Please note that this conference is being recorded. I now have the conference over to Mr. Rohit Anand from Ernst and Young. Thank you and over to you, sir.
Thank you and good afternoon, everyone. Before we proceed, let me remind you that the discussion may contain forward-looking statements that may involve known or unknown risks, uncertainties and other factors. It must be viewed in conjunction with our business risks that could cause future results, performance or achievements to differ significantly from what is expressed or implied by such forward-looking statements. To take us through the financial results and the key developments and to answer your questions today, we have the senior management of Shakti Pumps India Limited, represented by Mr. Dinesh Patidar, Managing Director, Mr. Ramesh Patidar, Executive Director Exports, Mr. Dinesh Patel, Chief Financial Officer and Mr. Ravi Patidar, CS and Compliance Officer. We will start the call with brief overview of the past quarter by Mr. Dinesh Patidar, followed by a Q and A session. I will now hand over the call to Mr. Patidar. Over to you, sir.
Thank you, Rohit. दोस्तों, आपका दिन शुभ हो!
शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड की Q2, 23 कॉन्फ्रेंस कॉल में शामिल होने के लिए आपका धन्यवाद। आपकी जानकारी के लिए स्टॉक एक्सचेंज और फाइनेंशियल रिजल्ट और इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन पहले ही हमने अपलोड कर दिए हैं और मुझे लगता है कि आप सभी ने उन्हें पढ़ लिया होगा। कंपनी ने एक्सपोर्ट में प्रोडक्शन जारी रखा है और एक्सपोर्ट में करीब 20% की हमने ग्रोथ ली है और हम करीब INR 10 करोड़ से हमारा एक्सपोर्ट इस क्वार्टर में बढ़ा है। हालांकि वित्तीय 23 में पहली छमाही में सोलर ईपीसी बिजनेस रेवेन्यू 10% घटा है एवं वह INR 310 करोड़ हो गया है। यह गिरावट मुख्य रूप से इसलिए है, क्योंकि इस अवधि के दौरान हमने जानबूझकर 12,000 सोलर पंप्स का एक्जीक्यूशन रोका है, क्योंकि सोलर पैनलों की कीमत जो है, करीब 40% के आसपास रॉ मटेरियल की कीमत बढ़ी हुई है और इसीलिए हमने उनको एक्जीक्यूशन को अभी होल्ड किया है। अन्य प्रमुख खिलाड़ियों ने भी इस बाजार में, जिनकी अच्छी हिस्सेदारी है, उन्होंने भी उसे होल्ड किया है और हम मिलकर केंद्र सरकार को कुसुम 2 योजना के तहत जो कि दो साल पुराने से उनके तहत रिविजन के लिए उनसे चर्चा कर रहे हैं, ताकि हमारे इस अवधि में वित्त रूप से व्यवहारिक बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, ईयर टू 22 का परफॉर्मेंस भी बेहतर था, क्योंकि कुसुम योजना एक्जीक्यूट कोविड की दूसरी लहर के बाद Q2 22 के बाद काफी बढ़ गया था। कुसुम 2 योजना के तहत जनवरी से सितंबर 2022 की अवधि के लिए 68,427 सोलर पंप स्थापित किए गए थे। शक्ति पंप हमने 21,475 सोलर पंप स्थापित किए, जिसका कुल मार्केट शेयर लगभग 31% रहा। यदि हमने राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित किए गए INR 300 करोड़ रुपए के इन 12,000 अतिरिक्त सोलर पंपों को इंस्टॉल की पहल की होती, तो हमारा एक्जीक्यूशन और भी अच्छा होता। हम इन आदेशों को एक्जीक्यूट को शुरू करने के लिए आशावादी हैं, क्योंकि हम सरकार के साथ में एक निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि जनवरी 23 के आसपास आने की उम्मीद है। हमारी मार्केटिंग टीम किसानों और कस्टमरों के साथ में निरंतर संपर्क खरी कर रही है। हमें यह सूचित करते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि हमारी क्वालिटी सेल्स के बाद बेहतर सर्विस के कारण हमारे प्रोडक्ट पर हमारे कस्टमर्स का भरोसा है। वह हमारे ब्रांड के अलावा किसी अन्य ब्रांड पर स्विच होना नहीं चाहते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, संपूर्ण बी के तहत लगभग 8 लाख पंपों की मंजूरी दी गई है, जिसमें 6.6 लाख पंप अभी इंस्टॉल किए जाना बाकी है। जो रुपए करीब INR 16,500 करोड़ के बड़े मार्केट की अपॉर्चुनिटी की ओर इशारा करती है। एक्सपोर्ट में कंपनी को सोलर एनर्जी से चलने वाले सोलर पंप और वाटर पंपिंग सिस्टम की आपूर्ति के लिए युगांडा सरकार की ओर से एग्जिम बैंक से $6 million का एडवांस राशि प्राप्त हो चुकी है एवं युगांडा गवर्नमेंट से $1 million की राशि आना शेष है। वह $1 million की राशि जैसे ही आएगी, यह $35 million का ऑर्डर है, हम ऑर्डर एक्जीक्यूट करना शुरू कर देंगे। इसके साथ ही अब मैं वित्तीय वर्ष 23 की दूसरी तिमाही की वित्तीय हाईलाइट साझा करने के लिए हमारे CFO दिनेश पटेल को बुलाना चाहूंगा। ओवर टू दिनेश पटेल।
Thank you sir. This is Dinesh Patel, CFO of Shakti Pumps India Limited. With regards to the financial highlights for the Q2 and H1 FY2023, our revenue from operation stood at INR 2,163 million in Q2 FY2023, as compared to INR 3,690 million.
In Q2 FY 2022, in H1 FY 2023, the revenue was at INR 4,708 million, as against INR 5,253 million in H1 FY 2022. EBITDA was at INR 124 million in Q2 FY 2023, with an EBITDA margin of 5.8%. For H1 FY 2023, EBITDA was at INR 338 million, with an EBITDA margin of 7.2%. The company reported profit after tax of INR 19 million in Q2 FY 2023 and INR 106 million in H1 FY 2023. This is all from my side. With this, we can now open the floor for question and answers.
Thank you very much. We will now begin the question and answer session. Anyone who wishes to ask a question may press star and one on their touchtone telephone. If you wish to remove yourself from the question queue, you may press star and two. Participants are requested to use handsets while asking a question. Ladies and gentlemen, we will wait for a moment while the question queue assembles. Reminder to the participants, anyone who wishes to ask a question may press star and one at this time. The first question is from the line of Nitin Kumar from Credit Suisse. Please go ahead.
Hello, sir. I have a couple of questions. My first question is on raw material cost. If I see for a couple of quarters, I mean, the raw material cost was almost very near to the sales, but when I look into this quarterly results, I can see the raw material cost has been reduced by almost one by two. When sales was around INR 21 crore, and raw material cost was somewhere around INR 12 crore. How do we manage to do that? Can you explain on that? Can we expect the same on further quarters as well?
Yeah, Mr. Nitin, it is very clear, because this raw material, major, major portion, 60% of the major portion, solar pricing, solar panel, solar panel, solar panel duty, 40% duty, China wafers, wafer manufacturer, wafer price. Total INR 20 available investment, players, India manufacturing, start, ingots, wafer, wafer, panel, clarity, any price, available price, sale price, request, ministry, price, variable, clause, Indian government. So the government agreed. So opportunity, successfully.
Yeah, thank you. And my second question is on, I mean, with respect to the discussion with the central government. When are you hoping to get the update from the central government on.
Nitin, it is very, very million, million dollar question. Really, I appreciate this question, because see, in our end, whatever, my end and my team hand is production capacity, production, quality, marketing, and installation. So ready end, government start. Minister agency action start, 40 to 50 days, or 60 days, or situation, we can do something. 50, 60 days, rate, final hand.
Okay, good. Yeah, that's it from my end. Thank you so much for the explanation.
Thank you, Nitin. Thank you.
Thank you. The next question is from the line of Punit Mittal from Global Core Capital. Please go ahead.
Thank you, thank you, Dinesh. Just one or two questions. Ek, hamara jo sales hai, 2018 se 2022 mein almost two point five, three times ho gaya hai, INR 428 crore se leke INR 1,200 crore. But profit aur operating margin ulta gir raha hai. To operating leverage kyu nahi aa raha hai? Even though hamare revenues improve ho rahe hai.
Yes. Mittalji, isme aisa hai ki hum logo ne jaise hi isme kaam start kiya hai, hum ye jo Kusum scheme hum dekh rahe hai ki apne aap mein ek bahut badi scheme hai aur......
करीब ₹16.5 लाख, ₹6.5 लाख अभी इसमें मार्केट हमको दिख रहा है और बड़ी अच्छी सिचुएशन इसमें दिख रही है। जैसे जैसे यह जो पिछले तीन सालों में आपने कोविड के रंग भी देखे होंगे, युद्ध के रंग भी देखे होंगे और सभी को मालूम है, हमारे शेयरहोल्डर को भी और देश में सभी लोगों को मालूम है कि सोलर पैनल इंडिया में नहीं बनाए जा सकते हैं। उसी के जो प्राइस की इफेक्ट की वजह से यह प्राइस का प्रॉफिट का और जो मार्जिन जो गिरा है, वह युद्ध के कारण भी गिरा है। कोविड के कारण भी गिरा है। अभी स्टील के प्राइस पूरी दुनिया में सबको मालूम है, बढ़े हुए हैं। कॉपर के रेट बढ़े हुए थे, फिर थोड़े से कम हुए हैं। सोलर पैनल के प्राइस तो बढ़ते ही गए, अभी तक कम नहीं हुए तो अभी दो चीजें हमारे हाथ में नहीं है, जो शक्ति पंप्स के हाथ में उसकी मार्केटिंग है, उसकी क्वालिटी है, उसका प्रोडक्शन है, उसका एग्जीक्यूशन है। उसमें हम लोग माहिर हैं, जो हमारे हाथ में नहीं है। वह एक एक्सपेक्टेड तो है ही कि रॉ मटेरियल का एक्सपेक्टेड है। दूसरा सेल प्राइस का एक्सपेक्टेड है। दो चीजें तो हमारे हाथ में नहीं है, जिसमें हम कुछ नहीं कर पाते। बिल्कुल।
करेक्ट, एकदम सही। तो इसमें अभी रिलेटेड जैसे आपने बताया दिनेश जी, कि यह जो कुसुम योजना में वेरिएबल रेट का कुछ क्लॉज है तो अब जो टेंडर आ रहे हैं, उनमें सब में रॉ मटेरियल का वेरिएबल क्लॉज है और वो जो क्लॉज है वो कैसे इम्प्लीमेंट होता है। आप ऑटोमेटिकली रॉ मटेरियल के बेस पर प्राइस बढ़ा सकते हैं। आपको उसके लिए परमिशन लेनी पड़ेगी गवर्नमेंट से।
नहीं नहीं, वो एक्चुअली जो रेट होंगे वो भारत सरकार ही उसको बढ़ाएगी और वो उन्होंने भारत सरकार ने बढ़ाने के लिए उसमें कुछ अभी स्टडी की और अभी भी वो फाइनल बेसिस पर ही है। वो जैसे ही कन्फर्म होता है, हम आपको बताएंगे। जैसे टेंडर आता है, उसमें सारी क्लास भी क्लियर हो जाएगी और सारी चीजें भी क्लियर हो जाएगी।
तो फिलहाल अभी हमारा कुसुम का कुछ काम नहीं चल रहा है। Because we are waiting. यह government से information आने के लिए कि हम price increase कर सकते हैं।
यह परफेक्टली राइट है, क्योंकि हमने बारह हज़ार पंप का हरियाणा गवर्नमेंट का ₹300 करोड़ का ऑर्डर होल्ड किया है। हमने मिनिस्टर को लिखा है कि इसमें जो प्राइसिंग रेट बढ़े हुए हैं, तो हमारे लिए पॉसिबल नहीं है उसको एग्जीक्यूट करना। इसलिए हमारी वो रिक्वेस्ट एक्सेप्ट भी कर ली गई है सर।
ठीक है तो सेकंड ये जो हमारा युगांडा का ऑर्डर है, इसमें भी हमें जो ऑर्डर मिला था, उसको थोड़ा टाइम हो गया है। अब नैचुरली प्राइस चेंज हो गए हैं। तो इस नए रॉ मटेरियल प्राइस से वो ऑर्डर पर भी इंपैक्ट आएगा हमारा।
यह जो ऑर्डर युगांडा गवर्नमेंट का $35 million का ऑर्डर है, इसमें हमारे को $6 million एडवांस मिल चुका है। $1 million अभी युगांडा गवर्नमेंट से मिलना बाकी है और वो मिलते ही हम इसकी जो एग्जीक्यूशन स्टार्ट करेंगे और मार्जिन वाले पार्ट में हम लोग उसकी स्टडी कर रहे हैं। उसमें हमको एक क्लॉज भी है मार्जिन का, तो उसमें हमको लगता है कि हम लोग मार्जिन अपना मेंटेन करेंगे।
हां, ठीक है और लास्ट क्वेश्चन अब एक्सपोर्ट्स में और क्या प्रोग्रेस हो रही है? आई नो आप और आपकी टीम बड़ी मेहनत कर रहे हैं टू गेट न्यू ऑर्डर, जस्ट लाइक युगांडा गवर्नमेंट। बट उसमें कुछ एक्सपेक्टेड ऑर्डर्स आने की उम्मीद है।
हां जी, अभी देखिए, हमने जो ग्रोथ अभी इस क्वार्टर में एक्सपोर्ट में अच्छी ग्रोथ की है और आगे भी हम एक्सपोर्ट में ग्रोथ अच्छी करेंगे, क्योंकि पिछले दो तीन साल कोविड के कारण थोड़ा सा हमारा मूवमेंट रुक गया था। अभी मूवमेंट चालू है। हमारी पूरी टीम मार्केट पूरे वर्ल्ड में टूर पर है और काम चालू है और हम लोग अच्छे से कर रहे हैं। हमारी अमेरिका कंपनी ने बहुत अच्छा नेटवर्क डेवलप किया है। वहां से हमको बहुत अच्छी आशा हमको लग रही है कि हम उसको करेंगे और रिसेंटली हमको एक U.S. मार्केट के लिए एक हमको पेटेंट भी अलॉट हुआ है और वह पेटेंट बहुत ही अच्छा है और उस पेटेंट की वजह से हम अपने कस्टमर का 5% से 10% बिल बचा पाएंगे। हमारी जो एजेंसी है, डिजिटल कंपनियां हैं, उनका 10% से 15% जो है, लॉस हम कम कर पाएंगे तो उसका भी हमको एक हम स्टडी बना रहे हैं और U.S. में उस मार्केट में जाने के लिए हम हमारी टीम को बोले हैं तो उसका भी एक अगले क्वार्टर तक हमको वो रिजल्ट उसका हमारे जो मोटर से उनका हमको मिलना लगेगा।
एक लास्ट क्वेश्चन दिनेश जी, ये आपने कुसुम टू में तीन लाख सत्रह हज़ार पंप का एक्सपेक्टेड वो है एग्जीक्यूशन या टेंडर इस साल का। तो इसमें आपने जैसे बताया सिक्सटी एट थाउज़ेंड एग्जीक्यूट हो चुका है और जैसे आपके ट्वेल्व थाउज़ेंड और बाकी दूसरे प्लेयर्स के भी जो उन्होंने ऑर्डर्स होल्ड कर लिए हैं। बट ये तीन लाख सत्रह हज़ार का पूरा टेंडर आ चुका है या उसमें कितना आया है टेंडर अभी तक?
नहीं, ये ₹3,17,000 कॉन्टेस्ट सिस्टम है। जैसा कि आपको पता है कि हमने जो ऑर्डर सरेंडर कर दिए हैं और जो हमने होल्ड किए हैं और दूसरे हमारे कंपटीशन ने भी होल्ड किए हैं, और भी बाकी लोगों ने होल्ड किए हैं, तो वो भी उन नंबरों का कोई मीनिंग नहीं बचा है आज की तारीख में।
ठीक है। Thank you so much and all the very best Dinesh ji. Thank you.
Thank you, thank you, Mittal Sahab . Thank you.
Thank you. The next question is from the line of Nirav Asher from LKP Securities. Please go ahead.
Thank you for the opportunity sir. जैसे आपने बताया कि government से you are expecting price hike by January 2023. So अभी to get bigger orders apart from the KUSUM scheme, आपकी क्या strategy है for non-KUSUM orders? और कोई ऐसा state है जहां से non-KUSUM के orders आ रहे हैं?
हाँ, बहुत अच्छा क्वेश्चन है आपका। नॉन कुसुम में हम लोग छत्तीसगढ़ से थोड़ा बहुत काम कर पा रहे हैं। वहां पर रेट भी अच्छे हैं और वहां से हमने काम भी स्टार्ट कर दिया है। महाराष्ट्र में हम थोड़ा काम कर रहे हैं, जहां पर थोड़े से रेट हमारे अच्छे थे और वो उसमें हम लोग काम कर रहे हैं। एक महाराष्ट्र गवर्नमेंट के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने भी प्लान किया है कि उनका भी जीआर आजकल में निकलने वाला है। वो लोग भी एक लाख पंप की प्लानिंग कर रहे हैं। तो हम लोग नॉन कुसुम के लिए भी ध्यान में रखे हुए हैं कि दोनों तरफ से जहां से भी हमको बिजली मिल सकता है, उसकी अपॉर्चुनिटी है कि हम करेंगे उसको और अभी हमारे पास आज की तारीख में उसमें।
बस एक्सपोर्ट की ही क्लैरिटी है। बाकी जो सोलर पंप की क्लैरिटी नहीं है, क्योंकि महाराष्ट्र गवर्नमेंट को भी टेंडर करना है। कुसुम में भारत सरकार को भी टेंडर करना है और छत्तीसगढ़ का ऑलरेडी टेंडर हो चुका है, तो उसका नंबर कम है, तो उसमें हमारा काम चालू है।
तो सर, उसका थोड़ा डिटेल बता पाएंगे। छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र में कितने ऑर्डर्स हैं, कितने पंप का ऑर्डर है।
तो ये सब डिटेल तो मैं आपको नहीं दे पाऊंगा, क्योंकि मैंने अभी आपको फिर से बताया ना। हम कुसुम में तो अभी काम कर नहीं रहे हैं, क्योंकि हमारे हाथ में नहीं है। छत्तीसगढ़ का बहुत कम हिस्सा है। वो हम कर रहे हैं। महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का टेंडर आना बाकी है तो मैं आपको क्या नंबर दूं।
ओके तो सर, एज ऑफ नाउ आपके पास क्या ऑर्डर बुक है?
As of now, मेरे पास अभी आज की तारीख में ₹50,000 के order book है।
Okay sir aur sir, H2 ka kya? Abhi sab kuchh government par depend hai. To we have to wait for the government for the clarification on the pricing right.
Right, definitely.
सर, आपका रॉ मटेरियल पर क्या आउटलुक है? अभी सोलर पैनल के प्राइस कम हुए हैं कि इट इज़ स्टेबल प्राइस।
यह तो और बढ़ता जा रहा है। जैसे जैसे डॉलर में बढ़ रहे हैं, सोलर पैनल की प्राइस बढ़ रही है।
Okay, let's see, wait for the clarity on the government pricing. We are waiting for that.
राइट, ये सारी चीजें हमारे हाथ में नहीं, जो हमारे हाथ में है, उसमें मोर कॉन्फिडेंट है।
ओके ओके सर, ऑल द बेस्ट! थैंक यू।
थैंक यू, थैंक यू, थैंक यू।
Thank you. The next question is from the line of Hardik Vyas from The Economic Times. Please go ahead.
सर, मेरा यह क्वेश्चन है कि जो हम लोग ने भारत सरकार की तरफ से प्राइस हाइक रिक्वेस्ट की है तो उसका क्वांटिटी क्या होगा? 20%, 30%, 10% कितनी हाइक हम लोग ने रिक्वेस्ट की है सरकार से।
हार्दिक ऐसे सरकार हाइक नहीं देती है। वह बाकायदा उसका पूरा RFP निकालेगी और RFP निकाल कर रेट कॉन्ट्रैक्ट करेगी फिर से।
ठीक है, पर मैं वो पूछ रहा हूं कि अभी जो ₹2.5 लाख में एक सिस्टम हम लोग बेच रहे हैं तो उसका कितना मतलब कितना हाइक होगा। तो देन वी विल बी मेकिंग विल बी कंफर्टेबल सेलिंग ₹2,000 इन द इन्वेंटरी और इवन मोर दैट वी मे बी मैन्युफैक्चरिंग गोइंग अहेड। तो ₹3 लाख में बिकेगा, क्योंकि अगर चार पांच साल पहले देखें तो सोलर पैनल के प्राइस इतने ज्यादा थे कि हम लोग करीबन साढ़े चार पांच लाख रुपए में एक सिस्टम बेचते थे और वो सोलर पैनल के प्राइस करेक्ट होने के बाद में हम लोग ₹2.5 लाख में बेचने लगे।
करेक्ट।
अब जब solar panel के price बढ़ रहे हैं तो कितने में बिकने चाहिए अपने system, जिससे we may we are comfortable selling whatever volume we want to sell.
हां, बिल्कुल। हार्दिक, आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है। मुझे ऐसा लगता है कि ₹2.5 लाख से ₹3 लाख के आसपास, मतलब जो 20% से 25% प्राइस हाइक तो होनी चाहिए। इसीलिए ये सब रुका हुआ है मामला।
ओके, ओके और जो स्टेट्स की बात है अपनी छत्तीसगढ़ या राजस्थान या महाराष्ट्र गवर्नमेंट तो उसमें जो टेंडर फ्लोट होगा, वह करीबन ₹3 लाख, ₹3.5 लाख के आसपास वाला ही सिस्टम बिकेगा। वो वो मैं पूछना चाहता हूं।
हां, बिल्कुल ठीक।
ओके सर, मुझे थोड़े नंबर्स चाहिए थे ऑन वॉल्यूम फ्रंट के। हम लोगों ने जो ₹102 करोड़ का एक्सपोर्ट यह क्वार्टर में किया है तो नहीं, यह छह महीने में किया है तो इसमें नंबर ऑफ फॉर्म्स कितने हम लोगों ने एक्सपोर्ट किए हैं?
वो मैं आपको अलग से डिटेल दूंगा। हमारा CFO आपको दे देंगे हार्दिक, तो आप उनसे टच में रहिए और टीम के भी टच में रहिए। आपको डिटेल अलग से एक्सपोर्ट की दे देंगे हम।
ओके और डोमेस्टिक जो नॉन सोलर सेलिंग हुई है, वो भी डिटेल।
वो भी नंबर्स नंबर्स में सारे आपको दे दूंगा। टीम से ले सकते हैं।
Thank you so much.
Thank you, thank you.
Thank you. The next question is from the line of Forum Makim from Equitree Capita l. Please go ahead.
हेलो सर!
सर, इस क्वार्टर में हम हैलो।
Ma'am, we cannot audio clearly. Please increase the volume and use the handset mode.
हैलो, इज़ दिस बेटर। हैलो।
यस मैम
हां, यह बेहतर है।
सर, हमने Q2 में कुसुम पंप्स कितने बेचे हैं?
Can you repeat your question.
सर, Q2 में कुसुम में कितने पंप्स बेचे हैं हमने।
Yes, yes INR 5,695.
और नॉन कुसुम।
वो डिटेल मैं आपको दूंगा अलग से।
ओके सर। सर तो यह जो आप न्यू प्राइस रिविजन का बात कर रहे हो, वह पूरा ₹3.15 लाख पंप्स के लिए होगा या ₹8 लाख पंप्स के लिए भी होगा।
सभी के लिए होगा। नए टेंडर जैसे ही आएंगे तो सारे पंपों के लिए ही होगा ना। आगे के नंबर अभी तो काम बंद है कुसुम को लेकर।
नहीं तो अभी existing तो orders आ ही रहे होंगे ना।
हमने सिलेंडर कर दिया है ना, हम नहीं कर रहे। हमने होल्ड कर दिया सारे ऑर्डर्स।
हम इम्प्लीमेंट हम एक्जीक्यूशन नहीं कर रहे, बट पोर्टल पर हमको ऑर्डर्स तो मिल ही रहे होंगे ना?
नहीं नहीं मिल रहे ना। हमने होल्ड कर दिया, अब नहीं ले रहे।
अच्छा, हम ऑर्डर्स ही नहीं ले रहे हैं।
यस।
तो अच्छा! ओके तो सर, ये जो 2025% प्राइस हाइक होगा। Will it be enough to cover और रॉ मटेरियल प्राइस increase जो इतना हुआ है सोलर पैनल्स में।
बिल्कुल बिल्कुल आपकी बात बिल्कुल सही है। आज के हिसाब से जो रॉ मटेरियल की प्राइस है, उसके हिसाब से तो इनफ है। अब वो कल क्या होगी, रॉ मटेरियल की प्राइस उसके हिसाब से फिर से एक बार कैलकुलेशन लगाना पड़ेगा। वो जो कॉस्ट अकाउंटेंट है, तो उनके साथ बैठ के।
ओके सर, बट अभी Q2 टू Q3 में तो थोड़ा प्राइस कम हुआ होगा ना, मेटल का भी, पैनल्स का भी तो।
डॉलर की प्राइस बढ़ गई ना मैडम तो डॉलर की वजह से फिर वही रॉ मटेरियल वापस बढ़ जाता है।
अच्छा और सर, ये जो हम ₹8 लाख पंप्स का बात कर रहे हैं, उसका एग्जीक्यूशन टाइमलाइन क्या होगा?
देखिए, हमने ₹400 करोड़ तक का काम किया है, एक क्वार्टर में। ऑर्डर हमारे को हमको हाथ में मिलते हैं और हमको अपॉर्चुनिटी मिलती है तो हम एक क्वार्टर में ₹400, ₹500 करोड़ काम आराम से कर सकते हैं।
हां, लेकिन अभी ऑर्डर्स उतने आ रहे हैं क्या?
नहीं आ रहे, इसीलिए तो पीछे रह गए इस क्वार्टर में।
नहीं सर, हम तो ऑर्डर्स ले नहीं रहे हैं ना, बट डिमांड तो है।
डिमांड तो ₹6 लाख 6, ₹6 लाख 6 हज़ार पंप की है। ₹6 लाख साढ़े ₹6 लाख साढ़े ₹6 लाख पंप की है।
हां सर तो हां।
₹500 करोड़ का विजिबिलिटी है बिजनेस का।
राइट सर, तो एक बार हमको प्राइस रिविजन मिल जाएगा तो हमारा एक्जीक्यूशन टाइमलाइन क्या होगा? सर, ये आठ लाख पंप्स के लिए।
जैसे ही प्राइसिंग हमको अच्छी मिलेगी, हम ₹500 करोड़ पर क्वार्टर कर सकते हैं।
ओके सर। सर, एक और क्वेश्चन था कि मतलब हमने कुछ 6,000 पंप किए हैं, ये क्वार्टर में टाटा पावर ने भी कुछ 6,000 किए हैं तो बैलेंस जो 33,000, 23,000 कुछ 25,000 पंप्स है, वो सब छोटे प्लेयर्स ने किए होंगे, राइट?
राइट राइट
तो वो लोग कैसे afford कर पा रहे हैं, यह price पे orders execute करना।
हर कंपनी की अपनी एक स्ट्रैटेजी होती है। उन लोगों को टेंडर में पार्टिसिपेट करने के लिए एक मिनिमम क्वांटिटी का एक्सपीरियंस होना होता है। तो एक्सपीरियंस लेने के लिए हम भी कितनी बार कुछ भी रेट में सप्लाई करके एक्सपीरियंस गेन करने के लिए, टेंडर में घुसने के लिए लेते हैं, ये सब चीजें। तो MSME के में जो लोग जिन्होंने जिनको अंदर आना था, उन्होंने अपने एक्सपीरियंस को लेने के लिए कि हमारे पास कैपेसिटी है, हम 2,000 पंप लगा सकते हैं एक क्वार्टर में, तो वो लोग उस रेट पर थोड़ा बहुत क्वांटिटी कर पाए हैं। हालांकि अभी पक्का खबर नहीं है कि पूरा क्वांटिटी उन्होंने किया है।
Right right और sir ये Uganda का जो order है तो sir, हम Q3 में कुछ number expect कर सकते हैं।
अभी युगांडा के ऑर्डर में हम लोग बड़ा फूंक-फूंक के कदम उठा रहे हैं। पिछले तीन साल से इस प्रोजेक्ट पर लोग काम कर रहे हैं। तो जो इसका ऐसा है कि $6 million हमारे पास एडवांस आ गया है। अभी $1 million हमारे पास युगांडा गवर्नमेंट से आना है। जैसे ही युगांडा गवर्नमेंट से $1 million आएगा, करीब ₹8 करोड़ हमारे हाथ में आएगा। वैसे ही हम ₹10 करोड़ की बिलिंग स्टार्ट कर देंगे। फिर ₹10 करोड़ की पेमेंट लेंगे। फिर हम आगे का बिलिंग स्टार्ट करेंगे। इसलिए हम वहां किसी भी सूरत में फाइनेंशियल क्राइसिस में या अपनी कंपनी को जो एडवांस कंडीशन है, उस पर ही काम करेंगे। हमारी कंडीशन बहुत क्लियर है। वहां हम लोगों को जैसे जैसे क्लीयरेंस मिलता जाएगा, वैसे वैसे हम सप्लाई करेंगे। इसमें हम जल्दी में कुछ काम नहीं करेंगे, क्योंकि उनका $1 million का अभी एडवांस आना बाकी है। वो जैसे आएगा, वो अभी आएगा। एक महीने में, दो महीने में, तीन महीने में जैसे आएगा, वैसे ही हम उसकी बिलिंग स्टार्ट करेंगे और बिलिंग स्टार्ट करके फिर उसका पेमेंट आएगा। फिर आगे हम बिलिंग स्टार्ट करेंगे। लाइक दैट चलते रहेगा। ये दो साल में प्रोजेक्ट हमको कंप्लीट करना है।
कितने साल में।
दो साल में।
दो साल में, ओके और सर Q3 में तो हम अभी कुसुम का कोई ऑर्डर्स ले नहीं रहे हैं। एक्सपोर्ट भी युगांडा का शायद Q4 से ही आएगा तो Q3 के लिए आउटलुक क्या रहेगा? हमारा लाइक व्हाट इज़ आवर प्लान?
बहुत ही बढ़िया क्वेश्चन है आपका। आउटलुक के बारे में अभी हम लोग थोड़ा इस सिचुएशन में हैं कि जैसे ही क्लीयरिटी आएगी ना, भारत सरकार की तरफ से या भारत गवर्नमेंट टेंडर की तरफ से या युगांडा का पेमेंट आ जाएगा, तो हम आउटलुक दे पाएंगे। आपको अभी आउटलुक देना हमारे लिए थोड़ा सा मुश्किल है।
ओके सर, थैंक यू सो मच।
Thank you.
Thank you. Next question is from the line of Vishal Singh from Svan Investments. Please go ahead.
या गुड आफ्टरनून सर, दिस इज सचिन कसरा हियर। सर, ये जो ₹300 करोड़ वाला जो स्टेट गवर्नमेंट का ऑर्डर है, उसमें थोड़ा डिटेल में समझाएंगे कि क्या हुआ है और क्या एक्सपेक्टेशन है अपनी उसमें?
सचिन ऐसा है कि हरियाणा गवर्नमेंट ने नाबार्ड से लोन लेकर एक स्कीम पोर्टल लॉन्च किया कि जिसमें हरियाणा के किसानों को 25% प्राइस पर सोलर पंप मिले। 40% हरियाणा गवर्नमेंट सब्सिडी दे, 30% स्टेट गवर्नमेंट सब्सिडी दे। तो जो इसमें उन्होंने पोर्टल पर लॉन्च किया तो हमारे कस्टमरों ने 12,000 कस्टमरों ने ₹80,000-₹80,000 हरियाणा गवर्नमेंट में ₹270 करोड़ एडवांस जमा करके हमको ऑर्डर एग्जीक्यूट करने के लिए रिक्वेस्ट किया।
वो फार्मर्स शक्ति पंप के ही पंप लेना चाहते हैं। आज भी वो हमारे लिए वेट कर रहे हैं और यह ऑर्डर हरियाणा गवर्नमेंट ने हमको दिया तो हमने उनको वो ऑर्डर होल्ड करने के लिए बोला, क्योंकि हमारे पास जो प्राइसिंग है, दो साल पुरानी है। वह प्राइसिंग ऑलरेडी एक्सपायर हो चुकी है। उस प्राइसिंग पर अब काम करना संभव नहीं है, क्योंकि हमारी प्रॉफिटेबिलिटी उसमें आ नहीं रही है। तो भारत सरकार ने इस चीज को एक्सेप्ट करते हुए नया टेंडर बुलाने की रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया है। आने वाले समय में जैसे ही नया टेंडर आएगा तो उन्हीं फार्मरों को फिर से जो उनका बचा हुआ फार्मर शेयर है, उसके लिए उनको रिक्वेस्ट जाएगी और वह उसको एक्सेप्ट करेंगे और हमको वो ऑर्डर मिलेगा, ऐसी हमारी पूरी आशा है और ऐसी हमारी पूरी संभावना है।
रेट बढ़ेगा, उसमें फार्मर्स को भी ₹80,000 के ऊपर कुछ और एक्स्ट्रा देना पड़ेगा या जो रेट इंक्रीज है, वो सारी फैसिलिटी गवर्नमेंट बेयर करेगी।
नहीं नहीं, वो तो गवर्नमेंट का तो अपना प्रोजेक्ट है। गवर्नमेंट ने डिसाइड किया है कि 40% पैसा वो देगी, 30% वो देगी, 30% फार्मर देगा या 45%। जैसा कि हरियाणा गवर्नमेंट 45% खुद देगी, 30% भारत सरकार देगी और बाकी 25% हरियाणा के कस्टमर देंगे।
तो सरकार ने रिफंड कर दिया क्या किसानों का? फिर कैसे है अभी इस पर?
अभी अभी वह बकायदा FD के रूप में जमा है हरियाणा में।
ओके ओके और दूसरा सर, जैसे आपने बताया, ये एक्सपोर्ट्स के अंदर में अपन काफी ट्राई कर रहे हैं तो थोड़ा सा आप हमको डिटेल में बताएंगे, कहां कहां पर हमको किस टाइप के ऑपॉर्च्युनिटीज दिख रही हैं और क्योंकि अपन देखें तो लास्ट दो साल में अपना जो डोमेस्टिक बिजनेस में जो गवर्नमेंट डिपेंडेंट बिजनेस जो कि काफी लार्ज पार्ट हो गया था, वहां पे कभी ना कभी कुछ ना कुछ चक्करबाजी चलता रहता है, क्योंकि गवर्नमेंट इन्वॉल्व है, जिसकी वजह से हमें काफी दिक्कत होती है रेवेन्यू में और परफॉर्मेंस में तो कोई हमारा तीन चार साल का विजन है क्या कि हमें एक्सपोर्ट्स को इस तरीके से ग्रो करना है, बिकॉज़ एक्सपोर्ट्स हमारा स्टेबल और नॉन साइक्लिकल बिजनेस हो सकता है कि हम किस तरह से इसको ग्रो करना चाहते हैं।
बिल्कुल बिल्कुल आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है। हम एक्सपोर्ट में हमारा विजन है। इसलिए पिछले पंद्रह सालों से हम एक्सपोर्ट की तरफ ध्यान दे रहे हैं। ऑलरेडी एक्सपोर्ट में हम हंड्रेड कंट्रीज में अपने आप को एस्टेब्लिश कर चुके हैं। हमारी यूएस कंपनी का नेटवर्क बहुत अच्छा हो गया है। यूएस कंपनी में हमको प्रॉफिट मार्जिन भी अच्छा मिल रहा है और हमारा विजन बहुत क्लियर है। हम लोग मिडिल ईस्ट में एक जमाने में लीडर हुआ करते थे। वहां फिर से हम वहां की सिचुएशन सुधरने लगी है। सीरिया में, इराक में, जॉर्डन में वहां पर फिर से हम अपने आप को एस्टेब्लिश कर रहे हैं, क्योंकि जैसे जैसे उस मार्केट की हालत ठीक होती जा रही है, वैसे वैसे ऑर्डर भी हमको और आगे मिलने चालू होंगे। हम लोग एक्सपोर्ट के लिए ही हमारी एक कंपनी, हमने एक यूनिट अलग से यूनिट स्टार्ट किया था और वह बहुत अच्छे तरीके से चल रही है।
सर, यह साल आपकी क्या expectation है? Ballpark के भी आप कितने तक का export आपको लग रहा है, साल कर पाएंगे आप revenue।
देखिए, वो जो लास्ट ईयर हम बोल रहे थे कि हम 20% से 25% ग्रो करेंगे और उसके चक्कर में हम गवर्नमेंट की गाइडलाइन में फंस गए। वैसे ही हम एक्सपोर्ट पर भी अपना प्लान तो करके चल रहे हैं कि हम अच्छा ग्रो करेंगे, लेकिन अभी मेरे को विजिबिलिटी उसमें देना। मैं समझता हूं कि प्लान है हमारा और हम लोग कर ही रहे हैं वहां पर भी अच्छे तरीके से।
Sir, एक conservative basis पर चलें तो।
अभी थोड़ा सा अभी। कोई दिक्कत नहीं। जैसे देखिए ना, युगांडा जैसे मेरे प्रोजेक्ट तीन चार लाइन में हैं। मैं आपको क्या गाइडलाइन दूंगा, उसमें मैं करके दिखाऊंगा। अगले क्वार्टर में उसके बाद हम लोग आगे की गाइडलाइन दे पाएंगे आपको।
तो सर, ये युगांडा टाइप के कुछ ऐसे प्रोजेक्ट भी हैं और बड़े बड़े जो काफी फाइनल स्टेज में हैं, उसके बारे में कुछ बता पाएं हम अगर तो।
हां, बिल्कुल है। तीन चार प्रोजेक्ट हैं, लेकिन अब जैसे ही युगांडा through होगा, हमने उनको hold करके रखा है। जैसे ही through होगा तो फिर हम उसमें घुसेंगे।
क्या साइज होगा? सर, ये तीनों चारों प्रोजेक्ट का जो आपने होल्ड पर रखे हुए हैं, फाइनल स्टेज में।
जैसे जैसे टाइम इनकी क्लियर होगी, मैं बिल्कुल आपको सबसे पहले अनाउंस करूंगा स्टॉक मार्केट को।
अच्छा, पर सर, यह आप बता सकते हैं कि आपका विजन क्या है। तीन से चार साल में एक्सपोर्ट का जैसे आप बोल रहे हैं, सेकंड हाफ तो ठीक है, बट नॉट ए गाइडलाइन। बट आपका विजन कभी तीन से चार साल में हमको एक्सपोर्ट में यहां पे लेकर जाना है। कुछ इंटरनल आप लोगों ने विजन अगर बनाया है, जो आप शेयर कर सकते हैं।
हां, बिल्कुल कर सकते हैं। आप आइए कंपनी, सभी मोस्ट वेलकम। आप जैसे हमारी टीम को बताइए, हम आपका अरेंजमेंट यहां पर रखते हैं कि आप विजिट करिए और आप देखिए कि हमारा विजन क्या है, हमने क्या इन्वेस्टमेंट किया है और क्या हम काम करना चाहते हैं। मैं चाहूंगा कि आप इस बार टाइम निकालिए। आजकल बहुत अच्छी फैसिलिटी हो गई है फ्लाइट की। बॉम्बे और इंदौर के बीच में डेली दो फ्लाइट है। सुबह आप आइए, शाम को हम आपको भेजेंगे। आप देखिए, 1,500 लोग हमारी कंपनी में हम किस तरह कौन सी मशीन पे दुनिया का सबसे बेस्ट टेक्निकल प्लांट हमने लगाया हुआ है। पावर इलेक्ट्रॉनिक यूनिट लगाई हुई है, इतना मस्त आपको दिखाएंगे और आपके कुछ एक्सपीरियंस का फायदा भी लेंगे, जिससे कि हमारे शेयरहोल्डर को उसका फायदा मिलेगा। मोस्ट वेलकम सर, आप आइए, आप सिर्फ इंदौर में कदम रखिए, बाकी सब हम आपको एयरपोर्ट से रिसीव करके वापस छोड़ने तक का पूरा इंतजाम आपको अच्छे टूर के रूप में कराएंगे।
Thank you very much. We definitely look forward to visit you.
Thank you.
Thank you sir. Thank you very much.
Thank you ladies and gentlemen. Time constraint, we will take the last question. I would like to have the conference over to the management for closing comments.
थैंक यू। आज आए हुए सारे शेयरहोल्डर और एनालिस्ट का धन्यवाद कि आज आप कॉल में शामिल हुए। आप सभी लोगों को बहुत बहुत धन्यवाद। मैं समझता हूं कि वर्तमान परिदृश्य और चुनौतियों के लिए जो हमारे सामने जो इस तरह की चुनौतियां रही है, उसमें बाहर आने के लिए अपने शेयरहोल्डर को हम वैल्यू प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे आशा है, आप सभी लोगों के प्रश्न सर्वोत्तम तरीके से संबोधित करते हुए मैं सक्षम रहा। यदि आपके पास इस कॉल के बाद कोई अन्य प्रश्न हो, तो कुछ भी अतिरिक्त रहता हो तो आप सीधे हम तक पहुंच सकते हैं। एंड की हमारी टीम से जुड़ सकते हैं। थैंक यू वेरी मच सर!
Thank you, ladies and gentlemen, on behalf of Shakti Pumps Limited. That concludes this conference call. Thank you for joining and you can disconnect your line.