Please note, this conference is recorded. I now hand the conference over to Mr. Rohit Anand from Ernst & Young LLP. Thank you, over to you sir.
Thank you and good afternoon everyone. Before we proceed, let me remind you that the discussion may contain forward-looking statements that may involve known or unknown risks, uncertainty and other factors. It must be viewed in conjunction with our business that could cause future results, performance and achievement different from what is expressed by such forward-looking statements. To take you through the financial results and developments and to answer your questions today, we have the team management of Shakti Pumps India Limited, represented by Mr. Dinesh Patidar, Managing Director, Mr. Ramesh Patidar, Executive Director Export, Mr. Dinesh Patel, Chief Financial Officer and Mr. Ravi Patidar, CS and Compliance Officer. We will start the call with a brief overview of the past quarter by Mr. Dinesh Patidar, followed by Q&A. I can hand over the call to Mr. Patel. Over to you sir.
थैंक यू रोहित। दोस्तों नमस्कार!
आपका दिन शुभ हो। शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड के क्वार्टर वन के फाइनेंशियल रिजल्ट के लिए आप सब लोग यहां आए हैं, उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद और आपके रिफ्रेश के लिए ऑलरेडी रिजल्ट हम अपलोड कर चुके हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी ने उन्हें देखा होगा। मुझे यह बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि हमारी टीम ने इस दौरान एक मजबूत प्रदर्शन क्वार्टर वन में किया है, जो पिछले साल 60% ग्रोथ हमने की है। इस ग्रोथ में हमारा सोलर बिजनेस और मजबूत हुआ है और उसमें हमको ओवरऑल 70% का योगदान इस क्वार्टर में सोलर बिजनेस से हमको मिला है। लास्ट ईयर से हम 120% छलांग लगा पाए हैं सोलर बिजनेस में। जैसा कि आप सबको पता है कि कुसुम टू में धीरे धीरे डिमांड बढ़ रही है और इसमें खासकर भारत सरकार के विजन का जो ऑटोमेशन है, जो पोर्टल पर काम करना है, उस पर बहुत सारी स्टेट ने काम शुरू कर दिया है और कुसुम टू में अभी तक 32,757, 32 हज़ार सात सो सत्तावन पंप इंस्टॉल हुए हैं। उसमें से 15,055 सोलर पंप शक्ति पंप्स ने इंस्टॉल किए हैं। मुझे यह बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि हमारा जो इंस्टॉलेशन का शेयर है, वो 46% है, जो शेयर है, वह भी हम ग्रो कर रहे हैं धीरे धीरे, क्योंकि इसमें हमको ज्यादातर फायदा मार्केट में होने का मिल रहा है, क्योंकि किसान हमारे नाम को अच्छे से जानते हैं, ब्रांड को अच्छे से जानते हैं और वह शक्ति पंप्स के लिए इंतजार कर रहे हैं और उन्हीं की वजह से उन्हीं के सिलेक्शन की वजह से पोर्टल पर अब हमको ऑर्डर धीरे धीरे बड़ी मात्रा में मिल रहे हैं। जैसा कि हमने बताया कि हमारे एक्सपोर्ट बिजनेस में भी अच्छा बिजनेस हमको मिला है, क्योंकि उसमें भी हमने 21% की ग्रोथ की है। एग्री हम लोग उसको उसी जगह रख पाए हैं, INR 22 करोड़ की जगह INR 23 करोड़ हुआ है। ईपीसी में जो सोलर बिजनेस है, हमारा जो लास्ट ईयर लास्ट ईयर के फर्स्ट क्वार्टर में INR 79 करोड़ था, वो INR 155 करोड़ हुआ है। एक्सपोर्ट जो INR 30.48 करोड़ था, वो बढ़कर INR 40.69 करोड़ हुआ है। लगभग 25% हमने एक्सपोर्ट में ग्रोथ की है। इसका श्रेय हमारी मजबूत आरएंडडी टीम को जाता है, क्योंकि उन्होंने इस बढ़े हुए संकट में रॉ मटेरियल के रेट बढ़े हुए, यूक्रेन का युद्ध और कोरोना के कॉल से निपटने के लिए और रेट जो सारे दुनिया में रेट बढ़े हुए हैं। रॉ मटेरियल के कॉपर के, स्टील के, एमएस के और जो डॉलर बढ़ा हुआ है, उसका भी इफेक्ट रॉ मटेरियल पर हमको पड़ता है। एक्सपोर्ट में जरूर उसका फायदा मिलता है, लेकिन रॉ मटेरियल में उसका इफेक्ट पड़ता है और हमारी कॉस्ट थोड़ी बढ़ जाती है। अब आप देखेंगे कि जो हमने पूरी कोशिश करके जो रॉ मटेरियल में करीब साढ़े सात से 10% की प्राइस बढ़ी थी, उसका इफेक्ट हमारे जो आरएंडडी की वजह से जो है, लास्ट ईयर जो फर्स्ट क्वार्टर में रेट भी कम थे, उस समय 27% मार्जिन था, लेकिन अभी हमने 23% मार्जिन हमारी आरएंडडी टीम की एफर्ट्स की वजह से हमको इसको नियंत्रित कर पाए हैं, जो कि हमारे लिए और कंपनी के लिए गौरव की बात है कि ऐसे समय में हमने एक अच्छा परफॉर्मेंस किया है और मैं अपनी टीम पर गर्व करता हूं। इसके साथ ही हम बहुत अच्छे तरीके से हम हमारे कुसुम को भी आगे बढ़ा रहे हैं और एक्सपोर्ट को भी हम आगे बढ़ा रहे हैं और हमको ऐसा लगता है कि सोलर में हमारे हमारे लिए बहुत अच्छी अपॉर्चुनिटी है। इसमें रिजल्ट के लिए हमारे जो सीईओ हैं दिनेश पटेल साहब, उनको बुलाना चाहूंगा। ओवर टू दिनेश पटेल।
Sir, good afternoon everyone, going on to the financial highlights. The company reported a consolidated revenue of INR 255 crore in Q1 FY 2023, 62.8% year-on-year growth as compared to INR 166 crore in Q1 FY 2022. EBITDA at INR 22 crore was up by 69.2% year-on-year basis against INR 13 crore in Q1 FY 2022. EBITDA margin was at 8.4% during the quarter. Going forward, margins are expected to improve on account of increase in export and retail revenue contribution to the overall revenue mix.
Softening up of raw material prices will also add in margin improvement. PBT grew by 18% Y-o-Y, INR 7 crore from INR 7 crore in Q4 FY 2022. As for the year, Y-o-Y INR 9 crore is equal to INR 7 crore in Q4 FY 2022, and 19.8% Y-o-Y growth. The PAT growth during the quarter was neutral on account of negative tax expenses, which is tax reversal in Q4 FY 2022. This is all from my side. With this, we can now open the floor to question and answer session.
Thank you. Ladies and gentlemen, we will now begin the question and answer session. Anyone wishing to ask a question may please press star and one on your touchtone telephone. If you wish to remove yourself from the question queue, you may press star and two. Participants are requested to use handsets while asking a question. Ladies and gentlemen, we will wait for a moment while the question queue assembles. The first question is from the line of Nirav Asher from LM Securities. Please go ahead.
Good afternoon, sir. Congratulations on good set of numbers. I have two major questions. First is on the demand side for KUSUM 2.0 . How is the demand currently, and whether we can meet up the demand which we have?
Yes, KUSUM scheme very clear, और आजकल portal पर भी जितना है सब कुछ, आप यह KUSUM के portal पर जाएंगे तो वहां total tender, total sanction quantity भारत सरकार ने ₹3,11,000 लिखी हुई है। उसमें से कुछ ₹1,10,000 pump उन्होंने जो है, उसपे install करने का program उन्होंने allot किया है। उसमें से order जो execute हुए हैं, वो करीब ₹35,000 pumps के order लोगों ने install किए हैं, जिसमें हमारे ₹15,000 हैं। हमको लगता है इसमें अच्छी एक opportunity है और ये अच्छे तरीके से आगे बढ़ेगा।
अभी, sir, order book कितना है अपना?
आज की तारीख में हमारे पास 240 order book है।
We are getting orders from the nearby states, Rajasthan, MP.
Yes, Rajasthan, MP, Haryana, Punjab, Maharashtra.
And now since the metal prices have gone down, the supply side margin pressure अभी नहीं रहना चाहिए, going ahead.
Yes, yes, बिल्कुल ठीक।
What margins can we expect going ahead, maybe for the full year?
Yes, हम लोग planning कर रहे हैं उसी के लिए। जैसा आपने देखा कि अभी हमने margin थोड़ा improve किया है last quarter से। March quarter से इस quarter में थोड़ा improve किया, आगे भी हम करेंगे। हमारी कोशिश है कि हम 10% के आसपास margin keep करें।
Okay, and sir, the other question is there any issue related to the payment from the state and central government? As I can see that interest percentage has gone up in this.
Yes. It's all see, क्या हुआ, जैसे ही volume बढ़ता है तो थोड़ा CC limit में या exposure में भी थोड़ा जाता है। इससे थोड़ा सा interest का आप देखोगे कि हमारी पड़ी हुई है। हमने CC की limits को use किया है, क्योंकि raw material में जो pressure था पुराने पूरे quarter में, chip available नहीं था, copper available नहीं था, steel available नहीं था। लोग rate की बात कर नहीं रहे थे, सिर्फ quantity की बातें हो रही थी। तो हमने थोड़ा सा अपना stock boost किया था। तो उसकी वजह से हम लोग time पर supply कर पाए हैं। और अभी जो है, आने वाले quarter में, आप इसका update देखेंगे कि margin improve होता हुआ आपको दिखेगा।
Okay. And sir, can you please tell us about the solar panel changes, how it is right now, whether it is gone down or not?
Solar, solar panel जो है, वो तो उसका ज्यादातर base का depend तो price के ऊपर ही, dollar price के ऊपर ही रहता है। लेकिन अब price में stable हो रहा है, ऐसा हमको लगता है आने वाले समय में भी थोड़ा solar price और stable होगा, ऐसा लग रहा है। थोड़ा सा price increase हुआ है, पांच साल से तो-
Okay. And what is the revenue and margin guidance for the full year?
हम 10% के आसपास maintain करने की कोशिश करेंगे।
And the revenue growth, and what is the-
Yes, revenue में हम 25% से 30% grow करेंगे।
Okay. Okay. This is from my... All the best, sir.
Thank you. Thank you.
Thank you. The next question is from the line of Ankit Shah from JHP Securities Private Limited. Please go ahead. Your line is unmuted. Please go ahead.
Hello, am I audible now?
Yes, sir. Please proceed.
Thank you for taking up the question. I have a lot of questions. 23,000 and 370,000 pumps, the execution level is quite low. Any reason for such delay in execution under both the schemes?
Yes, इसमें actually क्या है, तो जो अभी digitalization कर रही है, भारत सरकार और सारे state मिलकर कर रहे हैं। इससे थोड़ा सा slow है। Sanction already भारत सरकार ने तीन लाख इक्कीस हजार pumps की दी हुई है। तीन लाख सत्रह हजार पांच सौ pumps की sanction दी हुई है। उसमें से कुछ ग्यारह हजार pumps already state से भी अपने done किए हुए हैं। उसमें से 35,000 जो मैंने अभी बताया, उसमें हम लोग पंद्रह हजार pumps install किए हैं।
Sorry, I didn't get your last line.
हमने पंद्रह हज़ार पंप्स इंस्टॉल किए हैं कुसुम टू में।
कुसुम टू में 15,000 किए हुए हैं। OK. And my second question is in the state of Rajasthan, Gujarat and MP, farmer share in KUSUM scheme is quite high as compared to other states. So how is the demand scenario in this case and are farmers ready to pay that much share?
हां जी, फार्मर शेयर्स का तो कहीं भी कोई इश्यू नहीं है क्योंकि ये स्कीम इतनी अच्छी है। लोग लाइन में लगा के खड़े हुए हैं। करीब 15 लाख पंप लोग लाइन में लेने के लिए तैयार हैं। अगर फार्मर शेयर लोग खड़े हुए हैं, सिर्फ स्टेट गवर्नमेंट अपने प्रोग्राम में बजट का प्लान कर ले तो ये सारी स्कीम और फास्ट चल सकती है। थोड़ी स्लो होने के कारण यही होता है कि बजट के पास स्टेट के पास बजट नहीं होता। थोड़ा स्लो हो रहा था। जो पोर्टल डेवलप कर लिए हैं, स्टेट ने महाराष्ट्र अपने महाराष्ट्र का बहुत अच्छा पोर्टल डेवलप हो चुका है। हरियाणा ने कर दिया है। राजस्थान अभी करने की स्थिति में है। पंजाब भी कर रहा है तो ये और और फास्ट होगी। जितनी जितनी जल्दी डिजिटलाइजेशन होगा, पंप का सिस्टम का उससे और फास्ट होगा। फार्मर शेयर का कोई इश्यू नहीं है।
ओके इश्यू नहीं है। ओके और थर्ड क्वेश्चन है मेरा मार्जिन से रिलेटेड कि अपना जो ग्रॉस मार्जिन है ना, वो काफी थ्री पॉइंट से रिड्यूस हुआ है। कोई रीजन है उसका कि इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन पास नहीं कर पा रहे कस्टमर्स को। इसमें कुछ इश्यू दिख रहा है।
बिल्कुल, आपकी बात बिल्कुल सही है, क्योंकि यूक्रेन की वजह से स्टेनलेस स्टील की, कॉपर की, डीजल की, पेट्रोल की और एमएस की प्राइस में बहुत ज्यादा फल पड़ा था। करीब 7% से 10% बढ़ा हुआ था और सोलर पैनल की प्राइस भी बढ़ी है तो उसकी वजह से हमारा मार्जिन पर थोड़ा प्रेशर था। लेकिन हां, अब इस क्वार्टर में हम देख रहे हैं मार्केट में 3% से 4% प्राइस नीचे आ गई है और आ रही दिख रही है। इसमें साढ़े 7% आ गई है। करीब 6% के आसपास स्टील में आ चुकी है तो आने वाले क्वार्टर में हमको अच्छे मार्जिन की संभावना है।
अभी प्राइस हाई किया हुआ है कुसुम टू स्कीम में।
जी।
कुसुम टू स्कीम में कुछ प्राइस हाई लिया हुआ है कंपनी ने।
अभी कुसुम टू में प्राइस था, लेकिन अभी वो भी उसकी भी और आगे आवश्यकता है। आने वाले समय में हम चाहेंगे कि कुसुम स्कीम की प्राइसिंग और अच्छी सुधरे।
मतलब किया होगा ना। प्राइस कुछ नहीं किया होगा। Compare to KUSUM 2.0.
यस यस।
किया होगा।
और requirement है। raw material के rate बढ़े हैं।
हां! आवाज नहीं आ रहा। हेलो।
अभी आवाज़ आ रहा है आपको मेरा।
हां आ रहा है।
जो कुसुम वन से कुसुम टू में कुछ प्राइस मिला था, लेकिन वो उसके सामने जीरो है, जो हमारे रॉ मटेरियल के प्राइस बढ़े हुए हैं। तो रॉ मटेरियल के प्राइस पिछले क्वार्टर में हाई थे। अब धीरे धीरे नीचे आ रहे हैं। अभी सबको पता है हमको कि स्टील और में प्राइस नीचे आई है।
तो ये जो प्राइस हाई किया हुआ है, उसकी वजह से स्टेट गवर्नमेंट और सेंट्रल गवर्नमेंट में कुछ इश्यूज नहीं आ रहे। एलोकेशन फंड्स के लिए कुसुम स्कीम में।
कोई बहुत ज्यादा नहीं है। उसमें कोई इश्यू नहीं है।
इसमें इश्यू नहीं है ना उसमें। ओके थैंक यू। थैंक यू फॉर मच।
Thank you. Next question from the line of Forum Makim from Equitree Capital. Please go ahead.
हेलो।
यस।
हेलो सर, हमने प्रीवियस क्वार्टर में बोला था कि हमने कुछ 9,000 पंप्स इंस्टॉल किए थे। लेकिन अभी इस क्वार्टर में हमने सिर्फ 6,000 पंप्स इंस्टॉल किए। तो इसका क्या कारण है?
देखिए, अभी हमने जो इस क्वार्टर में इंस्टॉल किए हैं, वो 6,000 पंप्स इंस्टॉल किए हैं और टोटल कुसुम 2 में हमने 15,000 पंप इंस्टॉल किए हैं। जो कुसुम 2 में टोटल इंस्टॉलेशन अभी तक हुआ है, वो हुआ है 32,757, मतलब 32,757। उसमें हमारा वैल्यू शेयर है 46%।
राइट, सो व्हाट इज द रीजन कि इतना स्लो इंप्लीमेंटेशन क्यों हो रहा है? अभी तो काफी टाइम हो गया है, ये स्कीम को आकर।
Yes, yes, State Government और भारत सरकार ने दोनों ने मिलकर तय किया है कि वो करने जा रहा है, portal लगाने जा रहे हैं और उसको सब कुछ सारी activity मतलब इसमें decision maker farmer है तो farmers के पास में digital portal के through सारे information जानी चाहिए कि कौन सी, कितने pump की requirement है, कौन सी requirement है, कौन सा farmer कहां पर है तो सारा portal develop हो गया है, जिसमें थोड़ा time लगा और अब मुझे लगता है कि आने वाले समय में थोड़ा और fast होगा।
सर, ये जो ₹3 लाख कुछ पंप्स है, उसका टाइमलाइन क्या है इंस्टॉलेशन का।
भारत सरकार का स्कीम है। भारत सरकार की स्कीम में उन्होंने ऑलरेडी सैंक्शन करके रखा दिया है। तीन लाख ग्यारह हज़ार पंप। इसे चाहिए कि वो जल्दी जल्दी अपने फंड्स को उसमें प्लान करें। जहां जहां पे वो फंड्स प्लान करते जाएंगे, वहां वहां पे हम इंस्टॉल करते जाएंगे। जैसे की अभी आपने देखा हमने टोटल पच्चीस हज़ार सात सौ सत्तावन में से पंद्रह हज़ार पंप हमने इंस्टॉल किए।
ओके। तो ये स्टेट की साइड से थोड़ा डिले हो रहा है अभी।
Yes, yes, State की side से थोड़ा delay हो रहा है और ये जैसे ही हमारा portal develop हो रहा है, जो भारत सरकार बोल रही है, कुछ portal पे लेकर आइए, आप सारा transparency रखिए, वो develop हो गया है। अब speed आएगी ये सा हमारा मानना है।
तो सर, अभी नेक्स्ट क्वार्टर से हम क्या जान सकते हैं पम्प्स का?
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तो दूसरा क्या होता है कि Q1 में से भी छोटा ही होता है। हमारा हमेशा से Q1 छोटा होते आया है, क्योंकि वो बजट वगैरह उस समय खत्म हो जाते हैं और फिर से नए सिरे से बजट आने में टाइम लगता है और नए सिरे से पूरी प्रोग्रामिंग फिर से होती है। सारे स्टेट पूरा फिर से रिक्वायर करता है। फिर स्टेट का बजट आता है, फिर वो प्लानिंग करते हैं, फिर एग्जीक्यूट करते हैं। तो इसमें Q1 हमेशा ही स्लो रहता है तो इसका रास्ता भी भारत सरकार ने निकाला है। उन्होंने उसको एक अलग तरीके से अभी सिस्टम को लेकर जा रहे हैं तो अब आने वाले समय के लिए उन्होंने कुछ गाइडलाइन दी है कि Q1 छोटा नहीं हो। Q1 बजट के कारण स्कीम में डिले ना हो, उसके लिए उन्होंने एक बहुत अच्छा सिस्टम डिजाइन किया है। वो ऑलरेडी डिसाइड हो चुका है और स्टेट लोगों ने उसको एक्सेप्ट भी कर लिया है।
सर, ये स्कीम तो अभी पुरानी है ना? तो अभी अभी क्या इसमें बजट का कुछ करना है?
बजट तो हर साल ही करना पड़ेगा मैडम। जैसे स्टेट के बजट है, जैसे सेंट्रल का बजट है। सेंट्रल का बजट अब लैप्स नहीं होगा, लेकिन ये स्टेट का बजट तो हर साल अगर आपने काम नहीं किया तो बजट लैप्स होगा। मार्च का बजट लैप्स होगा। जनवरी, फरवरी में फिर से आएगा। ये तो अपने भारत सरकार, अपने स्टेट के रूल्स हैं।
Sir, ये time भी वो last हुआ था और अभी नया budget clear किया है इसके लिए।
Yes, सारे State को budget clear करना पड़ेगा।
तो सर, आपके हिसाब से ये ₹3 lakh जो pumps हैं, वो कब तक install होंगे? क्या timeline होगी? अभी तो सर July तो हो गया है तो अभी और।
आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है। बाकी लोग भी शायद यही क्वेश्चन का आंसर पूछना चाह रहे होंगे। लेकिन मेरा यह मानना है कि यह कंपनी शक्ति पंप्स 25% से 30% अपने टॉप लाइन में ग्रोथ करती रहेगी। यह मैं आपको एश्योरेंस दे सकता हूं और इस पर हम लोग काम कर रहे हैं और बहुत अच्छे तरीके से कर रहे हैं। कितने पंप होंगे, कितनी क्वांटिटी होगी, कहां की क्वांटिटी होगी, वह सब अब हमारे ऊपर है। बाकी हम टॉप लाइन में और बॉटम लाइन में अच्छे से ग्रोथ करते रहेंगे। कम से कम 25% से 30% हमारी टॉप लाइन में ग्रोथ हम करेंगे।
ओके सर और सर हमने हमारे प्रेजेंटेशन में मेंशन किया है कि FY24 में भी कुछ 3.5 लाख पंप्स होंगे, फिर 4 लाख पंप्स होंगे तो यह हम नंबर कहां से दे रहे हैं? व्हाट इज द विजिबिलिटी? व्हाट इज द कन्विक्शन दैट वी हैव? ऑलरेडी इंप्लीमेंटेशन इतना स्लो रहा है, पहले भी तो। तो नेक्स्ट ईयर और 24 में 25 में ये नंबर कैसे होगा?
हां, बिल्कुल होगा क्यों नहीं होगा? हम लोग पंप्स की बात कर रहे हैं। टोटल आगे चलके आगे चलके स्कीम और फास्ट होगी। ये स्कीम ₹17.5 लाख और ₹20 लाख और ₹40 लाख पंप की स्कीम है और इसमें बराबर ग्रो करेगी।
तो सर, ये 20 लाख पंप्स का जो बात हो रही है, उसका टाइमलाइन क्या है?
मैं आपको ये एश्योरेंस दे सकता हूं कि 25% से 30% हमारी टॉपलाइन में ग्रोथ रहेगी। नंबर्स के बारे में मैं आपके साथ अभी यहां आपको उसमें डिस्कस करके और किसी और में क्योंकि एक एक से एक एक पंप्स होते हैं और नंबर में मैं आपसे यहां एक्सक्यूज चाहूंगा। मैं आपसे ये बात कॉन्फिडेंस के साथ, मेरी टीम के साथ हमारी डिस्कशन होगी कि हम 25% से 30% ग्रोथ करते रहेंगे टॉप लाइन में।
ओके सर और सर, ये युगांडा के ऑर्डर का क्या स्टेटस है?
युगांडा के ऑर्डर के लिए मैं हमारे एक्सपोर्ट डायरेक्टर रमेश कुमार को बोलूंगा, वह आपसे बात करेंगे।
जी नमस्कार, हमारा युगांडा का ऑर्डर भी लगभग साइनिंग हो गया है और इसके रिजल्ट आपको Q3 में 100% मिलेंगे। जो बैंक गारंटी वगैरह का जो भी सबमिशन था, वो कंप्लीट हो गया। अप्रूवल वगैरह सारे प्रोसेस हो चुका है तो Q3 में इसके रिजल्ट आपको मिलेंगे।
और सर, हमने प्राइस रिवाइज़ प्राइस भी किया है वो।
सॉरी!
उसका काम चालू है। प्राइस के लिए रिवाइज्ड प्राइस पर भी काम चालू है, उसी के लिए डिले हो रहा है। प्राइसिंग पर हमारा काम चालू है, इसी के लिए वो डिले हो रहा है।
ओके सर, थैंक यू सो मच।
Thank you.
नेक्स्ट क्वेश्चन ऑन द लाइन ऑफ हार्दिक यास फ्रॉम इकोनॉमिक टाइम्स। प्लीज गो अहेड।
सर, मुझे ब्रेकअप चाहिए था अपने रेवेन्यू का।
Sorry, Mr. Yas, we cannot hear you clearly. You are sounding very soft.
Hello! Can you hear me now?
No sir, it is still sounding soft.
Can you hear me now?
No sir, I will question to you, you the handset mode while speaking and on the speaker phone.
Can you hear me now?
Sir, it's still sounding very soft.
हैलो, हैलो!
Sir, please proceed.
सर, मैं यह पूछना चाह रहा था कि साढ़े छह हज़ार पंप करीबन हम लोग ने इंस्टॉल किए हैं, इस क्वार्टर में तो उससे रेवेन्यू कितना आया होगा, अपने EPC से?
₹175 करोड़।
₹175 करोड़ आया है। उसमें से ₹40 करोड़ करीबन हुआ है। बाकी का जो है अपना, that is non-solar domestic business that we have.
Yes, you can say like that. इसमें कुछ जैसे करोड़ हमने DTC में भी किया है।
₹10 करोड़ DTC का आया है, जो आप बिहार का बात कर रहे हैं, last quarter.
बिहार का नहीं है। अभी बिहार में तो डेवलपमेंट चालू है। अभी बारिश चालू है। अगले क्वार्टर में बिहार का देखेंगे हम लोग। लेकिन यह राजस्थान का है।
यह राजस्थान का है। अच्छा ठीक है। अच्छा सर, हमने यह बताया था कि एक लाख दस हज़ार पंप का एटलीस्ट आप अवार्ड कर दिए हैं, टेंडर और ऑर्डर्स तो उसमें से पैंतीस हज़ार हो गए तो करीबन पचहत्तर हज़ार पंप उन्हें बाकी हैं। तो ये पचहत्तर हज़ार में से अपना शेयर कितना होना चाहिए, 60% का?
अभी देखिए जो अभी इस क्वार्टर में हमने देखा कि 45% हमारा मार्केट शेयर आ रहा है। अभी हमारा प्लानिंग है कि 32% से 40% हम मार्केट शेयर लेते रहेंगे। इस तरीके से हमने अपनी मार्केटिंग टीम को सेट किया है।
तो इसमें यह ₹1,10,000 पंप जो है, उससे यह नंबर बढ़ने की मतलब वो बढ़ेगा। वो नंबर तो वैसे अपना execution भी बढ़ेगा। तो यह साल में remaining three quarter अपना क्या? What is the guidance, number of pump to be install. Last में मुझे याद है, तब तक आपने कहा था कि approximately ₹1,00,000 pump install इसी में हो पाएंगे। अपने share में।
यस यस, आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है। मैं यहां फिर से बोलना चाहूंगा कि हम नंबर के गेम में नहीं होना चाहते हैं। एक एक में दस कंपनी हमारे प्रोडक्ट में हैं। मैं ये जरूर बोल सकता हूं कॉन्फिडेंस के साथ कि जो हमारी टॉप लाइन है, उसमें हम ग्रो करेंगे और कुसुम के साथ में नंबर्स की बात अगर हम अभी करें। ये जो देखा है, हमने कि हमारा 46% मार्केट शेयर पिछले क्वार्टर में आया।
ओके, तो सर एक्सपोर्ट्स में अपार्ट फ्रॉम अफ्रीका अपना एक्सपोर्ट बढ़ा है या मतलब व्हाट इज द रन रेट? क्वार्टर तो स्लो रहता है, आपने बताया और इसमें 40% एक्सपोर्ट हुआ है तो से ज्यादा रन रेट बढ़ेगा या क्या नहीं?
हमने युगांडा हमें छोड़ के हमने ₹150 करोड़ का हमारा एक्सपोर्ट का प्लान किया हुआ है और इसमें भी आप देखेंगे कि 25% की ग्रोथ हमने की है।
तो बाकी के क्वार्टर में रफली ₹200 करोड़ का एक्सपोर्ट होना चाहिए। राइट, राइट। छोड़ के जो रमेश जी ने बताया कि में चालू होगा, में अपने नंबर और जो करीब जो ऑर्डर है, उसमें से कितना एक्जीक्यूट होने की संभावना है।
उसमें आप ये मान के चलिए कि ₹50 से ₹60 करोड़ के आसपास फ्री में स्टार्ट हो जाएगा क्योंकि ये प्रोजेक्ट है। उसको पूरा एक साल में फिर आगे कंप्लीट करना है। तो फ्री में आप ₹50-60 करोड़ की देखेंगे, उसकी सेल।
और फोर में और थोड़ा ज्यादा आएगा। अच्छा और सोलर पैनल प्राइस सर जो आपने बताया था कि ₹20 से ₹24 हुए थे, लास्ट क्वार्टर में जो अभी प्राइस आर एट ₹24 ओनली है या ₹22 हुआ है, ₹26 हुआ है ऐसा कुछ।
इसी के आसपास है। आगे पीछे।
के आसपास और वहां से छः जाने की संभावना है या फिर वो कम होने की चांसेस ज्यादा हैं।
हमको लगता है कि सोलर प्राइस कम होगी और सोलर पैनल की प्राइस कम होगी आने वाले सालों में।
ठीक है सर, थैंक यू सो मच, माय साइड एंड ऑल द बेस्ट।
Thank you! Thank you, thank you very much.
Thank you. Next question from the line of Ajay Jain, an Investor. Please go ahead.
नमस्ते जी, नमस्ते साहब! ये मैं अभी आपने बताया कि ₹200 करोड़ का ऑर्डर बुक है तो ये कितने का है?
यह करीब हमारा ₹4,500 का टोटल ऑर्डर है जो हाथ में है।
एक आपने कोई इंटरव्यू दिया था। इसको इकोनॉमिक टाइम्स को ही तो उसमें आप बता रहे थे कि 20,000 पंप्स का ऑर्डर है कुसुम में।
नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं, नहीं नहीं, मेरे को लगता है कुछ confusion है इसमें। मैं देख के आपको clear करूंगा, लेकिन कुछ confusion में मैं पता कर रहा हूं।
ये आप जो 25%, 30% ग्रोथ की बात कर रहे हैं, without mentioning the numbers. ये क्या बिजनेस प्लान है या ऐसे ही आप expect कर रहे हैं और is that some from business plan और just अंश आपका है कि ये achieve हो जाएगा।
हां, हमारा प्लान है, बिजनेस प्लान है और आप अगर देखेंगे तो पिछले शक्ति के हिसाब से देखेंगे।
आपके कुछ नंबर्स भी तो होंगे ना। नंबर ऑफ पंप्स कितने आप बेचोगे? करंट ईयर में, नेक्स्ट ईयर में कुछ ऐसा भी तो होगा। कितने आप बेच पाओगे? कुसुम स्पेशली, कुसुम के स्कीम की बात कर रहा हूं।
हां, जैसा आपका क्वेश्चन बहुत अच्छा है। कुसुम की स्कीम में क्या है? भारत सरकार ने तो 40 लाख पंप का प्लान किया हुआ है।
किस पीरियड के लिए है? मतलब आप वो थोड़ा बताएंगे कि किस पीरियड में ये 40 लाख पंप लगेंगे, दो साल लगेंगे, दस साल लगेंगे, कितने साल में लगेंगे ये पंप। Because we as investor want to know कि आपके future में कितने KUSUM का contribution रहेगा। Basically this company आपने कई बार mention किया है कि ये company बनी ही KUSUM के लिए थी। We are also basing our foreside and forecast on KUSUM. तो हमें यह पता रहे कि कितना expected है कि हम कितने पंप KUSUM scheme में बेच पाएंगे। अगर मान लो चार साल लग गए, पांच साल लग गए, उतने period में तो कोई और manufacturer भी खड़ा हो सकता है हमारे सामने।
डेफिनेटली हम तो चाहेंगे कि कोई और मैन्युफैक्चरर आए, क्योंकि हमारे बस का नहीं है। ये पूरा ₹40 लाख को पूरा करना।
इसकी बस का कितना, ये जानना चाहते हैं इन्वेस्टर्स।
हमारी आज की प्रेजेंट कैपेसिटी 5 लाख पंप्स बनाने की है। हम एक साल में 5 लाख पंप्स बनाकर सप्लाई कर सकते हैं, जो अभी हमारे।
अगर एक लाख पंप का ऑर्डर आ जाए कल तो आप एक साल में कंप्लीट कर लोगे।
आप फिर से बोलेंगे ना आपका क्वेश्चन।
अगर आपको ₹1 लाख का ऑर्डर मिल जाए तो अभी आप जैसे बोल रहे हो। ₹4,500 का ऑर्डर है। ₹200 ₹1 लाख पंप का ऑर्डर मिल जाए तो इस साल में आप कंप्लीट कर पाओगे इसको।
हां, बिल्कुल कर पाएंगे, डेफिनिटली कर पाएंगे।
बट आपके एक्सपेक्टेशन में कितने पंप्स का ऑर्डर मिलना चाहिए आपको इस साल में?
बिल्कुल आप बिल्कुल सही बोल रहे हो। एक्चुअली हमने जो कुछ प्लानिंग की हुई है, कुसुम की आपको पता है, सब सारी चीजें हमने कुसुम के लिए ही कंपनी वाली और कुसुम के लिए हम काम कर रहे हैं। सोलर के लिए हम लोग काम कर रहे हैं। सोलर के क्षेत्र में हम लोग लीडर हैं और लीडर बने रहना चाहते हैं। तो हम लोग 30% हमारी जो टॉपलाइन की ग्रोथ को प्लान कर रहे हैं, उसके सारे नंबर में मैं कोई कमिटमेंट किसी भी इन्वेस्टर को इन्वेस्टर कॉल में या कभी मिलने में नहीं कर पाऊंगा।
हम्म हम्म!
सर, इन एडिशन अगर मैं बात करूं तो हमने जो लास्ट ईयर में क्वांटिटी की थी, वो करीब ₹3,000 की थी, जो इस बार हमारे ₹3,400 है। तो जो रेट हमको मिल रहा है, जो पेमेंट मिल रहा है, प्लस मार्केट शेयर मिल रहा है, उसके अकॉर्डिंग जो सर आपको ग्रोथ रेट बता रहे हैं, वो लगभग अचीवेबल है, ऐसा हमारा मानना है।
नहीं, I agree. आपने growth अच्छा किया है। अगर आप ₹3,17,000 या ₹3,11,000 pump को Government of India पहुंचाना चाहता है तो कोई तो plan होगा। कब तक ये complete करना चाहता है government, कितने period का ये tender है। आपको अगर मान लो इस period में price rise हो गया तो वो कैसे आप compensate करोगे? Those are all issues which have to be addressed by the company. Am I right?
राइट राइट, ये सारी सारी चीजें हमारे ध्यान में है, लेकिन इसको और फास्ट करने के लिए हमारे ध्यान में आज का छह हजार पंप नहीं है। हमारे ध्यान में साढ़े सत्रह लाख पंप है, जिसको कि भारत सरकार और स्टेट दोनों मिलकर इसको ऑटोमाइजेशन करने जा रही है, जो स्लो आप देख रहे हो। ये स्लो, ये जो अंदर काम करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो और तरीके हैं उसको इंप्रूव करने के लिए ही भारत सरकार भी चाह रही है और स्टेट भी चाह रही है। इसलिए यह पोर्टल बन रहा है। इसलिए यह डिजिटलाइजेशन हो रहा है कि इसको और फास्ट कैसे किया जाए, ये भी चाह रही है और भारत सरकार भी चाह रही है।
मेरा अंडरस्टैंडिंग यह है कि 2024-25 तक तो यह पूरी स्कीम खत्म ही हो जानी चाहिए थी। उसके हिसाब से कुछ भी प्रोग्रेस नहीं।
हां, अभी तक तो पायलट प्रोजेक्ट ही चले हैं।
ठीक है। Thank you sir, thank you.
Thank you. Next question from the line of Sanjay Kumar from iThought PMS. Please go ahead.
हेलो।
हां, संजय जी बोलिए।
Just an extension to the previous question, so we have 5 lakh pumps just here but we had, I think we have given an order to KSB in the last quarter of the previous quarter. Have we outsourcing some of the pumps to KSB? You give the number of this quarter and will it continue?
नहीं नहीं, आप तो पहले आप ही बताइए, जो नाम आप ले रहे हो, ये कहां से आया आपके पास?
KSB ने बताया था उन्होंने उनका कॉन्फ्रेंस कॉल में।
क्या बताया था उन्होंने।
हां!
उन्होंने क्या बताया था?
Around INR 5 crore of orders from.
ओके, ओके ओके दिस इज़ हंड्रेड परसेंट लाई। है ना? मैं आपको ऑन रिकॉर्ड बोलता हूं कि हमारा किसी भी पंप कंपनी से कोई लेना देना नहीं है देश की। ना हम किसी KSB कंपनी को कोई एक पंप का ऑर्डर देते हैं, ना हम किसी दूसरी कंपनी को ऑर्डर देते हैं। हमारी खुद की कैपेसिटी खाली है और पांच लाख पंप की हमारी कैपेसिटी है।
ओके।
कोई हम KSB कंपनी को, कंपनी को किसी को ऑर्डर पास ऑन नहीं कर रहे हैं और हम अपनी अपनी कैपेसिटी को enhance करने में लगे हैं अभी तो।
Okay sir, just another question for tracking, where do we buy our panel from which supplier.
Yes, हमारे पास हिंदुस्तान के दो domestic manufacturers हैं। दो और तीन हैं, उनसे हम purchase कर रहे हैं। बड़े उसमें Kolei अधिकारी है और एक दो लोग और हैं।
ओके, ओके सर, थैंक यू।
Thank you. Thank you Sanjay.
Thank you. We will move on to the next question from the line of Anurag Patil from Roha Asset Managers. Please go ahead.
Thanks for the opportunity. Sir, Q1 के end में हमारा total debt कितना होगा अभी?
देखिए, कंपनी डेट हमारा तो टर्म लोन जो है तो ₹15 करोड़ का ही है। इसमें हम लोग सिर्फ जो हमारी, हमारी जो वर्किंग कैपिटल के लिए जो रिक्वायरमेंट रहती है, उसके लिए हमारे पास है, जो कि वर्किंग कैपिटल के लिए आने पड़ा है। तो दिनेश आपको इसका और अच्छे से जवाब देंगे।
सर, अगर देखते हैं तो जून एंड में हमारा जो टर्म लोन था, वो करीब ₹40 करोड़ था और जो वर्किंग कैपिटल यूटिलाइजेशन वो करीब ₹226 करोड़ है।
₹26 करोड़ तो सर ये शायद around ₹102 करोड़ कुछ तो था। Q4 के end में basically total debt वो भी बढ़ गया, including working capital में, correct I am saying.
इसको बढ़ने का कारण है। हम लोगों ने कुछ स्टॉक बढ़ाया है। Because of raw material capability, इसके लिए स्टॉक बढ़ाना पड़ा था हमको। तो हमारा कुछ volume बढ़ा है। ये दो कारणों से ये working हुआ है और अब payment वापस आने लगा है। क्योंकि budget के जो quarter होता है, उसमें state के पास budget नहीं होता। पैसा नहीं देते time पे, तो वो पैसा अब आने लगा है। Start हो गए हैं। Budget हम लोगों ने plan कर लिया है और इस quarter में भी अच्छा हमको recovery मिला है।
सर, टोटल नेट वर्किंग कैपिटल यह साल के लिए आप कितना एक्सपेक्ट कर रहे हैं? सस्टेनेबल एनुअल बेसिस पे।
हमारी अभी बात की चली गई। जो साइकिल है, हमारी 90 से 100 दिन के आसपास साइकिल है। कभी कभी 120 दिन भी होता है। Average आप 100 दिन मान सकते हैं।
ओके, एक सौ दस दिन का एनुअल मेंटेन कर लेंगे। और सर, यह हमारी जो सब्सिडियरी है, ईवी रिलेटेड उसमें कुछ अपडेट है?
इसमें हमने लैंड हमको मध्य प्रदेश सरकार ने अलॉट करके दिए हैं। हमको 7.1 एकड़ लैंड अलॉट हो गई है और उसका हम इस क्वार्टर में शुरू स्टार्ट करेंगे और उसमें प्रोडक्शन आते आते और रेवेन्यू आते आते करीब 18 महीने, उसमें 18 से 20 महीने लगेंगे। लेकिन लैंड हमको मिल चुकी है। लैंड अलॉट हो चुकी है, उसका काम चालू हो गया है। हमने काम चालू कर दिया है और उसमें प्रोसेस स्टार्ट है।
और दूसरा मेरा एक सवाल था कि जो EV के बड़े प्लेयर हैं, उनको सप्लाई करने के लिए भी काफी कॉम्पिटिशन है। ग्लोबल और लोकल में बहुत सारी कंपनी है तो हमारा मतलब डिफरेंशिएटिंग फैक्टर क्या रहेगा? जिसकी वजह से OEM हमें प्रेफर करेंगे, यह मोटर सप्लाई के लिए।
क्या है कि हम लोग मोबाइल मैन्युफैक्चरर है। पिछले तीस साल से मोटर बनाने का जो हमारा एक्सपीरियंस है और हमने इतनी सारी मोटर्स बनाई है तो उसका एक्सपीरियंस हमको मिलेगा और सेटअप का फायदा हमको मिलेगा। दूसरा हम लोग पिछले छह साल से कंट्रोलर बना रहे हैं। इंडिया में कोई कंट्रोलर नहीं बना रहा है। इंडिया में कोई ईवी मोटर बनाने के लिए अभी तक किसी ने बहुत ज्यादा काम नहीं किया है। तो हमारा ऐसा मानना है कि हम उनसे आगे होंगे और टेक्निकली हम सब चीजें समझते हैं तो जो हमारे दूसरे कॉम्पिटर हैं, उनसे तो हम आगे ही रहेंगे।
ओके सर, धन्यवाद! थैंक यू।
Thank you.
Thank you. The next question is from the line of Senthilkumar from Joindre Capital Services Private Limited. Please go ahead.
Hello, am I audible.
Yes.
Thanks for the opportunity. I just want to know what is the data beyond six months, as a percentage of total receivables sir.
आपकी आवाज बराबर नहीं है, कैसे बोलेंगे?
Sorry, sorry, I don't know Hindi.
क्वेशन रिपीट करेंगे।
I just want to know data beyond six months, percentage of receivable.
डेटा बियॉन्ड सिक्स मंथ्स। मैं आपको एक मेल दे दूंगा। आपको उसमें दे दूंगा। आपको सेपरेटली मैं दे दिया है, राइट।
Okay, okay. I have another question, so the revenue mix you have given in present, the contribution decreases from 20% in FY to 3% in FY. Can I have the reason for that? OEM contribution.
Can you please repeat your question again?
No, the revenue contribution, the OEM customer contribution, which was 20% in FY 2022, decreased to 3% in FY 2023. What is the reason? Will there be any change in that?
From which, from which are you asking?
No, I am asking from the present you have given, slide number nine.
OEM कंट्रिब्यूशन।
या, OEM कस्टमर कॉन्ट्रिब्यूशन, रेवेन्यू कॉन्ट्रिब्यूशन। डिक्रीज टू पॉइंट थ्री परसेंट।
परफेक्टली, yes परफेक्टली राइट। 20% टू 3%। दिस इज OEM बिजनेस। दिस इज स्पेसिफिकली वी हैव डिसाइड टू नॉट सेल OEM। वी आर, वी आर डूइंग करेंटली EPC प्रोजेक्ट इन सम स्कीम्स। सो दिस इज कंपनी पॉलिसी। वी हैव डिसाइड टू नॉट सेल इन OEM बिजनेस, राइट।
ओके, ओके। थैंक यू।
Thank you. Next question is from the line of Akshay Kothari from Envision Capital. Please go ahead.
या, थैंक्स फॉर द अपॉर्चुनिटी। सर, मुझे बस इतना जानना था कि एक्जिस्टिंग जो डीजल पंप है, जिसको गवर्नमेंट चेंज करने की कोशिश कर रही है, उसकी प्राइस क्या होगी? जो हमारी सोलर पंप की प्राइस है और गवर्नमेंट कितना सब्सिडी दे रही है इसमें?
भारत सरकार इसमें 30%, 35% सब्सिडी भारत सरकार देती है। स्टेट मिनिमम 30% देती है। कोई स्टेट और भी देती है। इसलिए फार्मर शेयर किसी का 20%, किसी को 25% आता है। जो इलेक्ट्रिकल पंप की प्राइस है, वह ₹1 लाख पंप की प्राइस पड़ती है और उसको लाइन कनेक्शन के लिए दो तीन साल इंतजार करना पड़ता है और जो पंप है उसकी प्राइस ₹2.5 लाख है। तो ₹2.5 लाख सोलर पंप की प्राइस ज्यादा है, लेकिन वो शुरू हो जाता है और बिना बिजली के पानी कर देता है।
ओके, ओके थैंक यू एंड ऑल द बेस्ट।
थैंक यू! थैंक यू।
Thank you. The next question is from the line of Rahul G from BR Investment. Please go ahead.
नमस्ते सर!
नमस्ते।
हमने क्वालिटी की लिए रखी है तो हम कहना चाहते हैं कि हमने अच्छा किया लेकिन।
हमने भी आपके बराबर बड़ी क्वालिटी लेकर रखी है, जो मेरे पास है, तो हम सोच रहे हैं सर, आपसे क्वालिटी नहीं ले सकते। हम कम हो जाएंगे, आपकी क्वालिटी तो। राहुल जी, आपको निराश नहीं करेगी कंपनी कभी भी, अब तक नहीं किया है। आप अगर देखेंगे शक्ति पंप की स्टोरी को तो ₹10 में 1995 में हम पब्लिक इश्यू लाए थे, बाद में बोनस दिया और आज आपके सामने हर साल हम बोनस डिविडेंड देने वाली कंपनी भी रही है। वर्षों से तो हमारी कोशिश है कि हम अपने शेयरहोल्डर को जितना अच्छा वैल्यूएशन दे सके, जितना अच्छा उनकी कंपनी को बना सकते हैं, इतना आप की अच्छी की तरह काम कर रहे हैं इस कंपनी में।
हम आपका शुक्रिया मानें, हम वापस फोन कॉल में आएंगे और आपका शुक्रिया मानेंगे। यदि आपकी हमारी खराब होता है तो।
बिल्कुल, बिल्कुल खराब रहेगा।
ओके थैंक यू।
Thank you, thank you!
Thank you. Next question is from the line of Keshav from RakSan Investors. Please go ahead. Keshav, your line is on mute. Please go ahead.
Hello, I am Audible.
Yes sir, please proceed.
या, सो दो करोड़ ऑर्डर जो हमारी है तो इसमें कुसुम की है या एक्स कुसुम है?
This is only KUSUM order book.
ओके सर, ओके एंड सर यह जो ₹175 करोड़ का EPC बिजनेस किया था, हमने पिछले क्वार्टर में वह भी एंटायर्ली कुसुम का है या फिर वो उससे भी नॉन कुसुम बिजनेस था।
कुसुम 100% कुसुम।
सो सर, ₹1.75 करोड़ 6,000 पंप्स के लिए रफली रियलाइजेशन है। ₹2.9 लाख और ₹200 करोड़ फॉर 9,000 पंप्स रियलाइजेशन, द रियलाइजेशन कम्स डाउन टू ₹2.2 लाख। सो यह डिफरेंस इतना। क्या मतलब प्रोडक्ट मिक्स में रहते हैं? पावर पंप हैं, हमारे इस मतलब जानने में।
ऐसा है ना। हमारा एक HP का पंप ₹1,15,000 का है। दस HP का पंप ₹4,50,000 का है। तो इसमें अगर मिक्स करते हैं, एक HP, दो HP, तीन HP, पांच HP, साढ़े सात HP, दस HP पंप है।
ठीक है सर और हमारे जैसे पांच से सात साल पहले देखें तो हमारा मिडिल ईस्टर्न मार्केट यूज़्ड टू बी वेरी बिग और अभी वी आर सीइंग रिसर्जेंस ऑफ क्रूड। सो मतलब दो प्राइस कमिंग डाउन, बट स्ट्रक्चरली द ग्लोबल इकोनॉमी इज स्टेबल। वी डोंट हैव एनी सप्लाई साइड इंडिकेशन, जिसके जो कि क्रूड प्राइस जो है, बहुत नीचे जाने वाला है अगले कुछ सालों में। तो क्या वहां पर अभी डिमांड है हमारे प्रोडक्ट्स के लिए और हम क्या फोकस कर रहे हैं?
एक्सपोर्ट बिजनेस में yes, हम फोकस कर रहे हैं और क्रूड वाला इफेक्ट हमको नहीं होता है। जैसे सऊदी में हम लोग पंप सप्लाई करते हैं, तो सऊदी में जो जहां पंप सप्लाई करते हैं, वहां एग्रीकल्चर सेक्टर से जहां पर हम लोग पंप सप्लाई करते हैं। अगर आप दुबई की बात करेंगे तो वहां दुबई में जहां एग्रीकल्चर सेक्टर है, वहां हम पंप सप्लाई करते हैं। आप अगर बात करेंगे इसकी यमन की या सीरिया की, जहां हम लोग अभी नहीं काम कर रहे हैं। अगर अभी आप बात करेंगे इराक की, yes, हम इराक में काम कर रहे हैं, लेकिन वो एग्रीकल्चर सेक्टर में काम कर रहे हैं, जो हमारे सेक्टर को फूड से कोई लेना देना नहीं है। हम लोग पंप की कंपनी है, जहां पर पानी मिलेगा, वो लोग एग्रीकल्चर काम करेंगे और उनको एग्रीकल्चर।
नहीं नहीं सर, मेरा मतलब था, मैं पॉजिटिव इंपैक्ट स्टेट्स मतलब क्रूड, क्रूड वेल, द इकोनॉमी डिपेंड्स ऑन इट तो स्टेट स्पॉन्सर्ड। वहां पर क्या ऐसी स्कीम का हमें बेनिफिट मिलता है कि दे ऑल्सो गो फॉर मोर सोलर हाइड्रेशन करें, वह भी कम फॉरवर्ड। मतलब आर वी लुकिंग इन द डायरेक्शन कि उसको हम फिर से स्ट्रेंथन अप करें, इस मार्केट को।
हां, राइट, हम लोग सोलर के लिए अप्रोच कर रहे हैं। हमारी टीम जा रही है सोलर के लिए सभी जगह अप्रोच करने लिए। बट जो जो वाटर सप्लाई स्कीम और जो एग्रीकल्चर स्कीम जो पहले हुआ था, पिछले दस साल, पंद्रह साल पहले जो सपोर्ट दुबई में भी मिलता था और सऊदी में भी मिलता था। तो सपोर्ट आजकल उनकी गवर्नमेंट ने उसको हटा दिया है। वहां से वो अभी आजकल जो एग्रीकल्चर सेक्टर है, वो खुद सस्टेनेबल बन गया है। तो वो ही अपने हिसाब से उसको वहां पर। अब गवर्नमेंट की स्कीम वहां पर खास कर पंप्स के लिए नहीं है।
ओके सर, सर, लास्ट क्वेश्चन है यह कि हमारा इंस्टॉलेशन मानसून और नॉन मानसून मंथ के हिसाब से कैसे वैरी करते हैं? कुछ वैरियेशन आता है क्या उसमें?
हां, थोड़ा सा जब मानसून होता है तो थोड़ा स्लो हो जाता है इंस्टॉलेशन।
ओके ठीक है सर। थैंक्स अ लॉट सर। ऑल द बेस्ट।
थैंक यू! थैंक यू।
Thank you. Next question is from the line of Sunil Ahuja from Ahuja Consultants. Please go ahead.
गुड इवनिंग।
जी सर।
आपने जो यह ग्रोथ बोलते हैं, 21% करेंगे। यह आपका क्या सीक्वेंशियल ग्रोथ है या ईयर ऑन ईयर ग्रोथ है?
Year -on -year growth है।
ईयर ऑन ईयर ग्रोथ है तो मतलब पिछले साल यह क्वार्टर में आपने किया था, लगभग एक सौ सैंतालीस करोड़। इस बार तो कहीं एटी परसेंट ग्रोथ हो गया। तो आप बोल दे तो आपके हिसाब से हज़ार करोड़ में बारह सौ, साढ़े बारह सौ करोड़ होना चाहिए। इस साल आपकी बात से उसमें एक यह दो ढाई सौ करोड़ इस बार ही हो गया। तो अगले क्वार्टर में यू आर नॉट एक्सपेक्टिंग ए गुड ग्रोथ। क्योंकि सौ करोड़ तो यहां से आ गया। आपको ढाई सौ करोड़ जो ग्रोथ है, आप जो बोल रहे हो साल के लिए उसमें सौ करोड़ तो इस बार ही आ गया। मतलब ऑल द क्वार्टर विल बी ऑलमोस्ट मुव्ड इट। लाइक पच्चीस तीस करोड़ करके इसका सेल हो सकता है। कभी ऐसा है क्या?
हमने देखिए ₹1,280 करोड़ का year-on-year में जो हमने जो ₹1,280 करोड़ का हमारा sales था।
हम बोल रहे हैं आपको जो गाइडलाइन दे रहे हैं, % पर year -on -year ग्रोथ करेंगे।
हां, वो तो करोगे। मगर तीन साल के एक क्वार्टर में तो ₹100 करोड़ हो गया। उसमें से अभी तो सब इसलिए बोल रहा हूं। अगले तीन क्वार्टर जो होगा, पिछले साल का यही तीन क्वार्टर जो है, उसमें से आपको ₹300 करोड़ में ₹100 करोड़ चला गया। रह गया आपके हाथ में और ₹200 करोड़ ग्रोथ करने का। मतलब तीन साल में तीन क्वार्टर में ग्रोथ होगा। नहीं तो आपको इस हिसाब से तो नहीं adopt करोगे। कोई ग्रोथ नहीं हो रहा है। एक तरफ आप बोल रहे हो पर ग्रोथ करेंगे और इस क्वार्टर में आपने almost ₹100 करोड़ तक ग्रोथ आपने कर दिया।
Sir, the line for management है। Disconnect disconnect management team। Thank you for patiently holding we have lines। Management connect over to you sir।
Yes, तो मेरा question यही है कि आपका साल में जो ₹250 करोड़ से ₹300 करोड़ तक growth करने का बात आप कर रहे हो, उसमें से ₹100 करोड़ तो अभी इस quarter में हो गया। तो आपको रह गया और ₹150 करोड़ extra growth देने का तीन quarter में ₹50 करोड़ करके ले लिया। मतलब whole year तीन quarter तो नहीं है। ऐसे है क्या? मैं क्या पिछले बार आपने बोले थे क्या? करीब ₹1 लाख target है। हम लोग को करने के लिए छह quarter में एक quarter में तो हुआ है। ₹6,000 साढ़े ₹6,000। What you are saying it is not problem you know, I am facing to my people, investing on my words.
मैं आपको फिर से बोलता हूं, एक लाख हम लोग इंस्टॉल कर सकते हैं, सप्लाई भी कर सकते हैं। हमारी कैपेसिटी भी है। बट जो स्कीम स्लो चल रही है, उसको उन्होंने भारत सरकार ने इम्प्रूवमेंट करने के लिए कुछ उसमें ऑटोमाइजेशन किए हैं। उन पर कुछ पोर्टल डेवलपमेंट चालू है। उसमें कुछ स्टेट गवर्नमेंट के पोर्टल बने हैं, कुछ बनने जा रहे हैं, कुछ बन चुके हैं तो उसकी वजह से जो काम है, वह तीन लोगों का काम है। एक इसमें नंबर वन। भारत सरकार ने ऑलरेडी उसका काम किया है। नंबर टू स्टेट गवर्नमेंट अपना काम कर रही है। नंबर थ्री हमको पंप सप्लाई करना है। नंबर फोर हमको कस्टमर बनाना है। कस्टमर ऑलरेडी है और हम उस लाइन पर काम कर रहे हैं। तो इसीलिए मैं आपको नंबर का कमिटमेंट इस कॉल में नहीं दे पा रहा हूं, क्योंकि मुझे नंबर देके मुझे ऐसा लगता है कि मुझे वह नंबर नहीं देना चाहिए। मुझे 25% से 20% ग्रो करने का जो हमारा है, हमारी टीम का और जो हमारी जो दिख रहा है, उसको हमको बोलना चाहिए, क्योंकि नंबर मेरे हाथ में नहीं है। मेरे हाथ में परफॉर्मेंस है, जो परफॉर्मेंस मैं दे पा रहा हूं आपको।
हां, मतलब जो ग्रोथ आप बोल रहे हो, उसमें ₹100 करोड़ ऑलरेडी हम लोग को मिल गया तो रहेगा आपके हाथ में और ₹150 करोड़। क्योंकि आपको लगभग ₹250 से ₹300 करोड़ एक्स्ट्रा ग्रोथ है। इस साल में तो आप ये भी इयर ऑन इयर, ये भी सिक्वेंशियल ग्रोथ। ठीक है तब तो आपको सेल तो।
मैं आपको इन्विटेशन देता हूं। आप हमारी फैक्ट्री में आइए, most welcome। मैं आपको सारा फैक्ट्री का हमारा capacity दिखाऊंगा।
हमारा नहीं साहब, I am not doubting sir, I am not doubting. You are a very good company. I am not saying about that. मैं बोल रहा हूं। आप जो growth बोल रहे हैं, 23%, 24% sequential growth। मतलब quarter on quarter last quarter में आपने दिए थे करीब ₹400 करोड़ का। इन March quarter तो sequential growth होगा तो ₹400 करोड़ पर 30% होगा और suppose हमने तो पिछले साल का year -on -year पिछले साल का first quarter, इस साल का first quarter बोलोगे तो then figure will come out different। आप sequential growth 30% बोलोगे then it is a different figure, total yearly figure। But if you are talking about the year - on -year figure, then it is not adding up। What you are saying?
मतलब पहले तीन क्वार्टर साहब आपका आपके मुताबिक, suppose you are going to give an annual 20%, 50% growth. ₹1,100 करोड़ का 20%, 30% growth तो होगा। ₹1,400 करोड़ या ₹1,300 करोड़ जो भी हो, उसमें से हमने ₹250 करोड़ तो मिल गया हमको। मतलब आगे तीन quarter में मेरे को मिलना होगा। ₹900, ₹950 करोड़, ₹300, ₹350 करोड़ का sale कर लेते हैं तो तब तो growth का कोई you know नहीं मिल रहा है। My question, question is year-on-year growth. उसमें से ₹100 करोड़ आपने कर दिया, which happen only at the highest price of raw material तो margin तो खा गए वहां पे। अगले तीन quarter में थोड़ा margin यहां पे मिलने जा रहा है हम लोग को थोड़ा सा, उसमें तो हमारा sale extra नहीं हो रहा है। Am I clear to you.
सर, मैं इसमें एक छोटी सी चीज़ ऐड करना चाहूंगा।
बोलिए।
आप ₹150 करोड़ के क्वार्टर से मेरा compare कर रहे हैं। Last year में जो मेरी history है, उसमें मैंने दो quarter ऐसे किए हैं, जो मेरे record थे। कि मतलब एक maximum revenue जो है ना, उसमें generate किया है। September correct। उसको मुझे maintain करना है। Plus 20% year-on-year basis पर आपको growth भी देना है।
तो आप नहीं।
मतलब कमिटेड है और वो हम करने की कोशिश भी पूरी टीम कर रही है।
नहीं नहीं, I am not doubting, I am not doubting. मैं आपको doubt नहीं कर रहा हूं। आपने जो बोला है, उसमें तो थोड़ा mismatch हो रहा है। हिसाब नहीं क्योंकि if you, if you, if you are under pressure, you have to tell the truth, that's a different issue. क्योंकि आप पिछली बार बोले थे, हमको इससे ज्यादा बोलने का नहीं है। तो पिछली बार आपने बोले थे, पिछली बार ऐसे आपने बोले थे कि इससे ज्यादा हम नहीं बोल सकते अभी। तो my question is to be, to be a investor and some people, I want to know. हमारे जो इस साल में end of the year हम लोग को इतना भी करना है तो क्या sequential growth में आप 30% देख सकते हो? मतलब पिछले साल का suppose second quarter में। हां बोलिए। ये यहां पे भी थोड़ा doubt आ रहा है।
आपको डाउट करने की नहीं है। क्वार्टर ऑन क्वार्टर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और हमने आपको जो जो गाइडलाइन दी है, वह सर्जरिली दी है और अच्छा करने की कोशिश करेंगे। थैंक यू!
Okay.
Thank you. Ladies and gentlemen, that is the last question. I now hand the call over to Mr. Dinesh Patidar for closing comments.
Thank you very much. आप सब लोग पधारे, इसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। Thanks! Thank you very much.
Thank you. Ladies and gentlemen, on behalf of Shakti Pumps India Limited, that ends this conference call. Thank you for joining us. You may now disconnect your lines. Thank you!