो अभी तो जैसे हम लोग देख रहे हैं, बहुत उसमें है कि आत्मनिर्भर भारत के तो इनको सबको इंडियन प्रोडक्ट लेना कंपलसरी हो जाएगा तो मार्जिन अच्छा मिलेगा अपने को। लेकिन किसी कारण से वो चाइना से कोई असेंबली करने वाले लोग आ गए और उन्होंने प्राइसिंग पर कुछ डाला तो शायद प्राइस मार्जिन थोड़ा खींच सकता है। लेकिन अभी 99% ये चांसेस है कि हम लोग अच्छे मार्जिन पर अच्छे तरीके से अच्छा काम शक्ति में करेंगे।
ओके सर, लास्ट क्वेश्चन सर, इस क्वार्टर में हमारा ऑर्डर बुक रिड्यूस हुआ है सर तो गोइंग अहेड आप इस करंट क्वार्टर में ऑर्डर को कैसा देखते हैं?
ऑर्डर बुक हम अच्छा मानते हैं क्योंकि पिछले की तुलना में अच्छा ऑर्डर बुक है।
लास्ट क्वार्टर ₹200 करोड़ था। सर, ₹2,400 करोड़ से रिड्यूस होकर ₹2,000 करोड़ हो गया है तो अपकमिंग क्वार्टर में ऑर्डर देखते हैं सर।
आ रहे हैं, आ रहे हैं, अभी कुछ आगे भी ऑर्डर आते रहेंगे। अभी की जो ऑर्डर बुक है, वो भी sufficient for next fifteen months.
Understood sir. Thank you very much and all the best for the future.
Thank you. Thank you.
Ladies and gentlemen, due to time constraints, we will take that as a last question. I would like to hand the conference over to Mr. Dinesh Patidar for closing comments.
आप सब लोग आए, हमारे हौसले को आपने बढ़ावा दिया और आपके सारे क्वेश्चन का मैं जवाब दे पाया और भी कोई आपको अगर इसमें कोई क्वेश्चन हो और किसी तरह का कोई बात आप मुझसे जानना चाहें तो आप हमारी टीम से भी बात कर सकते हैं। हमसे भी बात कर सकते हैं और हमारे यहां आ भी सकते हैं। हम आपको अपना प्लान दिखा भी सकते हैं। तो मेरी आप सभी लोगों को बहुत सारी शुभकामनाएं। आप सब लोग आए हैं, इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। Thank you very much.
On behalf of that, conclude Shakti Pumps India Limited. This conference. Thank you for joining us and you may now disconnect your line.